पीएलएफआई सुप्रीमो अमृत होरो गिरफ्तार: रांची पुलिस ने दबोचा ₹10 लाख का इनामी कमांडर
सारांश
मुख्य बातें
प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो कमांडर अमृत होरो को रांची पुलिस ने 28 मई को देर रात गिरफ्तार कर लिया। झारखंड सरकार ने उस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। उसकी गिरफ्तारी को पीएलएफआई संगठन के लिए निर्णायक झटका माना जा रहा है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि अमृत होरो रांची-खूंटी सीमावर्ती इलाके के जमाकेल गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने वाला है। यह गांव उसका मूल निवास भी है। सूचना मिलते ही क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और अन्य विशेष पुलिस बलों को तत्काल तैनात किया गया। इलाके की व्यापक घेराबंदी के बाद योजनाबद्ध छापेमारी में उसे रात के अंधेरे में दबोच लिया गया।
लंबे समय से था फरार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमृत होरो कई वर्षों से पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और रांची तथा खूंटी के सीमावर्ती जंगली व पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय था। करीब डेढ़ वर्ष पहले भी सुरक्षाबलों के साथ उसकी मुठभेड़ हुई थी, लेकिन वह दुर्गम भू-भाग का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध अभियान तेज किया गया है।
दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मामले
अमृत होरो के खिलाफ रांची, खूंटी और आसपास के जिलों में रंगदारी वसूली, निर्माण स्थलों व रेलवे परियोजनाओं में लेवी उगाही, आगजनी, फायरिंग और पुलिस मुठभेड़ समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। वह संगठन का शीर्ष कमांडर माना जाता था और उसकी गतिविधियाँ क्षेत्र की कानून-व्यवस्था के लिए लंबे समय से चुनौती बनी हुई थीं।
पूछताछ जारी, नेटवर्क तोड़ने की कोशिश
पुलिस ने उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ शुरू कर दी है। खूंटी पुलिस भी उससे अलग से पूछताछ करेगी। जाँचकर्ता उसके सहयोगियों, हथियारों के ठिकानों और संगठन की आर्थिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से पीएलएफआई के वित्तीय नेटवर्क और अभियानों पर गहरा असर पड़ेगा।
पीएलएफआई पर असर
गौरतलब है कि पीएलएफआई झारखंड के कई जिलों में सक्रिय एक प्रतिबंधित संगठन है, जो मुख्यतः रंगदारी और लेवी वसूली के जरिए अपनी गतिविधियाँ चलाता रहा है। सुप्रीमो कमांडर की गिरफ्तारी से संगठन की कमान-संरचना कमजोर पड़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में पुलिस संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों के विरुद्ध भी कार्रवाई तेज कर सकती है।