सीबीएसई री-इवैल्यूएशन में रांची की अवनी केजरीवाल को 500 में 500 अंक, बनीं नेशनल टॉपर
सारांश
मुख्य बातें
सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा-2026 के पुनर्मूल्यांकन परिणाम में रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल ने 500 में से 500 अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। 13 मई को घोषित मूल परिणाम में उन्हें 94 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद उनका स्कोर 100 प्रतिशत पर पहुँच गया।
पुनर्मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया
कॉमर्स संकाय की छात्रा अवनी दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची में पढ़ती हैं। मूल परिणाम घोषित होने के बाद उन्हें लगा कि उनके प्रदर्शन के अनुरूप अंक नहीं दिए गए हैं। इसके बाद उन्होंने सीबीएसई की निर्धारित प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। हाल ही में जारी पुनर्मूल्यांकन परिणामों में उनके सभी विषयों में पूर्ण अंक दर्ज किए गए।
स्कूल और शिक्षा जगत की प्रतिक्रिया
दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची की प्राचार्य डॉ. जया चौहान ने इस उपलब्धि को विद्यालय के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किसी भी छात्र की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम होता है।' स्कूल प्रबंधन ने पुनर्मूल्यांकन के बाद शत-प्रतिशत अंक मिलने की आधिकारिक पुष्टि की है।
शिक्षाविदों का नज़रिया
शिक्षाविदों का कहना है कि अवनी की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है — यह छात्रों को सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी है। यह ऐसे समय में आया है जब हर वर्ष हज़ारों छात्र मूल्यांकन से असंतुष्ट होने पर भी पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने से हिचकिचाते हैं।
आम जनता और छात्रों पर असर
गौरतलब है कि सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया हर वर्ष लाखों छात्रों के लिए उपलब्ध रहती है, लेकिन इसका उपयोग सीमित ही रहता है। अवनी की सफलता की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा बन सकती है जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं और अपने अधिकारों का उपयोग करने में संकोच करते हैं। झारखंड के शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को लेकर व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।