संजय निषाद का बड़ा बयान: बुद्ध और अंबेडकर ने मिटाई सामाजिक असमानता, मोदी-योगी पर जनता का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में जड़ें जमा चुकी असमानता की जंजीरों को तोड़कर सभी वर्गों को समान अधिकार का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार, भारत के संविधान की आत्मा भी इसी समभाव और गरीब कल्याण की भावना में बसती है।
बुद्ध और अंबेडकर की विचारधारा पर निषाद का बयान
डॉ. निषाद ने अपनी बात को ऐतिहासिक संदर्भ में रखते हुए कहा, 'पहले एक विचारधारा थी कि झोपड़ी वाले कमाएंगे, खोपड़ी वाले खाएंगे। झोपड़ी वालों को भगवान ने गरीब बना दिया और खोपड़ी वालों को अमीर बना दिया। जब बुद्ध आए, तो सब बराबर हो गए। अंबेडकर आए, तो कहा गया कि सब लोग मिलकर कमाएंगे और सभी भगवान के समान बच्चे हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि अमीरों के कर-राजस्व से गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना संवैधानिक विचारधारा का मूल है। उनके अनुसार यही बुद्ध के समतामूलक दर्शन की वास्तविक परिणति है।
विपक्ष पर आरोप: वादे करके भूल गए
डॉ. निषाद ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दल सत्ता में आने से पहले सम्मान, सुरक्षा, समृद्धि, समानता और स्वावलंबन के वादे करते हैं, लेकिन सत्ता मिलते ही इन्हीं वर्गों को भूल जाते हैं। उनके मुताबिक, जनता अब इन दलों को भुला रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विश्वास जता रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक समीकरणों की राजनीति तेज़ है और निषाद समाज जैसे पिछड़े वर्गों की भागीदारी सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।
अखिलेश यादव की '60 सीट' टिप्पणी पर पलटवार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की 60 सीटों वाली टिप्पणी का जवाब देते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि वे राजनीति में 'खाना खाने' नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि BJP सामाजिक मुद्दों को हल करना बंद करेगी, तभी गठबंधन पर पुनर्विचार होगा — अभी ऐसी स्थिति नहीं है।
गौरतलब है कि यह बयान निषाद पार्टी की BJP के साथ साझेदारी की सीमाओं और शर्तों को भी सार्वजनिक रूप से रेखांकित करता है।
संवैधानिक अधिकार महासम्मेलन: 21 अक्टूबर को दिल्ली में
निषाद पार्टी ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में एक विशाल 'संवैधानिक अधिकार महासम्मेलन' के आयोजन की घोषणा की है। मंत्री निषाद ने कहा कि यह आयोजन निषाद समाज में संवैधानिक जागरूकता फैलाने और लंबित सामाजिक मुद्दों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
आने वाले दिनों में इस सम्मेलन से निकलने वाले प्रस्तावों और सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।