कैलाश विजयवर्गीय माफी मांगें, सार्वजनिक मंच पर महिला का अपमान अस्वीकार्य: सुप्रिया श्रीनेत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने 21 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की उस टिप्पणी की कड़ी निंदा की, जो उन्होंने महिला पार्षद संध्या यादव की शारीरिक बनावट को लेकर सार्वजनिक मंच पर की थी। श्रीनेत ने इसे 'बॉडी शेमिंग' करार देते हुए विजयवर्गीय से सार्वजनिक माफी की मांग की।
विजयवर्गीय की टिप्पणी पर कांग्रेस की आपत्ति
श्रीनेत ने स्पष्ट कहा कि एक वरिष्ठ नेता द्वारा किसी महिला नेत्री की शारीरिक बनावट पर सार्वजनिक रूप से की गई टिप्पणी न तो सामान्य मजाक है, न ही स्वीकार्य। उन्होंने इसे 'भद्दी टिप्पणी' बताते हुए कहा कि विजयवर्गीय को तत्काल माफी माँगनी चाहिए। श्रीनेत ने यह भी जोड़ा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वाले दलों और नेताओं को सार्वजनिक जीवन में भाषा और व्यवहार के प्रति भी संवेदनशील होना चाहिए। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब महिला राजनेताओं के विरुद्ध सार्वजनिक मंचों पर अपमानजनक भाषा के उपयोग पर राष्ट्रीय बहस तेज हो रही है।
इंदौर में 'छात्रों की गूंज' और भाजपा पर आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर श्रीनेत ने दावा किया कि इसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और छात्रों ने मंच से अपनी समस्याएँ व विचार रखे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर इस कार्यक्रम को लेकर 'फर्जी आक्रोश' दिखाने का आरोप लगाया। श्रीनेत ने कहा कि भाजपा मिमिक्री के मुद्दे को अनावश्यक महत्व दे रही है, जबकि असली सवाल यह है कि युवाओं की आवाज को राजनीतिक मंच मिल रहा है।
रामदेव और राजभर के बयानों पर प्रतिक्रिया
देश में जातीय विभाजन और सामाजिक टकराव को लेकर बाबा रामदेव के बयान पर श्रीनेत ने कहा कि इस विषय पर रामदेव ही बेहतर स्पष्टीकरण दे सकते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बाँटने के सुभासपा प्रमुख व उत्तर प्रदेश मंत्री ओम प्रकाश राजभर के दावे पर श्रीनेत ने सवाल उठाया कि राजभर यह बात किस हैसियत से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या राज्य सरकार उत्तर प्रदेश के विभाजन की दिशा में कोई कदम उठाने की मंशा रखती है।
ओवैसी के बयान पर कांग्रेस का रुख
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान पर श्रीनेत ने कहा कि उन्हें कोई विशेष आश्चर्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिनसे भाजपा को राजनीतिक रूप से लाभ मिल सकता है। यह टिप्पणी कांग्रेस की उस दीर्घकालिक रणनीतिक सोच को दर्शाती है, जिसके तहत वह ओवैसी और भाजपा को एक ही राजनीतिक समीकरण के दो पहलू के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
आगे क्या
विजयवर्गीय की ओर से अभी तक कोई औपचारिक माफी या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद महिला राजनेताओं के विरुद्ध सार्वजनिक भाषा के मानकों पर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है, जिसमें सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।