TGSRTC हड़ताल वेतन होगा जारी: CM रेवंत रेड्डी ने दिए तत्काल भुगतान और मामले वापसी के निर्देश

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TGSRTC हड़ताल वेतन होगा जारी: CM रेवंत रेड्डी ने दिए तत्काल भुगतान और मामले वापसी के निर्देश

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने TGSRTC कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का वेतन जारी करने और दर्ज मामले वापस लेने का आदेश दिया। साथ ही 1,000 EV बसों की खरीद और दो नए बस टर्मिनलों की घोषणा से संगठन को वित्तीय संकट से उबारने की कोशिश साफ़ दिखती है।

Key Takeaways

CM रेवंत रेड्डी ने 1 मई को TGSRTC कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का वेतन जारी करने के निर्देश दिए। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएंगे। सरकार 1,000 इलेक्ट्रिक बसें (EV) खरीद रही है; आरटीसी डीजल पर सालाना ₹2,000 करोड़ खर्च करती है। शमशाबाद में 150 एकड़ और गजुलारामारम में 100 एकड़ पर नए बस टर्मिनल बनाए जाएंगे। PRC (वेतन संशोधन आयोग) और अनुकंपा नियुक्तियों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

हैदराबाद में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार, 1 मई को घोषणा की कि तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TGSRTC) कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल की अवधि का वेतन जारी किया जाएगा और हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। जुबली हिल्स स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आरटीसी ट्रेड यूनियन नेताओं के साथ बैठक में यह निर्णय लिया गया।

मुख्य घोषणाएँ

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने परिवहन मंत्री और संबंधित अधिकारियों को हड़ताल-काल के वेतन के भुगतान और दर्ज मामलों की वापसी के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि लंबित अनुकंपा नियुक्तियों पर कार्य शुरू हो चुका है और सरकार जल्द ही वेतन संशोधन आयोग (PRC) सहित अन्य वित्तीय मामलों पर निर्णय लेगी।

TGSRTC को मज़बूत करने की योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि आरटीसी के राजस्व में वृद्धि के लिए बसों की संख्या बढ़ाई गई है और नई भर्तियाँ की गई हैं। सरकार ने शमशाबाद में 150 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय मानक का बस टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही गजुलारामारम में बस टर्मिनल निर्माण के लिए 100 एकड़ भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है।

इलेक्ट्रिक बसों की ओर बदलाव

डीजल बसों के बढ़ते वित्तीय बोझ को देखते हुए — आरटीसी डीजल पर सालाना ₹2,000 करोड़ खर्च करती है — सरकार 1,000 इलेक्ट्रिक बसें (EV) खरीदने की प्रक्रिया में है। ये बसें मेट्रो रेल नेटवर्क से निर्बाध संपर्क स्थापित करने और बेड़े में मिनी बसें शामिल करने के लिए खरीदी जाएंगी। रेवंत रेड्डी ने कहा कि वित्तीय चुनौतियों को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और राजस्व वृद्धि की एक व्यापक योजना ज़रूरी है।

बकाया और कर्ज की स्थिति

मुख्यमंत्री ने यूनियनों को स्पष्ट किया कि आरटीसी का मौजूदा बकाया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जमा नहीं हुआ था, बल्कि यह पूर्ववर्ती सरकार की विरासत है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार बढ़ते कर्ज को चुकाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब TGSRTC पर वित्तीय दबाव लगातार बना हुआ है और कर्मचारी संगठन दीर्घकालिक समाधान की माँग कर रहे हैं।

यूनियनों की प्रतिक्रिया और आगे की राह

आरटीसी ट्रेड यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री की पहल के प्रति आभार व्यक्त किया। रेवंत रेड्डी ने यूनियनों से आपस में चर्चा कर सरकार को स्थायी समाधान के लिए व्यवहार्य विकल्प प्रस्तुत करने को कहा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संघर्ष के दौरान कांग्रेस आरटीसी कर्मचारियों के साथ खड़ी रही और कर्मचारियों ने कांग्रेस को सरकार बनाने में सहयोग दिया। आने वाले हफ्तों में PRC और अनुकंपा नियुक्तियों पर सरकार के निर्णय TGSRTC के भविष्य की दिशा तय करेंगे।

Point of View

लेकिन TGSRTC की दीर्घकालिक वित्तीय समस्या का समाधान नहीं। ₹2,000 करोड़ का सालाना डीजल खर्च और पुराना बकाया बताता है कि संगठन संरचनात्मक संकट में है, जिसे 1,000 EV बसों की खरीद अकेले नहीं सुलझा सकती। PRC और अनुकंपा नियुक्तियों पर 'जल्द निर्णय' का वादा अस्पष्ट है — बिना समयसीमा और वित्तपोषण के ब्यौरे के, यह कर्मचारी संगठनों को संतुष्ट रखने की अल्पकालिक रणनीति लग सकती है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

TGSRTC हड़ताल-काल का वेतन कब जारी होगा?
CM रेवंत रेड्डी ने 1 मई को परिवहन मंत्री और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सटीक तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है।
TGSRTC कर्मचारियों पर दर्ज मामले क्यों वापस लिए जाएंगे?
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को CM ने यूनियनों की माँग पर वापस लेने की घोषणा की है। यह निर्णय आरटीसी यूनियन नेताओं के साथ जुबली हिल्स में हुई बैठक के बाद लिया गया।
TGSRTC की वित्तीय स्थिति कितनी गंभीर है?
TGSRTC डीजल पर सालाना ₹2,000 करोड़ खर्च करती है और उस पर पुराना बकाया भी है जो पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जमा हुआ था। CM के अनुसार, सरकार इस कर्ज को चुकाने के लिए प्रयासरत है।
TGSRTC में 1,000 EV बसें क्यों खरीदी जा रही हैं?
डीजल पर भारी खर्च कम करने और मेट्रो रेल नेटवर्क से निर्बाध संपर्क बनाने के लिए 1,000 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं। इससे परिचालन लागत घटेगी और राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी।
TGSRTC के नए बस टर्मिनल कहाँ बनेंगे?
शमशाबाद में 150 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय मानक का बस टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया गया है। गजुलारामारम में बस टर्मिनल के लिए 100 एकड़ भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है।
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