17 जुलाई 2026
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शिअद नेता संजीत सिंह गिल ने कुरुक्षेत्र सिख म्यूजियम के लिए PM मोदी का किया आभार, बंदी सिखों की रिहाई और करतारपुर कॉरिडोर खोलने की माँग

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शिअद नेता संजीत सिंह गिल ने कुरुक्षेत्र सिख म्यूजियम के लिए PM मोदी का किया आभार, बंदी सिखों की रिहाई और करतारपुर कॉरिडोर खोलने की माँग

सारांश

शिअद के वाइस प्रेसिडेंट संजीत सिंह गिल ने कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम के लिए PM मोदी का आभार जताते हुए तीन बड़ी माँगें रखीं — करतारपुर कॉरिडोर को फिर खोला जाए, सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों को रिहा किया जाए, और आतंकवाद के दौर में पड़े पंजाब के कर्ज को माफ किया जाए।

मुख्य बातें

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वाइस प्रेसिडेंट संजीत सिंह सनी गिल ने 17 जुलाई को मोगा में PM नरेंद्र मोदी का कुरुक्षेत्र सिख म्यूजियम के लिए आभार व्यक्त किया।
गिल ने करतारपुर कॉरिडोर को पुनः खोलने की माँग की, जिसके बंद रहने से सिख श्रद्धालु श्री करतारपुर साहिब के दर्शन से वंचित हैं।
सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की तत्काल रिहाई को उनका कानूनी अधिकार बताते हुए केंद्र से कार्रवाई की माँग की।
आतंकवाद के दौर में पंजाब पर चढ़े कर्ज को राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में माफ करने का आग्रह किया।
गिल ने कहा कि PM के पंजाब दौरे के दौरान बंदी सिखों की रिहाई की घोषणा से राज्य की जनता की भावनाओं को सम्मान मिलेगा।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वाइस प्रेसिडेंट संजीत सिंह सनी गिल ने 17 जुलाई को मोगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया — विशेष रूप से कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम की स्थापना की पहल के लिए। उनका कहना था कि यह संग्रहालय सिख गुरुओं के बलिदान और समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

सिख म्यूजियम का महत्व

गिल ने कहा कि कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित सिख संग्रहालय केवल एक समुदाय विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। उनके अनुसार, सिख गुरुओं और समाज ने देश की रक्षा के लिए जो अतुलनीय बलिदान दिए हैं, उन्हें संग्रहालय के माध्यम से युवा पीढ़ी बेहतर ढंग से समझ सकेगी। SAD नेता ने इस कदम को सिख इतिहास और परंपराओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।

करतारपुर कॉरिडोर फिर खोलने की अपील

गिल ने प्रधानमंत्री मोदी से करतारपुर कॉरिडोर को पुनः शुरू करने की अपील की। उनका कहना था कि पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब का मार्ग बंद होने से देश-विदेश की सिख संगतें अपने पवित्र तीर्थ के दर्शन से वंचित हैं और समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर कूटनीतिक तनाव बना हुआ है।

बंदी सिखों की रिहाई की माँग

शिअद नेता ने केंद्र सरकार से उन सिख कैदियों को रिहा करने की माँग की जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, फिर भी जेलों में बंद हैं। गिल ने कहा कि ऐसे बंदियों की रिहाई उनका कानूनी अधिकार है और सरकार को इस दिशा में तत्काल सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री अपने पंजाब दौरे के दौरान इस संदर्भ में कोई घोषणा करते हैं, तो इससे राज्य की जनता की भावनाओं को सम्मान मिलेगा और वर्षों से चले आ रहे दर्द को कम किया जा सकेगा।

पंजाब के कर्ज माफी की माँग

गिल ने पंजाब की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनके अनुसार, आतंकवाद के दौर में राज्य पर जो भारी वित्तीय बोझ पड़ा था, वह ब्याज के कारण अब कई गुना बढ़ चुका है। उन्होंने तर्क दिया कि आतंकवाद केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा था और उस दौर में राज्य ने देश की रक्षा के लिए बड़ी कीमत चुकाई। इस ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से पंजाब के कर्ज को माफ करने पर विचार करने का आग्रह किया, ताकि राज्य के विकास कार्यों को नई गति मिल सके।

आगे की राह

शिरोमणि अकाली दल की यह माँगें ऐसे समय में सामने आई हैं जब पार्टी पंजाब में अपनी राजनीतिक स्थिति को पुनः मजबूत करने में जुटी है। गिल की तीन सूत्री अपील — करतारपुर कॉरिडोर, बंदी सिखों की रिहाई और कर्ज माफी — पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि बंदी सिखों की रिहाई वर्षों से लंबित मानवाधिकार प्रश्न है जिस पर केंद्र सरकारें बचती रही हैं। पंजाब के कर्ज माफी की माँग आर्थिक रूप से तर्कसंगत है, लेकिन इसे लागू करना राजकोषीय और राजनीतिक दोनों दृष्टि से जटिल है — और यही तीनों माँगें मिलकर शिअद को पंजाब में प्रासंगिक बनाए रखने का प्रयास करती हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुरुक्षेत्र में सिख म्यूजियम क्यों बनाया जा रहा है?
कुरुक्षेत्र में प्रस्तावित सिख म्यूजियम का उद्देश्य सिख गुरुओं के बलिदान, इतिहास और समुदाय के राष्ट्रीय योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है। शिअद नेता संजीत सिंह गिल के अनुसार यह संग्रहालय पूरे देश के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
करतारपुर कॉरिडोर बंद क्यों है और इसे खोलने की माँग क्यों हो रही है?
करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब तक जाने का मार्ग है, जो भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण बंद है। इसके बंद रहने से देश-विदेश की सिख संगतें अपने पवित्र तीर्थ के दर्शन से वंचित हैं, जिससे समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं।
बंदी सिख कौन हैं और उनकी रिहाई की माँग क्यों है?
बंदी सिख वे कैदी हैं जो अपनी न्यायिक सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन विभिन्न कारणों से अभी भी जेलों में बंद हैं। शिअद नेता गिल ने इसे उनका कानूनी अधिकार बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने की माँग की है।
पंजाब के कर्ज माफी की माँग का आधार क्या है?
शिअद नेता का तर्क है कि आतंकवाद के दौर में पंजाब ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भारी वित्तीय बोझ उठाया था। वह कर्ज ब्याज के साथ कई गुना बढ़ चुका है और चूँकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा था, इसलिए केंद्र सरकार को इस कर्ज को माफ करने पर विचार करना चाहिए।
शिअद की इन माँगों का पंजाब की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
शिरोमणि अकाली दल इन माँगों के ज़रिए सिख समुदाय के प्रमुख भावनात्मक और आर्थिक मुद्दों को उठाकर पंजाब में अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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