13 जुलाई 2026
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पीएलएफआई सुप्रीमो अमृत होरो गिरफ्तार: रांची पुलिस ने दबोचा ₹10 लाख का इनामी कमांडर

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पीएलएफआई सुप्रीमो अमृत होरो गिरफ्तार: रांची पुलिस ने दबोचा ₹10 लाख का इनामी कमांडर

सारांश

रांची पुलिस ने जमाकेल गांव में शादी समारोह के दौरान घेराबंदी कर पीएलएफआई के सुप्रीमो कमांडर अमृत होरो को दबोचा — जिस पर झारखंड सरकार ने ₹10 लाख का इनाम रखा था। डेढ़ वर्ष पहले मुठभेड़ में बचकर निकले इस कमांडर की गिरफ्तारी को संगठन के लिए निर्णायक झटका माना जा रहा है।

मुख्य बातें

रांची पुलिस ने 28 मई को देर रात पीएलएफआई सुप्रीमो कमांडर अमृत होरो को गिरफ्तार किया।
झारखंड सरकार ने उस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।
गिरफ्तारी रांची-खूंटी सीमावर्ती जमाकेल गांव में एक शादी समारोह के दौरान QRT और विशेष टीम की घेराबंदी से हुई।
होरो के खिलाफ रंगदारी, लेवी वसूली, आगजनी, फायरिंग और पुलिस मुठभेड़ के कई मामले दर्ज हैं।
करीब डेढ़ वर्ष पहले मुठभेड़ में बचकर निकला था; खूंटी पुलिस भी पूछताछ करेगी।
पुलिस अब संगठन के अन्य सदस्यों और हथियार ठिकानों की जानकारी जुटाने में लगी है।

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो कमांडर अमृत होरो को रांची पुलिस ने 28 मई को देर रात गिरफ्तार कर लिया। झारखंड सरकार ने उस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। उसकी गिरफ्तारी को पीएलएफआई संगठन के लिए निर्णायक झटका माना जा रहा है।

कैसे हुई गिरफ्तारी

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि अमृत होरो रांची-खूंटी सीमावर्ती इलाके के जमाकेल गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने वाला है। यह गांव उसका मूल निवास भी है। सूचना मिलते ही क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और अन्य विशेष पुलिस बलों को तत्काल तैनात किया गया। इलाके की व्यापक घेराबंदी के बाद योजनाबद्ध छापेमारी में उसे रात के अंधेरे में दबोच लिया गया।

लंबे समय से था फरार

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमृत होरो कई वर्षों से पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और रांची तथा खूंटी के सीमावर्ती जंगली व पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय था। करीब डेढ़ वर्ष पहले भी सुरक्षाबलों के साथ उसकी मुठभेड़ हुई थी, लेकिन वह दुर्गम भू-भाग का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध अभियान तेज किया गया है।

दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले

अमृत होरो के खिलाफ रांची, खूंटी और आसपास के जिलों में रंगदारी वसूली, निर्माण स्थलों व रेलवे परियोजनाओं में लेवी उगाही, आगजनी, फायरिंग और पुलिस मुठभेड़ समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। वह संगठन का शीर्ष कमांडर माना जाता था और उसकी गतिविधियाँ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था के लिए लंबे समय से चुनौती बनी हुई थीं।

पूछताछ जारी, नेटवर्क तोड़ने की कोशिश

पुलिस ने उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ शुरू कर दी है। खूंटी पुलिस भी उससे अलग से पूछताछ करेगी। जाँचकर्ता उसके सहयोगियों, हथियारों के ठिकानों और संगठन की आर्थिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से पीएलएफआई के वित्तीय नेटवर्क और अभियानों पर गहरा असर पड़ेगा।

पीएलएफआई पर असर

गौरतलब है कि पीएलएफआई झारखंड के कई जिलों में सक्रिय एक प्रतिबंधित संगठन है, जो मुख्यतः रंगदारी और लेवी वसूली के जरिए अपनी गतिविधियाँ चलाता रहा है। सुप्रीमो कमांडर की गिरफ्तारी से संगठन की कमान-संरचना कमजोर पड़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में पुलिस संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों के विरुद्ध भी कार्रवाई तेज कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पीएलएफआई जैसे संगठन केवल एक कमांडर पर टिके नहीं होते — उनकी लेवी-आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय नेटवर्क अक्सर नेतृत्व बदलाव के बाद भी सक्रिय रहते हैं। असली परीक्षा यह होगी कि पूछताछ से मिली जानकारी का उपयोग संगठन की वित्तीय नसें काटने में कितना हो पाता है। झारखंड में इससे पहले भी बड़े उग्रवादी नेताओं की गिरफ्तारी हुई है, पर संगठन की पुनर्संरचना की क्षमता को कम आँकना सुरक्षा तंत्र की पुरानी भूल रही है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृत होरो कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
अमृत होरो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) का सुप्रीमो कमांडर है। उसके खिलाफ रांची, खूंटी और आसपास के जिलों में रंगदारी, लेवी वसूली, आगजनी और पुलिस मुठभेड़ समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं।
अमृत होरो को कहाँ और कैसे पकड़ा गया?
उसे 28 मई को रांची-खूंटी सीमावर्ती जमाकेल गांव में एक शादी समारोह के दौरान गिरफ्तार किया गया। गुप्त सूचना के आधार पर QRT और विशेष पुलिस बलों ने इलाके की घेराबंदी कर देर रात योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
झारखंड सरकार ने अमृत होरो पर कितना इनाम रखा था?
झारखंड सरकार ने अमृत होरो की गिरफ्तारी पर ₹10 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। वह लंबे समय से पुलिस की मोस्ट-वांटेड सूची में था।
पीएलएफआई क्या संगठन है?
पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) झारखंड में सक्रिय एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है। यह मुख्यतः रंगदारी और निर्माण व रेलवे परियोजनाओं में लेवी वसूली के जरिए अपनी गतिविधियाँ चलाता रहा है।
इस गिरफ्तारी का पीएलएफआई पर क्या असर पड़ेगा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुप्रीमो कमांडर की गिरफ्तारी से पीएलएफआई के नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। पूछताछ के ज़रिए संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों और हथियारों के ठिकानों का पता लगाने की कोशिश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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