सतीशन कैबिनेट का IIM-कोझिकोड में दो दिवसीय गवर्नेंस क्रैश कोर्स, शुक्रवार से शुरू
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की पूरी कैबिनेट शुक्रवार को सत्ता के गलियारों से निकलकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट-कोझिकोड (IIM-K) के क्लासरूम में पहुँचेगी, जहाँ मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए दो दिवसीय गवर्नेंस मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सतीशन सरकार की उस 'नई पीढ़ी' वाली छवि के अनुरूप है, जिसे लेकर वे अपनी सरकार को पहचान दिलाना चाहते हैं।
कार्यक्रम में क्या होगा
इस क्लासरूम प्रोग्राम में मुख्यमंत्री, उनकी कैबिनेट और वरिष्ठ अधिकारी IIM-K के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों के साथ कई इंटरैक्टिव सत्रों, रोल-प्ले और समूह चर्चाओं में भाग लेंगे। कार्यक्रम को पारंपरिक व्याख्यान-शैली से अलग रखा गया है — मंत्रियों और अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अनुभव-आधारित गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हों।
सत्रों में जलवायु परिवर्तन, नई शासन चुनौतियों को अवसरों में बदलने के तरीके और समकालीन प्रशासनिक जटिलताओं जैसे विषयों पर विमर्श होगा। IIM-K के निदेशक देबाशीष चटर्जी इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
चटर्जी का 'बालकनी व्यू' वाला दृष्टिकोण
चटर्जी ने इस प्रोग्राम के उद्देश्य को 'बालकनी व्यू' की अवधारणा से समझाया — यानी सरकार के सामने आने वाले मुद्दों को रोज़मर्रा के प्रशासनिक दबाव से ऊपर उठकर व्यापक नज़रिए से देखना। उन्होंने कहा कि संस्थान सतीशन और उनकी टीम को अपने फैकल्टी की समझ और अनुभव का लाभ देगा।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मौजूदा कैबिनेट 'नई पीढ़ी के मुख्यमंत्री' का प्रतिनिधित्व करती है, जो इस कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रासंगिक बनाता है।
ऐतिहासिक संदर्भ: 2011 में ओमन चांडी भी आए थे
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केरल की कोई कैबिनेट IIM-K का रुख कर रही है। 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी और उनकी कैबिनेट ने भी गवर्नेंस और प्रशासन पर मंथन के लिए संस्थान में दो दिन बिताए थे।
उस अनुभव को याद करते हुए चटर्जी ने बताया कि उस समय चांडी को स्पष्ट संदेश दिया गया था — 'जब तक आप नई पीढ़ी का भरोसा नहीं जीतते, तब तक आप अगले चुनाव नहीं जीत सकते।' चटर्जी के अनुसार, आगे चलकर यह बात सही साबित हुई।
सिर्फ एक बार का आयोजन नहीं
इस दो दिवसीय कार्यक्रम को एकल आयोजन के रूप में नहीं देखा जा रहा। चटर्जी के अनुसार, यह IIM-K और सतीशन सरकार के बीच एक दीर्घकालिक संवाद और जुड़ाव की शुरुआत होगी, जिसमें चर्चाओं और सीखने की प्रक्रिया को आगे भी जारी रखने की उम्मीद है।
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब सतीशन कैबिनेट काफी प्रशासनिक दबाव के बीच काम कर रही है। IIM-K का यह मंथन सत्र मंत्रियों को तात्कालिक दबावों से परे जाकर दीर्घकालिक शासन दृष्टि विकसित करने का अवसर देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।