24 अगस्त 2026
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सशक्त बहना उत्सव योजना: CM धामी ने उत्तरकाशी की महिलाओं से किया वर्चुअल संवाद, धराली की सुनीता पंवार की सराहना

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सशक्त बहना उत्सव योजना: CM धामी ने उत्तरकाशी की महिलाओं से किया वर्चुअल संवाद, धराली की सुनीता पंवार की सराहना

सारांश

उत्तरकाशी में सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत CM पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से वर्चुअल संवाद किया। धराली की सुनीता पंवार के कार्यों की सराहना हुई और अधिकारियों को उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग व विपणन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य बातें

24 अगस्त 2026 को उत्तरकाशी के विकास भवन सभागार में सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर की स्वयं सहायता समूह महिलाओं से वर्चुअल संवाद किया।
धराली की स्वयं सहायता समूह सदस्य सुनीता पंवार के कार्यों की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की।
अधिकारियों को समूहों के उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महिलाओं ने बताया कि समूहों से जुड़ने के बाद उनकी आय, आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी में सकारात्मक बदलाव आया है।

उत्तरकाशी में 24 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत विकास भवन सभागार में एक वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न विकासखंडों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर की महिलाओं के साथ वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद करते हुए उनके स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के अनुभव सुने।

कार्यक्रम का शुभारंभ और उद्देश्य

मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह और राज्य औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप पंवार ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह आयोजन महिला स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों के निर्माण, विपणन और आजीविका संवर्धन पर केंद्रित था। महिलाओं ने समूहों के माध्यम से अपनाई गई आत्मनिर्भरता की राह और उससे मिली सफलताओं की जानकारी साझा की।

धराली की सुनीता पंवार की कहानी ने जीता दिल

संवाद के दौरान धराली की स्वयं सहायता समूह सदस्य सुनीता पंवार ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने समूह के कार्यों और स्थानीय महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री धामी ने उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने महिलाओं को निरंतर आगे बढ़ने और स्वरोजगार के नए अवसरों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों को मिले पैकेजिंग और विपणन के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और स्थानीय आजीविका संवर्धन का मजबूत आधार बनते जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराया जाए और उनकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग व विपणन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में महिला समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और विपणन के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

महिलाओं ने साझा किए बदलाव के अनुभव

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उनकी आय, आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी में उल्लेखनीय सकारात्मक बदलाव आया है। साथ ही उन्होंने अन्य महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, महामंत्री महावीर सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह बिष्ट, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय, पर्यावरण विशेषज्ञ स्वजल प्रताप मटूडा सहित विभिन्न विकासखंडों की स्वयं सहायता समूह महिलाएं उपस्थित रहीं। यह आयोजन उत्तराखंड में महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वास्तविक बाज़ार मिल रहा है या नहीं। उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों में पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वितरण की व्यवस्था वर्षों से अधूरी रही है — अधिकारियों को दिए गए निर्देश नए नहीं हैं, पर क्रियान्वयन का रिकॉर्ड कमज़ोर है। जब तक समूहों की आय में मापनीय वृद्धि के आँकड़े सार्वजनिक नहीं होते, यह आयोजन एक और प्रेरक सभा से अधिक नहीं माना जाएगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सशक्त बहना उत्सव योजना क्या है?
सशक्त बहना उत्सव योजना उत्तराखंड सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, स्थानीय उत्पाद निर्माण और आजीविका संवर्धन के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके तहत मुख्यमंत्री सीधे महिलाओं से वर्चुअल संवाद करते हैं।
24 अगस्त को उत्तरकाशी में कार्यक्रम में क्या हुआ?
24 अगस्त 2026 को उत्तरकाशी के विकास भवन सभागार में वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया। धराली की सुनीता पंवार के कार्यों की विशेष सराहना की गई और अधिकारियों को उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सुनीता पंवार कौन हैं और उन्हें क्यों सराहा गया?
सुनीता पंवार उत्तरकाशी जनपद के धराली की स्वयं सहायता समूह सदस्य हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने समूह के कार्यों और स्थानीय महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी, जिसकी मुख्यमंत्री धामी ने सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की।
स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समूहों के उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार, प्रभावी पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और वित्तीय सहायता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस योजना से उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं को क्या लाभ हो रहा है?
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद उनकी आय, आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी में सकारात्मक बदलाव आया है। स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को स्वरोजगार से जोड़कर महिलाएं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति दे रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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