संबित पात्रा का खड़गे पर पलटवार: 'पटना में अपने ही कार्यकर्ताओं ने जताई आपत्ति, यह राहुल की भाषा है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने 25 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर कड़ा पलटवार किया। पात्रा ने आरोप लगाया कि पटना में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह खुद उनकी नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की परिपाटी से निकली भाषा है।
पटना सम्मेलन में क्या हुआ
पात्रा के अनुसार, पटना में हुए कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में खड़गे अपने भाषण में यह कह रहे थे कि वे प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटा देंगे और कांग्रेस वापस सत्ता में आएगी। इसी दौरान, पात्रा के दावे के मुताबिक, कार्यक्रम में मौजूद एक कांग्रेस कार्यकर्ता खड़ा हुआ और उसने कहा कि 'मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।' पात्रा ने इस घटनाक्रम को कांग्रेस की आंतरिक दरारों का प्रमाण बताया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में 'अस्पष्टता' का दावा
संबित पात्रा ने कहा कि इस पूरी घटना के दो पहलू हैं। उनके अनुसार, 'पहला यह कि खुद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के मन में राहुल गांधी को लेकर अस्पष्टता है — वे जानते हैं कि राहुल गांधी से यह काम नहीं होगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'वेकेशन मोड' में रहते हैं और जब से उन्होंने पार्टी की कमान संभाली है, तब से कांग्रेस का पतन हो रहा है। साथ ही, कार्यकर्ता ने कथित तौर पर यह भी कहा कि 'हमारे नॉन-फंक्शनिंग अध्यक्ष हमेशा छुट्टियों पर रहते हैं, ऐसे में कांग्रेस चुनाव कैसे जीतेगी।'
खड़गे की भाषा पर सवाल
पात्रा ने अपने बयान के दूसरे पहलू में कहा कि 'मल्लिकार्जुन खड़गे को इस उम्र में यह भाषा शोभा नहीं देती।' उन्होंने स्पष्ट किया कि 'यह भाषा खड़गे की नहीं है — यह राहुल गांधी की परिपाटी है जो उन्होंने खुद शुरू की है।' पात्रा ने इसे 'कुंठा की भाषा' बताया और कहा कि यह निराशा इसलिए उपजी है क्योंकि कांग्रेस बार-बार राहुल गांधी को 'लॉन्च' करने की कोशिश करती रही, लेकिन न तो कांग्रेस का उद्धार हो सका और न ही 'रिजीम चेंज' संभव हो पाया।
1 नवंबर को व्यापारियों के आंदोलन का संदर्भ
पात्रा ने 1 नवंबर की तारीख का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 'व्यापारियों के व्यापार को चोट पहुँचाने की कोशिश करने वाले कुंठा में डूबे हैं।' उन्होंने इसे 'बहुत ही निंदनीय' करार देते हुए कहा कि आज कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता असलियत जानता है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सहित देश के कई राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह बयान तब आया जब कांग्रेस पार्टी अपनी संगठनात्मक मजबूती के लिए देशभर में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर रही है। BJP और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध राष्ट्रीय राजनीति में जुबानी टकराव का हिस्सा है। आलोचकों का कहना है कि दोनों दलों की ओर से व्यक्तिगत टिप्पणियाँ नीतिगत बहस की जगह ले रही हैं।