शांतिपुर में नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म: दो आरोपी 12 घंटे में गिरफ्तार, बुधवार को कोर्ट में पेशी
सारांश
मुख्य बातें
नादिया जिले के शांतिपुर में एक तलाकशुदा महिला को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने मंगलवार, 21 जुलाई को दो लोगों को गिरफ्तार किया। पीड़िता की शिकायत दर्ज होने के महज 12 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
घटनाक्रम: कैसे रचा गया षड्यंत्र
पीड़िता शांतिपुर की निवासी है। रोजगार की तलाश में उसने बाबला-गोबिंदपुर दक्षिण कायस्थपारा के रहने वाले शेखर बिस्वास से संपर्क किया था। आरोप है कि शेखर ने उसे स्थानीय वॉर्डरोब फैक्ट्री के मालिक माणिक देबनाथ से मिलवाया।
इसके बाद शेखर ने काम दिलाने के बहाने महिला को अलग-अलग स्थानों पर बुलाया। आरोप है कि वह उसे एक होटल ले गया और कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने अंतरंग पलों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
दोहरी ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी
आरोप है कि माणिक देबनाथ ने भी उसी तरह महिला के साथ दुष्कर्म किया और वीडियो व तस्वीरें रिकॉर्ड कीं। दोनों आरोपियों ने महिला को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएगी। इसके अलावा उसे जान से मारने की भी धमकी दी गई, जिसके कारण पीड़िता लंबे समय तक डर की वजह से चुप रही।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सोमवार को पीड़िता ने साहस जुटाकर शांतिपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। नादिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'महिला की शिकायत के आधार पर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले में आगे की पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी की मांग करेगी।'
पीड़िता ने दोनों आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
आगे क्या होगा
गिरफ्तार शेखर बिस्वास और माणिक देबनाथ को बुधवार, 22 जुलाई को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने संकेत दिया है कि वह आगे की जांच के लिए दोनों की न्यायिक हिरासत माँगेगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के नाम पर होने वाले शोषण के व्यापक संदर्भ में एक गंभीर चेतावनी है।