साहिबाबाद के पेपर मार्ट में भीषण आग, तीन दमकल गाड़ियों और जेसीबी से बुझाई लपटें
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित कड़कड़ मॉडल साइट-4 के यक्षित पेपर मार्ट में 26 अगस्त की सुबह करीब 5:31 बजे भीषण आग भड़क उठी, जिसने फैक्ट्री में रखे भारी मात्रा के पेपर रोल को अपनी चपेट में ले लिया। साहिबाबाद फायर स्टेशन की त्वरित कार्रवाई की बदौलत आग को आसपास की औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोक दिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
आग का विकराल रूप और तत्काल सूचना
प्लॉट नंबर 306, कड़कड़ मॉडल साइट-4, रेड रोज पब्लिक स्कूल के निकट स्थित यक्षित पेपर मार्ट में आग की सूचना फायर स्टेशन साहिबाबाद, कमिश्नरेट गाजियाबाद को सुबह 5:31 बजे मिली। कागज अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण लपटें देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर गईं। फैक्ट्री के चारों ओर अन्य औद्योगिक इकाइयाँ होने के कारण आग के फैलाव का गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही फायर स्टेशन साहिबाबाद के प्रभारी अधिकारी तीन फायर टेंडरों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। आग की भयावहता और पेपर रोल की बड़ी मात्रा को देखते हुए फायर स्टेशन वैशाली से एक अतिरिक्त वाटर बाउजर भी मंगाया गया। अतिरिक्त संसाधन पहुँचने के बाद अग्निशमन अभियान को और तेज़ किया गया।
जेसीबी की अहम भूमिका
इस अग्निकांड में सबसे बड़ी चुनौती पेपर रोल के भीतर दबी आग को बुझाना था। बाहर से पानी डालने के बावजूद रोल के अंदर आग सुलगती रहने की आशंका थी। इसके समाधान के लिए मौके पर जेसीबी मशीन मंगाई गई, जिसकी सहायता से पेपर रोल को उलट-पलटकर अंदर की लपटों और गर्म हिस्सों तक दमकल कर्मियों की पहुँच बनाई गई। इसके बाद लगातार पानी की बौछार से आग को पूरी तरह नियंत्रित किया गया।
बड़ा औद्योगिक हादसा टला
फायर विभाग के अनुसार, इस अग्निकांड में किसी व्यक्ति की मृत्यु या घायल होने की सूचना नहीं है। दमकल कर्मियों की साहसिक कार्रवाई के चलते आग आसपास की फैक्ट्रियों तक नहीं पहुँच सकी, जिससे एक बड़ा औद्योगिक हादसा टल गया। गौरतलब है कि यदि आग समय रहते काबू नहीं होती, तो पड़ोसी औद्योगिक इकाइयाँ भी इसकी चपेट में आ सकती थीं।
नुकसान का आकलन जारी
आग लगने के सटीक कारणों और संपत्ति के नुकसान का विस्तृत आकलन संबंधित स्तर पर किया जाएगा। फिलहाल अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है। साहिबाबाद का यह औद्योगिक क्षेत्र गाजियाबाद के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में से एक है, जहाँ इस तरह की घटनाएँ व्यापक नुकसान का कारण बन सकती हैं।