नाना पाटेकर की प्रार्थना सभा: रोहिणी हट्टंगडी बोलीं — 'स्टारडम कभी सिर पर नहीं चढ़ा'
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की प्रार्थना सभा बुधवार, 15 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित की गई, जिसमें मनोरंजन जगत की कई著名 हस्तियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। अभिनेत्री रोहिणी हट्टंगडी और वर्षा उसगांवकर सहित अनेक कलाकार इस भावुक अवसर पर उपस्थित रहे।
रोहिणी हट्टंगडी की श्रद्धांजलि
अभिनेत्री रोहिणी हट्टंगडी ने नाना पाटेकर के साथ अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा, 'सबसे पहले तो, मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहूंगी। नाना जी के साथ मैंने एक ही फिल्म की थी, उससे पहले तो बस नाटक में ही हमने साथ काम किया था।' उन्होंने नाना पाटेकर के स्वभाव की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के लोग बहुत कम होते हैं, क्योंकि स्टारडम जब सिर पर चढ़ता है तो लोग जमीन से कट जाते हैं — लेकिन नाना जी के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ।
हट्टंगडी ने यह भी कहा कि नाना पाटेकर की समाज सेवा से सभी भली-भांति परिचित हैं। उनके अनुसार, नाना पाटेकर की फिल्म 'थोड़ा सा रुमानी हो जाए' उन्हें विशेष रूप से पसंद है।
वर्षा उसगांवकर का दुख और यादें
अभिनेत्री वर्षा उसगांवकर ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर उन्हें उस वक्त सही इलाज मिल जाता तो वे आज हमारे बीच होते। 75 साल कोई जाने की उम्र नहीं है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि आजकल मेडिकल साइंस इतनी उन्नत हो गई है कि इंसान 100 साल तक जी सकता है, पर अफसोस कि नाना पाटेकर समय से पहले दुनिया छोड़ गए।
उसगांवकर ने खुद को खुशकिस्मत बताया कि उन्हें फिल्म 'तिरंगा' में नाना पाटेकर के साथ काम करने का अवसर मिला। उनके अनुसार, 'तिरंगा' में नाना पाटेकर का अभिनय बेहद शानदार था।
नाना पाटेकर की विरासत
वर्षा उसगांवकर ने नाना पाटेकर के बहुआयामी अभिनय की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने करियर में कॉमेडी से लेकर हीरो और विलेन तक हर तरह के किरदार बखूबी निभाए। गौरतलब है कि नाना पाटेकर को न केवल उनके सशक्त अभिनय के लिए, बल्कि किसान राहत कार्य जैसी सामाजिक गतिविधियों के लिए भी याद किया जाता है।
मनोरंजन जगत में शोक की लहर
प्रार्थना सभा में उपस्थित कलाकारों की भावुकता इस बात का प्रमाण थी कि नाना पाटेकर ने फिल्मी दुनिया में न केवल एक अभिनेता बल्कि एक इंसान के रूप में भी गहरी छाप छोड़ी। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी।