21 अक्टूबर 2026
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संबित पात्रा का बड़ा आरोप: राहुल गांधी के विदेश दौरे पर 'रेजीम चेंज' की साजिश — भाजपा

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संबित पात्रा का बड़ा आरोप: राहुल गांधी के विदेश दौरे पर 'रेजीम चेंज' की साजिश — भाजपा

सारांश

भाजपा प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने भुवनेश्वर में राहुल गांधी के विदेश दौरे को 'रेजीम चेंज' की साजिश बताया, दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला दिया, और 1 नवंबर के रामलीला प्रदर्शन को 1984 के सिख नरसंहार से जोड़ते हुए कड़ी चेतावनी दी।

मुख्य बातें

संबित पात्रा ने 21 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि राहुल गांधी का विदेश दौरा 'रेजीम चेंज' की रणनीति के लिए है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुनवाई में कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत तिरंगे के कारण नहीं, बल्कि पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के कारण हुई।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है।
पात्रा ने 1 नवंबर 1984 के सिख नरसंहार का हवाला देते हुए उस तारीख को प्रदर्शन की योजना पर सवाल उठाए; उस दिन 3,000 से अधिक सिखों की हत्या हुई थी।
भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी के विदेश दौरे के सभी सबूत शीघ्र सार्वजनिक किए जाएंगे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने 21 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा में एक प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मौजूदा विदेश दौरा भारत में 'रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से है। उन्होंने यह भी कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत तिरंगा फहराने के कारण नहीं, बल्कि पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के कारण हुई — एक तथ्य जो उनके अनुसार दिल्ली उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में स्पष्ट हुआ।

दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणियाँ

डॉ. पात्रा ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए। अदालत ने आशुतोष रांका (आयु 27 वर्ष) और सौरव दास (आयु 31 वर्ष) से कहा कि वे 'जेन-ज़ी' का प्रतिनिधित्व नहीं करते, जबकि वे ऐसा दावा कर रहे थे।

अदालत ने यह भी कहा कि जब यह आंदोलन शुरू हुआ था, तब मुद्दे अलग थे, लेकिन अब मुद्दे बदल गए हैं जबकि लोग वही हैं — जिसे डॉ. पात्रा ने 'प्रायोजित आंदोलन' का प्रमाण बताया। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कथित तौर पर यह चेतावनी भी दी कि यदि आयोजक नियंत्रण खो देते हैं, तो प्रदर्शन आगजनी, लूटपाट और हिंसा में बदल सकते हैं।

राहुल गांधी के विदेश दौरे पर आरोप

डॉ. पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश में 'सोरोस एंड कंपनी' के साथ भारत में 'रेजीम चेंज' की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में एक बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है।

पात्रा ने संजय राउत का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राउत ने अल्बानिया की संसद में आग लगने की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि भारत में भी ऐसा होना चाहिए, और यह भी कि जब राहुल गांधी विदेश से लौटेंगे तो देश में 'जलजला आएगा।' गौरतलब है कि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और ये डॉ. पात्रा के दावे हैं।

1 नवंबर की तारीख और 1984 का संदर्भ

भाजपा प्रवक्ता ने 1 नवंबर 2026 के प्रस्तावित प्रदर्शन को 1984 के सिख नरसंहार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1984 भारतीय लोकतंत्र का एक काला दिन था, जब कांग्रेस शासन में देशभर में 3,000 से अधिक सिखों की हत्या कर दी गई थी।

उन्होंने जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार के नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मतदाता सूचियों के जरिए सिख परिवारों के घरों की पहचान की थी। पात्रा ने कहा कि आज कांग्रेस का उसी तारीख को प्रदर्शन करना प्रतीकात्मक रूप से सवाल खड़े करता है।

जाकिर नाइक और 'देश के दुश्मनों' का उल्लेख

डॉ. पात्रा ने जाकिर नाइक का उल्लेख करते हुए कहा कि एक कथित स्टिंग ऑपरेशन में जाकिर नाइक ने कहा कि वह भारत में 'रेजीम चेंज' होने पर ही वापस लौटेगा। उन्होंने दाऊद इब्राहिम का भी नाम लेते हुए कहा कि देश के तमाम 'दुश्मन' सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजयादशमी भाषण का हवाला देते हुए कहा कि मोदी ने स्पष्ट किया कि जो लोग देश को कमजोर करने की साजिश करते हैं, वे भारत के दुश्मन हैं। डॉ. पात्रा ने कहा, 'हम भारत के दुश्मनों का दहन लोकतांत्रिक तरीके से, वोट के माध्यम से करेंगे।'

आगे क्या होगा

डॉ. पात्रा ने घोषणा की कि भाजपा राहुल गांधी के विदेश दौरे से संबंधित 'एक-एक सबूत' सार्वजनिक करेगी। 1 नवंबर के प्रदर्शन से पहले भाजपा की ओर से और खुलासे किए जाने की संभावना है। यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकता है, खासकर तब जब रामलीला मैदान प्रदर्शन की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये सभी एकतरफा राजनीतिक दावे हैं — राहुल गांधी की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, और 'सोरोस एंड कंपनी' से मुलाकात के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणियाँ — जो खुद पात्रा के अनुसार पीस बॉन्ड उल्लंघन तक सीमित हैं — को 'रेजीम चेंज' के व्यापक आख्यान से जोड़ना एक राजनीतिक फ्रेमिंग है, न कि न्यायिक निष्कर्ष। 1 नवंबर 1984 की तारीख को मौजूदा विरोध प्रदर्शन से जोड़ना भावनात्मक दृष्टि से तीखा कदम है — यह सिख समुदाय के प्रति संवेदनशील मुद्दे को चुनावी राजनीति के साथ मिलाने का प्रयास है। पाठकों के लिए ज़रूरी है कि वे इन दावों को उनके राजनीतिक संदर्भ में समझें और विपक्ष की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करें।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के विदेश दौरे पर क्या आरोप लगाए?
डॉ. संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश में 'सोरोस एंड कंपनी' से मिलकर भारत में 'रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की रणनीति बना रहे हैं। ये आरोप भाजपा के एकतरफा दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में क्यों लिया गया?
पात्रा के अनुसार दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इन दोनों की न्यायिक हिरासत तिरंगा फहराने के कारण नहीं, बल्कि पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के कारण हुई। पहली बार रिहा होने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने उस बॉन्ड की शर्तों का पालन नहीं किया था।
1 नवंबर के रामलीला मैदान प्रदर्शन का महत्व क्या है?
कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है। भाजपा ने इस तारीख को 1 नवंबर 1984 के सिख नरसंहार से जोड़ते हुए इसे राजनीतिक रूप से उकसावे वाला कदम बताया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के बारे में क्या कहा?
पात्रा के अनुसार न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि यदि प्रदर्शन के आयोजक नियंत्रण खो देते हैं, तो विरोध-प्रदर्शन आगजनी, लूटपाट और हिंसा में बदल सकते हैं। कोर्ट ने यह भी पूछा कि आंदोलनकारियों का किससे जुड़ाव है और उनका उद्देश्य क्या है।
भाजपा आगे क्या कदम उठाने की योजना बना रही है?
डॉ. पात्रा ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के विदेश दौरे से संबंधित 'एक-एक सबूत' सार्वजनिक करेगी। 1 नवंबर के प्रदर्शन से पहले और खुलासे किए जाने की संभावना है, और पार्टी ने कहा है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरण के माध्यम से इन प्रयासों का जवाब देगी।
राष्ट्र प्रेस
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