संबित पात्रा का कांग्रेस पर हमला: वंदे मातरम के 6 छंदों पर कोई समझौता नहीं — BJP
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने 22 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वंदे मातरम को केवल दो छंदों के बाद रुकवाने का निर्देश दिया। पात्रा ने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम के सम्मान के मुद्दे पर भाजपा किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
पहली पदाधिकारी बैठक और ऐतिहासिक प्रस्ताव
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा के बाद शनिवार, 22 अगस्त को भाजपा मुख्यालय में पहली पदाधिकारी बैठक संपन्न हुई। संबित पात्रा ने बताया कि इस बैठक में पहला प्रस्ताव वंदे मातरम के सम्मान में पारित किया गया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के रूप में मनाया जा रहा है और देशभर में इस राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिल रहा है।
लाल किले पर पहली बार गाए गए सभी 6 छंद
पात्रा ने दावा किया कि 15 अगस्त 2026 को भारत के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए के नेतृत्व में लाल किले के परिसर में वंदे मातरम के सभी 6 छंदों का गायन हुआ। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा, 'वंदे मातरम को मैंने मंत्र इसलिए कहा, क्योंकि इस मंत्र के मूल में देश है, देशभक्ति है।'
कांग्रेस पर आरोप: सोनिया गांधी ने रुकवाया वंदे मातरम
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यालय का एक वीडियो सामने आया, जिसमें सोनिया गांधी को वंदे मातरम दो छंदों के बाद रोकने के लिए कहते देखा गया। उन्होंने कहा, 'जब तिरंगा लहराया जा रहा था और वंदे मातरम शुरू हुआ, तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में सोनिया गांधी को 'स्टॉप-स्टॉप' कहते हुए सुना गया, जैसे कोई गलत शब्द बोल दिए गए हों।' गौरतलब है कि यह आरोप कांग्रेस की ओर से अभी तक खंडित नहीं किया गया है।
1937 का CWC प्रस्ताव और तुष्टिकरण का आरोप
पात्रा ने यह भी कहा कि 19 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में एक ऐसा प्रस्ताव पारित किया गया, जो मूलतः अक्टूबर 1937 में कलकत्ता में पारित कांग्रेस वर्किंग कमेटी के प्रस्ताव की पुनरावृत्ति थी। उस प्रस्ताव में वंदे मातरम के केवल 2 छंद गाने की बात कही गई थी। भाजपा प्रवक्ता ने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' करार देते हुए कहा कि राष्ट्र भक्ति का आवरण अब कांग्रेस से पूरी तरह हट चुका है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महात्मा गांधी ने स्वयं वंदे मातरम गाने की बात कही थी और यह गीत कभी हिंदू-मुसलमानों को बांटने का साधन नहीं था।
राहुल गांधी पर अलग आरोप और BJP का संकल्प
संबित पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक बंद कमरे की बैठक में कथित तौर पर कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पात्रा ने स्पष्ट किया कि भाजपा वंदे मातरम के सम्मान के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी और देश को बांटने की किसी भी कोशिश का विरोध करेगी। यह टकराव ऐसे समय में उभरा है जब स्वतंत्रता दिवस के बाद की राजनीतिक बहस तेज हो गई है।