14 अगस्त 2026
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उत्तरकाशी में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने महिलाओं को SHG से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के दिए निर्देश

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उत्तरकाशी में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने महिलाओं को SHG से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के दिए निर्देश

सारांश

उत्तरकाशी में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी की समीक्षा बैठक सिर्फ फाइलों का जायज़ा नहीं थी — यह ग्रामीण महिलाओं को SHG और NRLM के ज़रिए आर्थिक मुख्यधारा में लाने का स्पष्ट संकल्प था। दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुँच और 15 दिन में सड़क प्रगति का अल्टीमेटम — ज़मीनी जवाबदेही की नई कोशिश।

मुख्य बातें

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने 15 मई 2026 को उत्तरकाशी के विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जोड़कर स्वरोजगार देने के निर्देश दिए गए।
ग्राम्य विकास, मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल सहित अनेक विभागों की योजनाओं की समीक्षा हुई।
PMGSY के तहत संगमचट्टी-अगोड़ा सड़क मार्ग पर 15 दिनों में संतोषजनक प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य , विधायक सुरेश चौहान सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को उत्तरकाशी के विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की ज़मीनी प्रगति का आकलन करना और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश देना था। मंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।

बैठक में किन विभागों की हुई समीक्षा

बैठक में ग्राम्य विकास, स्वरोजगार, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, मनरेगा, ग्रामीण आजीविका संवर्धन, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यान एवं पशुपालन सहित अनेक विभागों की योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो।

चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित हो, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी सरकारी नीतियों का लाभ मिल सके।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

बैठक में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्रीय विषय के रूप में रखा गया। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि महिलाओं को एक सशक्त 'वर्क फोर्स' के रूप में विकसित करना आवश्यक है, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनकर परिवार और समाज की उन्नति में योगदान दे सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों एवं NRLM के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। इसके साथ ही स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए युवाओं को भी रोजगार से जोड़ने पर बल दिया गया।

सड़क विकास और बुनियादी ढाँचे पर निर्देश

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने PMGSY के अंतर्गत संगमचट्टी-अगोड़ा सड़क मार्ग के निर्माण कार्यों में आगामी 15 दिनों के भीतर संतोषजनक प्रगति लाने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं खादी ग्रामोद्योग विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि

इस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष सतेंद्र चौहान, ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ममता पंवार, डुंडा राजदीप परमार, पुरोला निशिता शाह, पूर्व प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा और परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब उत्तराखंड सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष सक्रियता दिखा रही है। आने वाले हफ्तों में विभागों से प्रगति रिपोर्ट तलब किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि निर्देश कागज़ से ज़मीन तक कितनी बार पहुँचते हैं। SHG और NRLM के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की बात तब तक अधूरी है जब तक समूहों को बाज़ार से जोड़ने, ऋण सुलभता और कौशल प्रशिक्षण की ठोस व्यवस्था न हो। PMGSY सड़क पर 15 दिन का अल्टीमेटम जवाबदेही का संकेत है, पर इसकी अनुपालन-निगरानी की कोई सार्वजनिक व्यवस्था नहीं बताई गई — यही अंतर नीति और परिणाम के बीच की खाई बनाता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने उत्तरकाशी में क्या निर्देश दिए?
मंत्री चौधरी ने 15 मई 2026 को उत्तरकाशी में समीक्षा बैठक में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और NRLM से जोड़कर स्वरोजगार दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही PMGSY के तहत संगमचट्टी-अगोड़ा सड़क पर 15 दिन में प्रगति लाने का आदेश भी दिया गया।
स्वयं सहायता समूह (SHG) महिलाओं को कैसे आत्मनिर्भर बनाते हैं?
स्वयं सहायता समूह महिलाओं को सामूहिक बचत, सूक्ष्म ऋण और स्थानीय उद्यमिता के ज़रिए आर्थिक स्वावलंबन का मंच देते हैं। NRLM जैसी सरकारी योजनाएँ इन समूहों को प्रशिक्षण और बाज़ार से जोड़ने में सहायता करती हैं।
बैठक में किन-किन विभागों की समीक्षा हुई?
बैठक में ग्राम्य विकास, स्वरोजगार, मनरेगा, खादी एवं ग्रामोद्योग, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यान और पशुपालन सहित अनेक विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संगमचट्टी-अगोड़ा सड़क मार्ग के बारे में क्या निर्देश दिए गए?
कैबिनेट मंत्री ने PMGSY के अंतर्गत संगमचट्टी-अगोड़ा सड़क मार्ग के कार्यों में आगामी 15 दिनों के भीतर संतोषजनक प्रगति लाने का आदेश दिया। साथ ही जिले की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के निर्देश भी दिए गए।
उत्तरकाशी की इस बैठक में कौन-कौन उपस्थित थे?
बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा और परियोजना निदेशक अजय सिंह सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
राष्ट्र प्रेस
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