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रांची: हरमू पार्क में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने वाला 17 वर्षीय किशोर गिरफ्तार

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रांची: हरमू पार्क में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने वाला 17 वर्षीय किशोर गिरफ्तार

सारांश

रांची के हरमू पार्क में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर 27 सितंबर को काले स्प्रे से कालिख पोती गई थी। पुलिस ने इंस्टाग्राम आईडी 'कोका डॉन' के सुराग से 17 वर्षीय आरोपी को हेहल से पकड़ा। किशोर को बाल सुधार गृह भेजा गया; मकसद की जांच जारी।

मुख्य बातें

रांची पुलिस ने 29 सितंबर 2026 को हरमू पार्क में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने वाले 17 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया।
घटना 27 सितंबर की देर शाम काले स्प्रे पेंट से की गई थी।
आरोपी की पहचान उसकी इंस्टाग्राम आईडी 'कोका डॉन' से हुई, जो उसने पार्क में ही लिखी थी।
पुलिस ने आरोपी के पास से ब्लैक स्प्रे और मोबाइल फोन बरामद किए।
किशोर को किशोर न्याय अधिनियम के तहत बाल सुधार गृह भेजा गया; मकसद की जांच जारी है।

रांची के हरमू पार्क में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने के मामले में रांची पुलिस ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को एक 17 वर्षीय किशोर को हेहल इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 27 सितंबर की देर शाम काले स्प्रे पेंट से प्रतिमा पर कालिख पोती थी। यह मामला उस वक्त चर्चा में आया जब घटना की तस्वीरें सामने आईं।

कैसे हुई पहचान

पुलिस जांच में आरोपी तक पहुँचाने में एक सोशल मीडिया सुराग निर्णायक साबित हुआ। पुलिस के मुताबिक, प्रतिमा पर कालिख पोतने से पहले किशोर ने पार्क में स्थित इमली के पेड़ के पास अपनी इंस्टाग्राम आईडी 'कोका डॉन' स्प्रे से लिखी थी। इसी इंस्टाग्राम आईडी के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और उसे हेहल इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि प्रतिमा पर इस्तेमाल किया गया काला स्प्रे आरोपी को पार्क में ही मिला था। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त ब्लैक स्प्रे और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि

आरोपी की माँ ने पुलिस को बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद किशोर ने आईफोन खरीदने की जिद की थी। फोन न दिलाने पर उसने कथित तौर पर आत्मघाती धमकी दी थी, जिसके बाद परिवार ने ज़मीन बेचकर उसे आईफोन दिलाया था। पुलिस ने इस जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

मकसद की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, किशोर अपने दोस्तों के बीच खुद को 'डॉन' कहता था। हालांकि प्रतिमा पर कालिख पोतने के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस उसके सोशल मीडिया अकाउंट, घटना के दौरान उसकी गतिविधियों और प्रतिमा को नुकसान पहुँचाने के कारणों की पड़ताल कर रही है।

कानूनी कार्रवाई

आरोपी की उम्र 17 वर्ष होने के कारण पुलिस ने उसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत बाल संरक्षण की कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए बाल सुधार गृह भेज दिया है। बरामद मोबाइल फोन और स्प्रे को जांच में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब सार्वजनिक संपत्ति और प्रतिमाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न ही कानून का डर था — जो किशोरों में बढ़ती 'सोशल मीडिया नोटोरायटी' की सोच को उजागर करता है। परिवार द्वारा ज़मीन बेचकर आईफोन खरीदने और फिर इस तरह की घटना होने का संदर्भ उस सामाजिक-आर्थिक दबाव को भी रेखांकित करता है जिसे अक्सर किशोर अपराध की चर्चाओं में नजरअंदाज किया जाता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने की घटना कब हुई?
यह घटना 27 सितंबर 2026 की देर शाम हरमू पार्क, रांची में हुई, जब आरोपी किशोर ने काले स्प्रे पेंट से प्रतिमा पर कालिख पोती। पुलिस ने दो दिन बाद 29 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपी किशोर की पहचान कैसे की?
आरोपी ने प्रतिमा पर कालिख पोतने से पहले पार्क में इमली के पेड़ के पास स्प्रे से अपनी इंस्टाग्राम आईडी 'कोका डॉन' लिखी थी। इसी सोशल मीडिया सुराग के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान कर हेहल इलाके से गिरफ्तार किया।
आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई है?
चूँकि आरोपी की उम्र 17 वर्ष है, पुलिस ने उसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत बाल सुधार गृह भेजा है। उसके पास से बरामद ब्लैक स्प्रे और मोबाइल फोन को जांच में साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
क्या प्रतिमा पर कालिख पोतने का कोई राजनीतिक मकसद था?
अभी तक प्रतिमा को नुकसान पहुँचाने का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं है। पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और घटना के दौरान उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है; मकसद की पुष्टि अभी बाकी है।
आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है?
आरोपी की माँ के अनुसार, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद किशोर ने आईफोन की जिद की और कथित तौर पर आत्मघाती धमकी दी थी। इसके बाद परिवार ने जमीन बेचकर उसे आईफोन दिलाया था, जिसे पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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