रिंकू हुड्डा के गोल्ड पर PM मोदी भावुक: 'मां को खोकर भी हिम्मत नहीं हारी, वो पल देशवासियों को रुला गया'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एशियन पैरा गेम्स 2026 के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की और पैरा भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू हुड्डा के असाधारण साहस की विशेष सराहना की। रिंकू ने खेलों से मात्र दो महीने पहले अपनी माँ को खोने के बावजूद स्वर्ण पदक जीता और विजय के बाद अपनी माँ की तस्वीर उठाकर उन्हें मेडल समर्पित किया — एक ऐसा दृश्य जिसने पूरे देश की आँखें नम कर दीं।
वो भावुक पल जो देश कभी नहीं भूलेगा
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'रिंकू ने एशियन पैरा गेम्स से दो महीने पहले अपनी माता जी को खो दिया था। इतने बड़े दुख के बीच भी उन्होंने हिम्मत बनाए रखी और जब उन्होंने गोल्ड मेडल जीता तो अपनी मां की तस्वीर उठाकर वो मेडल समर्पित किया। वो पल सभी देशवासियों को भावुक कर गया।'
रिंकू हुड्डा की माँ का निधन 8 अगस्त 2026 को हुआ था। इस व्यक्तिगत त्रासदी के बाद एशियन पैरा गेम्स की तैयारी जारी रखना उनके लिए अत्यंत कठिन रहा, लेकिन उन्होंने हार न मानते हुए स्वर्ण पदक जीतकर माँ को श्रद्धांजलि दी।
2014 के बाद खेल नीति में बदलाव पर PM का जोर
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 2014 के बाद सरकार की खेल नीति में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा, 'हमने तय किया कि हम अपने युवाओं की प्रतिभा को बर्बाद नहीं होने देंगे। इसलिए जो सिस्टम आप जैसे युवाओं को आगे बढ़ने से रोकता था, हमने उस सिस्टम को बदलने का संकल्प ले लिया।'
उन्होंने कहा कि पहले अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को खेलों में भेजने से डरते थे — संसाधनों की कमी, व्यवस्था की खामियाँ और पारदर्शिता का अभाव इसके प्रमुख कारण थे। मोदी ने कहा, 'मगर जैसे आपने किसी भी मुश्किल के सामने हार नहीं मानी, वैसे ही देश ने भी केवल अपने लक्ष्य की ओर देखा।'
TOPS और खेलो इंडिया का बड़ा योगदान
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार के एशियन पैरा गेम्स में टॉप्स (TOPS) योजना से सहायता पाने वाले खिलाड़ियों ने 41 पदक जीते, जबकि खेलो इंडिया के खिलाड़ियों ने 19 पदक अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि ये आँकड़े साबित करते हैं कि सरकार के प्रयास सही दिशा में जा रहे हैं।
गौरतलब है कि पैरा खेलों को भी ओलंपिक के समान महत्व देने की नीति के तहत ही रिंकू जैसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिली। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2036 के ओलंपिक की मेज़बानी के लिए दावेदारी जता रहा है।
लाल किले से टैलेंट हंट का आह्वान
मोदी ने याद दिलाया कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से उन्होंने युवाओं को 'टैलेंट हंट अभियान' में आगे आने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, 'आज अगर एक युवा को अपने टैलेंट पर भरोसा है, तो उसे ये विश्वास भी रहता है कि देश उसके साथ खड़ा रहेगा।'
इस मुलाकात को पैरा खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। आने वाले महीनों में पैरा खिलाड़ियों के लिए नई प्रोत्साहन नीति की घोषणा की भी संभावना जताई जा रही है।