शिअद नेता संजीत सिंह गिल ने कुरुक्षेत्र सिख म्यूजियम के लिए PM मोदी का किया आभार, बंदी सिखों की रिहाई और करतारपुर कॉरिडोर खोलने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वाइस प्रेसिडेंट संजीत सिंह सनी गिल ने 17 जुलाई को मोगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया — विशेष रूप से कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम की स्थापना की पहल के लिए। उनका कहना था कि यह संग्रहालय सिख गुरुओं के बलिदान और समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
सिख म्यूजियम का महत्व
गिल ने कहा कि कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित सिख संग्रहालय केवल एक समुदाय विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। उनके अनुसार, सिख गुरुओं और समाज ने देश की रक्षा के लिए जो अतुलनीय बलिदान दिए हैं, उन्हें संग्रहालय के माध्यम से युवा पीढ़ी बेहतर ढंग से समझ सकेगी। SAD नेता ने इस कदम को सिख इतिहास और परंपराओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।
करतारपुर कॉरिडोर फिर खोलने की अपील
गिल ने प्रधानमंत्री मोदी से करतारपुर कॉरिडोर को पुनः शुरू करने की अपील की। उनका कहना था कि पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब का मार्ग बंद होने से देश-विदेश की सिख संगतें अपने पवित्र तीर्थ के दर्शन से वंचित हैं और समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर कूटनीतिक तनाव बना हुआ है।
बंदी सिखों की रिहाई की माँग
शिअद नेता ने केंद्र सरकार से उन सिख कैदियों को रिहा करने की माँग की जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, फिर भी जेलों में बंद हैं। गिल ने कहा कि ऐसे बंदियों की रिहाई उनका कानूनी अधिकार है और सरकार को इस दिशा में तत्काल सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री अपने पंजाब दौरे के दौरान इस संदर्भ में कोई घोषणा करते हैं, तो इससे राज्य की जनता की भावनाओं को सम्मान मिलेगा और वर्षों से चले आ रहे दर्द को कम किया जा सकेगा।
पंजाब के कर्ज माफी की माँग
गिल ने पंजाब की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनके अनुसार, आतंकवाद के दौर में राज्य पर जो भारी वित्तीय बोझ पड़ा था, वह ब्याज के कारण अब कई गुना बढ़ चुका है। उन्होंने तर्क दिया कि आतंकवाद केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा था और उस दौर में राज्य ने देश की रक्षा के लिए बड़ी कीमत चुकाई। इस ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से पंजाब के कर्ज को माफ करने पर विचार करने का आग्रह किया, ताकि राज्य के विकास कार्यों को नई गति मिल सके।
आगे की राह
शिरोमणि अकाली दल की यह माँगें ऐसे समय में सामने आई हैं जब पार्टी पंजाब में अपनी राजनीतिक स्थिति को पुनः मजबूत करने में जुटी है। गिल की तीन सूत्री अपील — करतारपुर कॉरिडोर, बंदी सिखों की रिहाई और कर्ज माफी — पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।