साहिबाबाद फर्नीचर फैक्ट्री में भीषण आग: एसएस फर्नीचर सोफा होम जलकर खाक, कार-मशीनरी भी नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र, साइट-4 स्थित एसएस फर्नीचर सोफा होम फैक्ट्री में 10 जून की तड़के करीब 4:55 बजे भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग को तत्काल सूचना मिलने पर कई गाड़ियाँ मौके पर रवाना की गईं और घंटों की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग का विस्तार और घटनाक्रम
प्लॉट संख्या 534-सी पर स्थित इस फैक्ट्री में सोफे बनाने का काम होता था। परिसर में बड़ी मात्रा में लकड़ी, फोम तथा अन्य ज्वलनशील सामग्री का भंडार था, जिसके चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फायर विभाग को सूचना मिलते ही प्रभारी अधिकारी फायर टेंडरों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
आग की गंभीरता को भाँपते हुए तत्काल मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सतर्क किया गया। उनके निर्देश पर फायर स्टेशन वैशाली से दो अतिरिक्त वाटर ब्राउज़र भी मौके पर भेजे गए। दमकल कर्मियों ने चारों दिशाओं से घेराबंदी कर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
राहत कार्य में आई बाधाएँ
आग की तेज लपटों के कारण फैक्ट्री का टिन शेड ढह गया, जिससे बचाव कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई। स्थिति से निपटने के लिए मौके पर जेसीबी मशीन मँगाई गई। जेसीबी की सहायता से गिरे हुए शेड को हटाने के बाद दमकलकर्मी अंदर तक पहुँचे और आग बुझाने की कार्रवाई तेज की। कई घंटों की अथक मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
नुकसान का ब्यौरा
इस अग्निकांड में फैक्ट्री परिसर में खड़ी एक हुंडई वेन्यू कार, एक मोटरसाइकिल, डीजी सेट तथा भारी मात्रा में मशीनरी और तैयार फर्नीचर सामग्री जलकर राख हो गई। कुल नुकसान लाखों रुपये में आँका जा रहा है।
आग लगने का कारण और व्यापक खतरा
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में आग लगने का संभावित कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालाँकि अंतिम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो निकटवर्ती आवासीय भवन भी इसकी चपेट में आ सकते थे और यह घटना और बड़े हादसे का रूप ले सकती थी। गौरतलब है कि साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की अग्नि दुर्घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं, जो ज्वलनशील सामग्री के भंडारण और अग्नि सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती हैं। आगे की जाँच जारी है।