रांची: हाइवा की टक्कर से बाइक सवार दंपती की मौत, ग्रामीणों ने सिल्ली-रांगामाटी मार्ग जाम किया
सारांश
मुख्य बातें
रांची जिले के सोनाहातू थाना क्षेत्र में 13 सितंबर 2026 (रविवार) को एक तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार पति-पत्नी को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। सिंधु वाला देवी (42 वर्ष) की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनके पति रमेश महतो ने अस्पताल ले जाए जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, रमेश महतो और उनकी पत्नी सिंधु वाला देवी बारेंदा कुल्याणटांड़ में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर बाइक से वापस लौट रहे थे। देवानसारणा के निकट पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाइवा ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मारी।
टक्कर इतनी तीव्र थी कि सिंधु वाला देवी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। रमेश महतो गंभीर रूप से घायल हो गए और स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, किंतु रास्ते में ही उनकी भी जान चली गई। दोनों मृतक पश्चिम बंगाल के झालदा थाना क्षेत्र के कुशी पापड़ाहुडुम गाँव के निवासी थे।
ग्रामीणों का आक्रोश, सड़क जाम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन और आसपास के ग्रामीण देवानसारणा, बारेंदा टोला के पास घटनास्थल पर एकत्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने दोनों शवों को सड़क पर रखकर सिल्ली-रांगामाटी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और हादसे के लिए जिम्मेदार हाइवा चालक को तत्काल गिरफ्तार करने की माँग रखी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही सोनाहातू थाना पुलिस मौके पर पहुँची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटाने का प्रयास किया। पुलिस ने हाइवा को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी गई है। हाइवा चालक के विरुद्ध कार्रवाई के संबंध में अधिकारियों का आधिकारिक बयान अभी आना बाकी है।
व्यापक संदर्भ: झारखंड में सड़क हादसों की चिंताजनक स्थिति
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब झारखंड में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि ओवरस्पीडिंग हाइवा और ट्रकों के कारण राँची और उसके आसपास के क्षेत्रों में इस प्रकार के हादसे पहले भी हो चुके हैं। स्थानीय निवासी वर्षों से इस मार्ग पर भारी वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने की माँग करते रहे हैं।
आगे की जाँच में हाइवा की गति, चालक की स्थिति और वाहन के दस्तावेज़ों की पड़ताल अहम होगी। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों की माँगों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी प्रतीक्षित है।