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रांची के दुर्गा पूजा पंडालों में मोदी की द्वारका यात्रा और लालू परिवार की आदमकद प्रतिमाएं

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रांची के दुर्गा पूजा पंडालों में मोदी की द्वारका यात्रा और लालू परिवार की आदमकद प्रतिमाएं

सारांश

रांची के दो पंडाल इस बार खूब चर्चा में हैं — एक में PM मोदी की फरवरी 2024 की द्वारका स्कूबा डाइविंग की तस्वीरें हैं, दूसरे में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की आदमकद प्रतिमाएं नवरात्र व्रत की मुद्रा में। धर्म और राजनीति का यह संगम झारखंड की त्योहारी रंगत को अनूठा बना रहा है।

मुख्य बातें

रांची के दुर्गा पूजा पंडालों में इस वर्ष धार्मिक थीम के साथ-साथ राजनीतिक हस्तियों की प्रतिमाएं और तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं।
चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति ने द्वारका नगरी थीम पर पंडाल बनाया, जिसमें PM मोदी की फरवरी 2024 की स्कूबा डाइविंग तस्वीरें लगाई गई हैं।
जय माता दी नवयुवक दुर्गा पूजा समिति ने हवा महल थीम पर पंडाल तैयार किया, जिसमें लालू प्रसाद यादव , राबड़ी देवी , तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की आदमकद मिट्टी की प्रतिमाएं हैं।
समिति अध्यक्ष विनोद सिंह यादव के अनुसार लालू-राबड़ी को नवरात्र व्रत की मुद्रा में, और तेजस्वी-तेज प्रताप को राम-लक्ष्मण जैसे भ्रातृ-प्रेम के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया है।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा भी नामकुम पंडाल में स्थापित की गई है।

झारखंड की राजधानी रांची में इस वर्ष दुर्गा पूजा 2026 के आयोजन एक अनूठा रंग लिए हुए हैं — कुछ पंडालों में पारंपरिक धार्मिक दृश्यों के साथ-साथ समकालीन राजनीतिक हस्तियों की प्रतिमाएं और तस्वीरें भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। कहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की द्वारका यात्रा की तस्वीरें प्रदर्शित हैं, तो कहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की आदमकद मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।

द्वारका थीम वाला चंद्रशेखर आज़ाद पंडाल

रांची के मेन रोड पर अल्बर्ट एक्का चौक और सर्जना चौक के बीच स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति ने इस बार गुजरात के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर और द्वारका नगरी की थीम पर भव्य पंडाल तैयार किया है। इस पंडाल की सजावट में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी से जुड़े धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों को जीवंत रूप दिया गया है।

पंडाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें भी प्रमुखता से लगाई गई हैं। ये तस्वीरें फरवरी 2024 में उनकी गुजरात यात्रा के दौरान समुद्र में स्कूबा डाइविंग कर प्राचीन जलमग्न द्वारका के दर्शन करने और वहां प्रार्थना करने के ऐतिहासिक क्षणों को दर्शाती हैं। यह आयोजन धार्मिक आस्था और समसामयिक घटनाओं को एक साथ प्रस्तुत करने का प्रयास है।

नामकुम पंडाल में लालू परिवार की आदमकद प्रतिमाएं

नामकुम रेलवे स्टेशन के निकट जय माता दी नवयुवक दुर्गा पूजा समिति ने जयपुर के प्रसिद्ध हवा महल की तर्ज पर पंडाल का निर्माण किया है। यहां मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ ही लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की आदमकद मिट्टी की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं।

इसके अलावा, झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमा भी इस पंडाल में लगाई गई है। समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह यादव के अनुसार, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की प्रतिमाओं को नवरात्र का व्रत रखते हुए दर्शाया गया है, जो उनकी धार्मिक आस्था को प्रतिबिंबित करता है।

राम-लक्ष्मण की तरह भाईचारे का संदेश

तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की प्रतिमाओं के माध्यम से परिवार में परस्पर प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश देने का प्रयास किया गया है। इस संदेश को और प्रभावी बनाने के लिए भगवान राम और लक्ष्मण के पवित्र भ्रातृ संबंधों का उदाहरण भी सामने रखा गया है।

धर्म और राजनीति का अनूठा संगम

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हैं और त्योहारी मौसम में सामाजिक संदेश देने की परंपरा पंडाल समितियों में पहले से रही है। गौरतलब है कि दुर्गा पूजा पंडालों में सामाजिक-राजनीतिक थीम का चलन पूर्वी भारत में वर्षों से देखा जाता रहा है, जहां कोलकाता से लेकर पटना तक पंडाल समितियाँ समसामयिक विषयों पर कलात्मक टिप्पणी करती आई हैं।

रांची के इन पंडालों ने धार्मिक उत्सव को एक सांस्कृतिक मंच के रूप में इस्तेमाल करते हुए क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक भावनाओं को अभिव्यक्ति दी है। आने वाले दिनों में यह पंडाल स्थानीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रांची के ये पंडाल एक दिलचस्प विरोधाभास उजागर करते हैं — एक ओर PM मोदी की धार्मिक आस्था को केंद्र में रखा गया है, दूसरी ओर लालू परिवार को नवरात्र व्रत की मुद्रा में दिखाकर धर्मनिरपेक्ष छवि को भी धर्म से जोड़ने की कोशिश है। झारखंड में विधानसभा चुनावों के बाद की राजनीतिक जमीन पर यह 'सांस्कृतिक कूटनीति' महज संयोग नहीं लगती। असली सवाल यह है कि क्या ये प्रस्तुतियां सामाजिक संदेश हैं या चुनावी संदेश — और इस रेखा का धुंधला होना ही इन पंडालों को सिर्फ धार्मिक नहीं, राजनीतिक रूप से भी उल्लेखनीय बनाता है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची के किन पंडालों में राजनीतिक हस्तियों की प्रतिमाएं हैं?
रांची के मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में PM मोदी की द्वारका यात्रा की तस्वीरें हैं, जबकि नामकुम रेलवे स्टेशन के पास जय माता दी नवयुवक दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
PM मोदी की कौन सी तस्वीरें पंडाल में लगाई गई हैं?
पंडाल में PM मोदी की फरवरी 2024 की गुजरात यात्रा के दौरान समुद्र में स्कूबा डाइविंग कर प्राचीन जलमग्न द्वारका के दर्शन करने और वहां प्रार्थना करने से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। यह पंडाल द्वारिकाधीश मंदिर और द्वारका नगरी की थीम पर बना है।
लालू परिवार की प्रतिमाओं में क्या संदेश दिया गया है?
समिति अध्यक्ष विनोद सिंह यादव के अनुसार, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को नवरात्र व्रत की मुद्रा में दिखाया गया है। तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव की प्रतिमाओं के ज़रिए भाई-भाई के प्रेम और एकजुटता का संदेश दिया गया है, जिसके लिए भगवान राम और लक्ष्मण का उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।
नामकुम पंडाल की थीम क्या है?
नामकुम रेलवे स्टेशन के पास जय माता दी नवयुवक दुर्गा पूजा समिति ने राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध हवा महल की तर्ज पर पंडाल बनाया है। इसमें मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ-साथ राजनीतिक हस्तियों और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की प्रतिमाएं भी हैं।
क्या दुर्गा पूजा पंडालों में राजनीतिक थीम रखना सामान्य है?
पूर्वी भारत में — विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में — दुर्गा पूजा पंडालों में सामाजिक और समसामयिक विषयों पर थीम रखने की लंबी परंपरा रही है। रांची के इन पंडालों ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए धार्मिक आयोजन को सामाजिक संदेश का माध्यम बनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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