22 जुलाई 2026
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शांतिपुर में नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म: दो आरोपी 12 घंटे में गिरफ्तार, बुधवार को कोर्ट में पेशी

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शांतिपुर में नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म: दो आरोपी 12 घंटे में गिरफ्तार, बुधवार को कोर्ट में पेशी

सारांश

नादिया के शांतिपुर में एक तलाकशुदा महिला को नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। शिकायत के महज 12 घंटे में पुलिस ने शेखर बिस्वास और माणिक देबनाथ को हिरासत में लिया। दोनों बुधवार को कोर्ट में पेश होंगे।

मुख्य बातें

शांतिपुर, नादिया में तलाकशुदा महिला के साथ नौकरी का झांसा देकर कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया।
आरोपी शेखर बिस्वास और माणिक देबनाथ को पुलिस ने 21 जुलाई को गिरफ्तार किया।
शिकायत दर्ज होने के 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपी हिरासत में लिए गए।
आरोपियों ने आपत्तिजनक वीडियो-तस्वीरें वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर पीड़िता को चुप रखा।
दोनों को 22 जुलाई को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा; पुलिस कस्टडी रिमांड माँगेगी।

नादिया जिले के शांतिपुर में एक तलाकशुदा महिला को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने मंगलवार, 21 जुलाई को दो लोगों को गिरफ्तार किया। पीड़िता की शिकायत दर्ज होने के महज 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।

घटनाक्रम: कैसे रचा गया षड्यंत्र

पीड़िता शांतिपुर की निवासी है। रोजगार की तलाश में उसने बाबला-गोबिंदपुर दक्षिण कायस्थपारा के रहने वाले शेखर बिस्वास से संपर्क किया था। आरोप है कि शेखर ने उसे स्थानीय वॉर्डरोब फैक्ट्री के मालिक माणिक देबनाथ से मिलवाया।

इसके बाद शेखर ने काम दिलाने के बहाने महिला को अलग-अलग स्थानों पर बुलाया। आरोप है कि वह उसे एक होटल ले गया और कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने अंतरंग पलों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

दोहरी ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी

आरोप है कि माणिक देबनाथ ने भी उसी तरह महिला के साथ दुष्कर्म किया और वीडियो व तस्वीरें रिकॉर्ड कीं। दोनों आरोपियों ने महिला को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएगी। इसके अलावा उसे जान से मारने की भी धमकी दी गई, जिसके कारण पीड़िता लंबे समय तक डर की वजह से चुप रही।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सोमवार को पीड़िता ने साहस जुटाकर शांतिपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। नादिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'महिला की शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले में आगे की पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी की मांग करेगी।'

पीड़िता ने दोनों आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।

आगे क्या होगा

गिरफ्तार शेखर बिस्वास और माणिक देबनाथ को बुधवार, 22 जुलाई को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने संकेत दिया है कि वह आगे की जांच के लिए दोनों की न्यायिक हिरासत माँगेगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के नाम पर होने वाले शोषण के व्यापक संदर्भ में एक गंभीर चेतावनी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पीड़िता को न्याय के लिए महीनों तक डर में जीना पड़ा — यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया ब्लैकमेल के खिलाफ जागरूकता और त्वरित रिपोर्टिंग तंत्र अभी भी कमजोर है। डिजिटल साक्ष्य संरक्षण और ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक सुनवाई की माँग और अधिक प्रासंगिक हो जाती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांतिपुर दुष्कर्म मामले में कौन गिरफ्तार हुए हैं?
नादिया जिले के शांतिपुर में नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में शेखर बिस्वास और माणिक देबनाथ को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर पीड़िता के साथ बार-बार दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप है।
पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराने में देरी क्यों की?
आरोपियों ने पीड़िता को आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा जान से मारने की धमकी दी थी। इस डर के कारण वह लंबे समय तक चुप रहीं और सोमवार को साहस जुटाकर पुलिस के पास पहुँचीं।
पुलिस ने कितनी जल्दी कार्रवाई की?
शांतिपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के महज 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। नादिया जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
आरोपियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
दोनों आरोपियों को बुधवार, 22 जुलाई को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उनकी न्यायिक हिरासत (कस्टडी रिमांड) की माँग करेगी।
इस मामले में ब्लैकमेलिंग का तरीका क्या था?
आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म के दौरान वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड कीं। इसके बाद उन्होंने इस सामग्री को सोशल मीडिया पर फैलाने की धमकी देकर पीड़िता को चुप रखा और जान से मारने की भी धमकी दी।
राष्ट्र प्रेस
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