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पीएलएफआई चीफ अमृत होरो गिरफ्तार: 60 मामलों में वांटेड, ₹10 लाख का था इनाम

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पीएलएफआई चीफ अमृत होरो गिरफ्तार: 60 मामलों में वांटेड, ₹10 लाख का था इनाम

सारांश

झारखंड पुलिस ने 16 साल से फरार और 60 से अधिक मामलों में वांटेड पीएलएफआई स्टेट चीफ अमृत होरो को लापुंग के महगांव जंगल से हथियारों सहित गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि इससे संगठन का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।

मुख्य बातें

पीएलएफआई के स्टेट चीफ अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या को 29 मई 2025 को झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार किया।
उस पर हत्या, रंगदारी, आगजनी सहित 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और ₹10 लाख का इनाम था।
गिरफ्तारी लापुंग थाना क्षेत्र के महगांव जंगल से देर रात के अभियान में हुई; हथियार और जिंदा कारतूस बरामद।
होरो 16 वर्षों से रांची, खूंटी, लोहरदगा और गुमला में उग्रवादी नेटवर्क चला रहा था।
2023 में लापुंग में हत्या और खूंटी में रेलवे ठेकेदारों से ₹50 लाख लेवी मांगने के मामले में नाम सामने आया था।
पुलिस अब संगठन के अन्य सदस्यों और हथियारों के ठिकानों का पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है।

झारखंड पुलिस ने 29 मई 2025 को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के स्टेट चीफ अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या को गिरफ्तार किया, जिस पर ₹10 लाख का इनाम घोषित था और जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, आगजनी तथा अपहरण सहित 60 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस गिरफ्तारी की औपचारिक पुष्टि की।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमृत होरो अपने सहयोगियों के साथ लापुंग थाना क्षेत्र के महगांव जंगल में किसी बड़ी उग्रवादी वारदात की तैयारी कर रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई और इलाके को घेर लिया गया। देर रात चलाए गए अभियान में पुलिस ने हथियार और जिंदा कारतूस सहित उसे धर दबोचा।

16 वर्षों का आतंक और आरोपों की फेहरिस्त

एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार अमृत होरो पिछले 16 वर्षों से सक्रिय था और रांची, खूंटी, लोहरदगा तथा गुमला समेत कई जिलों में पीएलएफआई का नेटवर्क संचालित करता था। पूछताछ में उसने स्वयं संगठन का स्टेट चीफ होना स्वीकार किया है।

पुलिस के अनुसार उसका नाम वर्ष 2023 में लापुंग में राजेश कुमार साहू की हत्या, खूंटी में रेलवे परियोजना से जुड़े ठेकेदारों से ₹50 लाख की लेवी मांगने, लोहरदगा में राशन दुकानदार से रंगदारी और पश्चिमी सिंहभूम में संगठन के भीतर वर्चस्व की लड़ाई में हत्या जैसे मामलों में सामने आया है।

डिजिटल माध्यमों से लेवी वसूली का तरीका

एसएसपी ने बताया कि संगठन के सदस्य फोन और सोशल मीडिया ऐप के जरिए व्यापारियों, ठेकेदारों और कारोबारियों को जान से मारने की धमकी देकर लेवी वसूलते थे। कई सरकारी और निजी परियोजनाओं में भी संगठन लगातार रंगदारी मांगकर काम बाधित कर रहा था।

पीएलएफआई नेटवर्क पर बड़ा प्रहार

झारखंड पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से पीएलएफआई के शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। एसएसपी ने कहा कि अमृत होरो की गिरफ्तारी से संगठन की आर्थिक गतिविधियों और लेवी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों, हथियारों के ठिकानों और लेवी नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या इस गिरफ्तारी से पीएलएफआई का लेवी नेटवर्क वास्तव में टूटेगा या संगठन नए नेतृत्व के तहत पुनर्गठित हो जाएगा? झारखंड में नक्सल और उग्रवाद-विरोधी अभियानों का इतिहास बताता है कि शीर्ष नेता की गिरफ्तारी के बाद भी संगठन प्रायः कुछ समय में नई संरचना बना लेते हैं। 16 वर्षों तक होरो का फरार रहना यह भी सवाल उठाता है कि इतने लंबे समय तक उसका नेटवर्क कैसे बेरोकटोक चलता रहा। पुलिस के दावों की विश्वसनीयता तभी सिद्ध होगी जब हथियारों के ठिकाने और लेवी नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आए।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएलएफआई चीफ अमृत होरो कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
अमृत होरो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) का स्टेट चीफ है, जिस पर हत्या, रंगदारी, आगजनी और आर्म्स एक्ट सहित 60 से अधिक मामले दर्ज हैं। झारखंड पुलिस ने उसे 29 मई 2025 को लापुंग के महगांव जंगल से हथियारों सहित गिरफ्तार किया।
अमृत होरो को कहाँ से और कैसे पकड़ा गया?
गुप्त सूचना के आधार पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम ने लापुंग थाना क्षेत्र के महगांव जंगल को घेरा और देर रात के अभियान में हथियार व जिंदा कारतूस सहित होरो को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना थी कि वह किसी बड़ी उग्रवादी घटना की तैयारी में था।
पीएलएफआई संगठन झारखंड में क्या करता था?
पीएलएफआई के सदस्य फोन और सोशल मीडिया ऐप के जरिए व्यापारियों, ठेकेदारों और कारोबारियों को धमकी देकर लेवी वसूलते थे। इसके अलावा सरकारी और निजी परियोजनाओं में रंगदारी मांगकर काम बाधित करना, हत्या और आगजनी जैसी घटनाएँ भी संगठन के खाते में हैं।
इस गिरफ्तारी से पीएलएफआई पर क्या असर पड़ेगा?
झारखंड पुलिस का दावा है कि इस गिरफ्तारी से पीएलएफआई का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह ध्वस्त हो गया है और संगठन की आर्थिक गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। हालाँकि पुलिस अभी भी संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों और हथियारों के ठिकानों की जानकारी जुटाने में लगी है।
अमृत होरो के खिलाफ कौन-कौन से प्रमुख मामले हैं?
पुलिस के अनुसार होरो का नाम 2023 में लापुंग में राजेश कुमार साहू की हत्या, खूंटी में रेलवे ठेकेदारों से ₹50 लाख की लेवी मांग, लोहरदगा में राशन दुकानदार से रंगदारी और पश्चिमी सिंहभूम में संगठन के भीतर वर्चस्व की लड़ाई में हत्या जैसे मामलों में सामने आया है।
राष्ट्र प्रेस
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