20 अक्टूबर 2026
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संजय निषाद का बड़ा बयान: बुद्ध और अंबेडकर ने मिटाई सामाजिक असमानता, मोदी-योगी पर जनता का भरोसा

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संजय निषाद का बड़ा बयान: बुद्ध और अंबेडकर ने मिटाई सामाजिक असमानता, मोदी-योगी पर जनता का भरोसा

सारांश

यूपी मंत्री डॉ. संजय निषाद ने बुद्ध और अंबेडकर की विरासत को सामाजिक समता का आधार बताया, विपक्ष पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। 21 अक्टूबर को तालकटोरा स्टेडियम में संवैधानिक अधिकार महासम्मेलन — BJP गठबंधन की शर्तें भी सार्वजनिक।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भगवान बुद्ध और डॉ.
भीमराव अंबेडकर ने सामाजिक असमानता को समाप्त कर सभी को बराबरी का अधिकार दिलाया।
उन्होंने संविधान को गरीब उत्थान और समान अवसर की गारंटी का दस्तावेज़ बताया।
विपक्षी दलों पर आरोप — सत्ता में आने के बाद वंचित वर्गों को भूल जाते हैं; जनता अब मोदी-योगी पर भरोसा कर रही है।
अखिलेश यादव की 60 सीटों वाली टिप्पणी का जवाब दिया — BJP से गठबंधन सामाजिक मुद्दों के समाधान पर टिका है।
निषाद पार्टी का संवैधानिक अधिकार महासम्मेलन 21 अक्टूबर 2026 को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में आयोजित।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में जड़ें जमा चुकी असमानता की जंजीरों को तोड़कर सभी वर्गों को समान अधिकार का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार, भारत के संविधान की आत्मा भी इसी समभाव और गरीब कल्याण की भावना में बसती है।

बुद्ध और अंबेडकर की विचारधारा पर निषाद का बयान

डॉ. निषाद ने अपनी बात को ऐतिहासिक संदर्भ में रखते हुए कहा, 'पहले एक विचारधारा थी कि झोपड़ी वाले कमाएंगे, खोपड़ी वाले खाएंगे। झोपड़ी वालों को भगवान ने गरीब बना दिया और खोपड़ी वालों को अमीर बना दिया। जब बुद्ध आए, तो सब बराबर हो गए। अंबेडकर आए, तो कहा गया कि सब लोग मिलकर कमाएंगे और सभी भगवान के समान बच्चे हैं।'

उन्होंने यह भी कहा कि अमीरों के कर-राजस्व से गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना संवैधानिक विचारधारा का मूल है। उनके अनुसार यही बुद्ध के समतामूलक दर्शन की वास्तविक परिणति है।

विपक्ष पर आरोप: वादे करके भूल गए

डॉ. निषाद ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दल सत्ता में आने से पहले सम्मान, सुरक्षा, समृद्धि, समानता और स्वावलंबन के वादे करते हैं, लेकिन सत्ता मिलते ही इन्हीं वर्गों को भूल जाते हैं। उनके मुताबिक, जनता अब इन दलों को भुला रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विश्वास जता रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक समीकरणों की राजनीति तेज़ है और निषाद समाज जैसे पिछड़े वर्गों की भागीदारी सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।

अखिलेश यादव की '60 सीट' टिप्पणी पर पलटवार

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की 60 सीटों वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि वे राजनीति में 'खाना खाने' नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि BJP सामाजिक मुद्दों को हल करना बंद करेगी, तभी गठबंधन पर पुनर्विचार होगा — अभी ऐसी स्थिति नहीं है।

गौरतलब है कि यह बयान निषाद पार्टी की BJP के साथ साझेदारी की सीमाओं और शर्तों को भी सार्वजनिक रूप से रेखांकित करता है।

संवैधानिक अधिकार महासम्मेलन: 21 अक्टूबर को दिल्ली में

निषाद पार्टी ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में एक विशाल 'संवैधानिक अधिकार महासम्मेलन' के आयोजन की घोषणा की है। मंत्री निषाद ने कहा कि यह आयोजन निषाद समाज में संवैधानिक जागरूकता फैलाने और लंबित सामाजिक मुद्दों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

आने वाले दिनों में इस सम्मेलन से निकलने वाले प्रस्तावों और सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिना शर्त समर्पण पर नहीं। अखिलेश यादव की '60 सीट' वाली टिप्पणी के बाद यह पलटवार दर्शाता है कि UP में पिछड़े वर्गों की गोलबंदी अब सत्तारूढ़ खेमे के लिए भी प्रबंधन की चुनौती बन रही है। तालकटोरा महासम्मेलन का समय — विधानसभा चुनाव से पहले का राजनीतिक कैलेंडर — बताता है कि निषाद पार्टी सौदेबाज़ी की अपनी स्थिति मज़बूत कर रही है। मुख्यधारा की कवरेज इसे सिर्फ 'वैचारिक बयान' मान सकती है, लेकिन असली खबर गठबंधन की आंतरिक शर्तों का सार्वजनिक होना है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. संजय निषाद ने बुद्ध और अंबेडकर के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में जड़ें जमाई असमानता को समाप्त किया और सभी को समान अधिकार दिलाए। उनके अनुसार, संविधान की मूल भावना भी इसी समतामूलक दर्शन पर आधारित है।
निषाद पार्टी का संवैधानिक अधिकार महासम्मेलन कब और कहाँ है?
यह महासम्मेलन 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य निषाद समाज में संवैधानिक जागरूकता फैलाना और लंबित सामाजिक मुद्दों पर ध्यान दिलाना है।
संजय निषाद ने अखिलेश यादव की '60 सीट' टिप्पणी पर क्या कहा?
डॉ. निषाद ने कहा कि वे सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए BJP के साथ आए हैं, न कि राजनीतिक लाभ के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि BJP सामाजिक मुद्दे हल करना बंद करेगी, तभी गठबंधन पर पुनर्विचार होगा।
संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सत्ता में आने से पहले वंचित वर्गों को सम्मान, सुरक्षा और समानता देने का वादा करते हैं, लेकिन सत्ता मिलते ही इन्हें भूल जाते हैं। इसीलिए जनता अब प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी पर भरोसा जता रही है।
निषाद पार्टी और BJP का गठबंधन किन शर्तों पर टिका है?
डॉ. निषाद के अनुसार, यह गठबंधन BJP द्वारा सामाजिक मुद्दों के समाधान पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जब तक BJP इन मुद्दों पर पहल करती रहेगी, गठबंधन बना रहेगा — और यदि दरवाज़ा बंद हुआ तो पुनर्विचार होगा।
राष्ट्र प्रेस
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