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क्या नानौता ग्राम प्रधान ने सरकारी भूमि पर घर बनवाया था? बुलडोजर से ध्वस्त?

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क्या नानौता ग्राम प्रधान ने सरकारी भूमि पर घर बनवाया था? बुलडोजर से ध्वस्त?

सारांश

सहारनपुर में नानौता ग्राम प्रधान नीरज सिंह के सरकारी भूमि पर बने घर को ध्वस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश पर की गई, जिसने इस भूमि को सरकारी स्कूल की मान्यता दी थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और प्रशासन की अन्य कार्रवाइयों के बारे में।

मुख्य बातें

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण गंभीर अपराध है।
उच्च न्यायालय के आदेश के तहत कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने अन्य स्थानों पर भी अवैध निर्माण तोड़े हैं।

सहारनपुर, 16 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हाईकोर्ट के आदेश पर नानौता देहात के ग्राम प्रधान नीरज सिंह के घर पर बुलडोजर चलाया गया है। प्रधान ने यह मकान सरकारी भूमि पर बनवाया था, जिसे उपजिलाधिकारी डॉ. पूर्वा शर्मा और सीओ शशि प्रकाश की उपस्थिति में गिराया गया।

हाईकोर्ट ने इस घर को सरकारी स्कूल की जगह मानते हुए भूमि खाली करने का आदेश दिया था। बुलडोजर की कार्रवाई के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।

एसडीएम पूर्वा शर्मा ने कहा, "नानौता के प्रधान नीरज सिंह का घर स्कूल के नाम पर आरक्षित भूमि पर बनाया गया है। यह 1,000 वर्ग मीटर भूमि है। इस मामले में तहसीलदार ने अदालत से बेदखली के आदेश दिए थे। नीरज सिंह ने जिला अधिकारी की कोर्ट में अपील की थी, जो निरस्त हो गई। उच्च न्यायालय ने यहाँ रह रहे लोगों को घर से निष्कासित करने का आदेश दिया था, जिसके अंतर्गत यह कार्रवाई की गई।"

इससे पहले बुधवार को संभल में दिल्ली हाईवे के किनारे सड़क की भूमि पर बनी 12 दुकानों को प्रशासन ने जमींदोज किया था। प्रशासन ने इन दुकानों को लाल निशान से चिन्हित किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई सदर कोतवाली क्षेत्र के चौधरी सराय पुलिस चौकी के पास की गई।

वहीं, एक अन्य मामले में गुरुवार को कैराना में शत्रु संपत्ति की भूमि पर अवैध निर्माण को प्रशासन ने ध्वस्त किया था। एसडीएम कैराना निधि भारद्वाज के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम तहसीलदार अर्जुन चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ मोहल्ला अफगान में पहुंची, जहां अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की गई।

11 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने करीब 30,000 वर्ग मीटर क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराया था। यह कार्रवाई हैबतपुर के डूब क्षेत्र में हुई। यहां हिंडन के किनारे कॉलोनाइजर्स ने जमीन लेकर लोगों ने घर बना लिए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करना गंभीर अपराध है। प्रशासन की कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि जो भी कानून का उल्लंघन करेगा, उसे परिणाम भुगतने पड़ेंगे। देश में भूमि प्रबंधन की समस्या को सुलझाना अत्यंत आवश्यक है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या नानौता प्रधान ने सरकारी जमीन पर घर बनाया था?
हाँ, नानौता ग्राम प्रधान नीरज सिंह ने सरकारी जमीन पर घर बनाया था, जिसे उच्च न्यायालय के आदेश पर ध्वस्त किया गया।
इस कार्रवाई की वजह क्या थी?
इस कार्रवाई की वजह यह थी कि उच्च न्यायालय ने इस भूमि को सरकारी स्कूल की मान्यता दी थी और इसे खाली कराने का आदेश दिया था।
क्या प्रशासन ने और भी अतिक्रमण पर कार्रवाई की है?
हाँ, प्रशासन ने संभल में और कैराना में भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई की है।
राष्ट्र प्रेस
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