17 अगस्त 2026
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सागर में टैक्सी ड्राइवर के घर से ₹3.02 करोड़ नकद जब्त, PWD रिटायर्ड इंजीनियर का नाम जांच में

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सागर में टैक्सी ड्राइवर के घर से ₹3.02 करोड़ नकद जब्त, PWD रिटायर्ड इंजीनियर का नाम जांच में

सारांश

सागर में एक टैक्सी ड्राइवर के घर से ₹3.02 करोड़ की नकदी मिलना महज एक छापे की खबर नहीं है — यह उस बंद अलमारी की कहानी है जिसकी चाबी किसी के पास नहीं थी, और जिसका धागा एक सरकारी अनुबंध अधिकारी तक जाता है। मालिकाना हक पर अभी भी विवाद कायम है।

मुख्य बातें

सागर पुलिस ने 17 अगस्त को टैक्सी ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर से ₹3.02 करोड़ नकद जब्त किए।
तलाशी का आधार सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर बनी, जिसमें हाथ में पिस्तौल जैसी वस्तु दिखी — परिवार का दावा है यह बंदूक के आकार का लाइटर था।
परिवार ने नकदी PWD रिटायर्ड इंजीनियर व MPRRDA के CGM रमेश कुमार अहिरवार की बताई; रमेश ने दावे से इनकार किया।
नकदी एक बंद अलमारी में मिली, जिसकी चाबी घर में नहीं थी।
मामले की जानकारी आयकर विभाग व अन्य एजेंसियों को दी गई; वित्तीय रिकॉर्ड की जाँच संभव।

मध्य प्रदेश के सागर में पुलिस ने एक टैक्सी ड्राइवर के घर से ₹3.02 करोड़ नकद बरामद किए हैं। 17 अगस्त को हुई इस जब्ती के बाद अधिकारी नकदी के स्रोत और असली मालिक की पहचान करने में जुटे हैं। मामले की जानकारी आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की जा रही है।

कैसे शुरू हुई तलाशी

गोपालगंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के टिली तिगड्डा इलाके में रहने वाले टैक्सी ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर पर रविवार को छापा मारा गया। पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर देखी थी, जिसमें अहिरवार के हाथ में पिस्तौल जैसी दिखने वाली वस्तु थी — इसी के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

ऑपरेशन के दौरान घर से कोई हथियार नहीं मिला। हालाँकि, एक बंद अलमारी के भीतर नकदी से भरे बैग बरामद हुए। पुलिस ने मौके पर नोट गिनने की मशीन मंगाकर रकम की गिनती की। परिवार ने बाद में स्पष्ट किया कि तस्वीर में दिखने वाली वस्तु दरअसल बंदूक के आकार का लाइटर थी।

रिटायर्ड PWD इंजीनियर का नाम सामने आया

पूछताछ के दौरान परिवार ने दावा किया कि यह नकदी उनके रिश्तेदार रमेश कुमार अहिरवार की है। रमेश कुमार अहिरवार भोपाल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेवानिवृत्त अभियंता हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRRDA) में अनुबंध के आधार पर मुख्य महाप्रबंधक (CGM) के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार के अनुसार, रमेश कुमार अपनी पत्नी के साथ घर आए, नकदी से भरे बैग नई खरीदी गई अलमारी में रखे और चाबी लेकर चले गए। पुलिस को अलमारी बंद मिली और घर में चाबी नहीं थी — तलाशी के दौरान ताला तोड़कर खोला गया।

हालाँकि, रमेश कुमार अहिरवार ने इस दावे को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका नाम इस नकदी से क्यों जोड़ा जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक का बयान

सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा, 'घर से लगभग 3 करोड़ रुपए जब्त किए गए। नकदी को सुरक्षित रख लिया गया है और जाँचकर्ता इसके स्रोत व मालिकाना हक की पुष्टि कर रहे हैं। आगे की जाँच के लिए आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ जानकारी साझा की जा रही है।'

आगे की जाँच का दायरा

जाँचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी बड़ी नकदी घर तक कैसे पहुँची और क्या इसका किसी अवैध गतिविधि से संबंध है। संबंधित एजेंसियाँ वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जाँच कर सकती हैं। पुलिस उस सोशल मीडिया तस्वीर की भी प्रामाणिकता की जाँच कर रही है, जिसके आधार पर यह पूरा अभियान शुरू हुआ था। परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह जाँच अधूरी रहेगी। मध्य प्रदेश में सरकारी ठेकों और नकदी जब्ती की यह शृंखला जवाबदेही के उस रिक्त स्थान को उजागर करती है जहाँ 'कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति' की आड़ में निगरानी कमज़ोर पड़ जाती है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सागर में टैक्सी ड्राइवर के घर से कितनी नकदी जब्त हुई?
सागर पुलिस ने टैक्सी ड्राइवर सौरभ अहिरवार के घर से ₹3.02 करोड़ नकद जब्त किए। यह नकदी एक बंद अलमारी के भीतर बैग में रखी मिली, जिसकी चाबी घर में नहीं थी।
सागर पुलिस ने तलाशी क्यों ली?
पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर देखी जिसमें सौरभ अहिरवार के हाथ में पिस्तौल जैसी वस्तु दिख रही थी। इसी आधार पर तलाशी शुरू हुई, हालाँकि घर से कोई हथियार नहीं मिला — परिवार का कहना है वह वस्तु बंदूक के आकार का लाइटर था।
रमेश कुमार अहिरवार कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
रमेश कुमार अहिरवार भोपाल में PWD के सेवानिवृत्त अभियंता हैं और वर्तमान में MPRRDA में अनुबंध पर CGM के पद पर हैं। सौरभ अहिरवार के परिवार ने दावा किया कि जब्त नकदी रमेश कुमार की है, जिसे उन्होंने खुद अलमारी में रखा था। हालाँकि, रमेश कुमार ने इस दावे से इनकार किया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस ने मामले की जानकारी आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को दे दी है। जाँचकर्ता नकदी के स्रोत, उसके घर तक पहुँचने के रास्ते और किसी अवैध गतिविधि से संभावित संबंध की जाँच कर रहे हैं।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया। जाँच जारी है और नकदी को सुरक्षित रख लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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