क्या रांची में एक करोड़ की लेवी वसूली की तैयारी कर रहे चार माओवादी नक्सली गिरफ्तार हुए?
सारांश
मुख्य बातें
रांची, 14 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में एक करोड़ रुपए की लेवी वसूली की योजना बना रहे भाकपा (माओवादी) के चार सक्रिय सदस्यों को रांची पुलिस ने पकड़ लिया है। ये सभी व्यवसायियों, ठेकेदारों और ईंट-भट्ठा मालिकों से जबरन वसूली करने की योजना में थे।
रांची के डीआईजी और एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गिरफ्तार आरोपियों में योगेंद्र गंझू उर्फ पवन, मुकेश गंझू, मनु गंझू और राजकुमार नाहक शामिल हैं। ये सभी रांची के खलारी और मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्रों के बक्सी बंगला चट्टी नदी के करीब इकट्ठा हुए थे और लेवी वसूली की योजना बना रहे थे।
पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और चारों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक लोडेड देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस, नक्सली पर्चे और वसूली के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
मुख्य आरोपी योगेंद्र गंझू वर्ष 2006 से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ है और कई बार पुलिस मुठभेड़ों में शामिल रह चुका है। वह कई बार जेल जा चुका है और हाल ही में 2022 में रिहा हुआ था। उसके खिलाफ लातेहार, बालूमाथ, गारू और पांकी जैसे थानों में 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एक अन्य आरोपी मुकेश गंझू के खिलाफ भी पलामू, लातेहार और लोहरदगा में आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया गया है कि नक्सलियों ने 25 जून को सीसीएल के महाप्रबंधक कार्यालय में कार्यरत एक कर्मी से 2 जुलाई तक एक करोड़ रुपए की लेवी की मांग की थी। मांग पूरी न होने पर उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इस संबंध में खलारी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि संगठन के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि माओवादी गतिविधियों और अवैध वसूली में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।