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सतीशन कैबिनेट का IIM-कोझिकोड में दो दिवसीय गवर्नेंस क्रैश कोर्स, शुक्रवार से शुरू

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सतीशन कैबिनेट का IIM-कोझिकोड में दो दिवसीय गवर्नेंस क्रैश कोर्स, शुक्रवार से शुरू

सारांश

केरल की सतीशन कैबिनेट शुक्रवार को IIM-कोझिकोड में दो दिवसीय गवर्नेंस क्रैश कोर्स में शामिल होगी — जो 2011 के बाद इस तरह का दूसरा आयोजन है। IIM-K निदेशक देबाशीष चटर्जी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम मंत्रियों को प्रशासनिक दबाव से ऊपर उठकर व्यापक शासन दृष्टि देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

वीडी सतीशन की पूरी कैबिनेट शुक्रवार को IIM-कोझिकोड (IIM-K) में दो दिवसीय गवर्नेंस मंथन सत्र में भाग लेगी।
कार्यक्रम में इंटरैक्टिव सत्र, रोल-प्ले और अनुभव-आधारित गतिविधियाँ शामिल हैं; विषयों में जलवायु परिवर्तन और शासन की नई चुनौतियाँ शामिल हैं।
IIM-K के निदेशक देबाशीष चटर्जी कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी की कैबिनेट भी इसी तरह के सत्र के लिए IIM-K गई थी।
यह आयोजन एकल कार्यक्रम नहीं, बल्कि IIM-K और सतीशन सरकार के बीच दीर्घकालिक जुड़ाव की शुरुआत माना जा रहा है।

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की पूरी कैबिनेट शुक्रवार को सत्ता के गलियारों से निकलकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट-कोझिकोड (IIM-K) के क्लासरूम में पहुँचेगी, जहाँ मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए दो दिवसीय गवर्नेंस मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सतीशन सरकार की उस 'नई पीढ़ी' वाली छवि के अनुरूप है, जिसे लेकर वे अपनी सरकार को पहचान दिलाना चाहते हैं।

कार्यक्रम में क्या होगा

इस क्लासरूम प्रोग्राम में मुख्यमंत्री, उनकी कैबिनेट और वरिष्ठ अधिकारी IIM-K के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों के साथ कई इंटरैक्टिव सत्रों, रोल-प्ले और समूह चर्चाओं में भाग लेंगे। कार्यक्रम को पारंपरिक व्याख्यान-शैली से अलग रखा गया है — मंत्रियों और अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे अनुभव-आधारित गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हों।

सत्रों में जलवायु परिवर्तन, नई शासन चुनौतियों को अवसरों में बदलने के तरीके और समकालीन प्रशासनिक जटिलताओं जैसे विषयों पर विमर्श होगा। IIM-K के निदेशक देबाशीष चटर्जी इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

चटर्जी का 'बालकनी व्यू' वाला दृष्टिकोण

चटर्जी ने इस प्रोग्राम के उद्देश्य को 'बालकनी व्यू' की अवधारणा से समझाया — यानी सरकार के सामने आने वाले मुद्दों को रोज़मर्रा के प्रशासनिक दबाव से ऊपर उठकर व्यापक नज़रिए से देखना। उन्होंने कहा कि संस्थान सतीशन और उनकी टीम को अपने फैकल्टी की समझ और अनुभव का लाभ देगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मौजूदा कैबिनेट 'नई पीढ़ी के मुख्यमंत्री' का प्रतिनिधित्व करती है, जो इस कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रासंगिक बनाता है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 2011 में ओमन चांडी भी आए थे

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केरल की कोई कैबिनेट IIM-K का रुख कर रही है। 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी और उनकी कैबिनेट ने भी गवर्नेंस और प्रशासन पर मंथन के लिए संस्थान में दो दिन बिताए थे।

उस अनुभव को याद करते हुए चटर्जी ने बताया कि उस समय चांडी को स्पष्ट संदेश दिया गया था — 'जब तक आप नई पीढ़ी का भरोसा नहीं जीतते, तब तक आप अगले चुनाव नहीं जीत सकते।' चटर्जी के अनुसार, आगे चलकर यह बात सही साबित हुई।

सिर्फ एक बार का आयोजन नहीं

इस दो दिवसीय कार्यक्रम को एकल आयोजन के रूप में नहीं देखा जा रहा। चटर्जी के अनुसार, यह IIM-K और सतीशन सरकार के बीच एक दीर्घकालिक संवाद और जुड़ाव की शुरुआत होगी, जिसमें चर्चाओं और सीखने की प्रक्रिया को आगे भी जारी रखने की उम्मीद है।

यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब सतीशन कैबिनेट काफी प्रशासनिक दबाव के बीच काम कर रही है। IIM-K का यह मंथन सत्र मंत्रियों को तात्कालिक दबावों से परे जाकर दीर्घकालिक शासन दृष्टि विकसित करने का अवसर देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि दो दिनों की यह कवायद नीतिगत बदलाव में कितनी तब्दील होती है। 2011 में ओमन चांडी कैबिनेट के IIM-K सत्र के बाद केरल की शासन गुणवत्ता में कोई मापनीय छलांग दर्ज नहीं हुई थी। सतीशन की 'नई पीढ़ी' वाली ब्रांडिंग राजनीतिक रूप से चतुर है, पर जनता की असली कसौटी प्रशासनिक जवाबदेही और सेवा-वितरण होगी — न कि IIM के क्लासरूम में बिताए घंटे। यह कार्यक्रम तभी सार्थक होगा जब इसके बाद ठोस नीतिगत बदलाव सामने आएँ।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतीशन कैबिनेट IIM-कोझिकोड में क्यों जा रही है?
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की कैबिनेट IIM-कोझिकोड में दो दिवसीय गवर्नेंस मंथन सत्र के लिए जा रही है, जिसका उद्देश्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को शासन से जुड़ी समकालीन चुनौतियों को व्यापक नज़रिए से समझने में मदद करना है। यह कार्यक्रम IIM-K के निदेशक देबाशीष चटर्जी के नेतृत्व में होगा।
IIM-कोझिकोड के गवर्नेंस सत्र में कौन-से विषय शामिल होंगे?
सत्रों में जलवायु परिवर्तन, नई शासन चुनौतियों को अवसरों में बदलने के तरीके और प्रशासनिक जटिलताओं पर चर्चा होगी। कार्यक्रम इंटरैक्टिव सत्रों, रोल-प्ले और अनुभव-आधारित गतिविधियों पर केंद्रित होगा।
क्या पहले भी केरल की किसी कैबिनेट ने IIM-K में इस तरह का सत्र किया है?
हाँ, 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमन चांडी और उनकी कैबिनेट ने भी IIM-कोझिकोड में इसी तरह के दो दिवसीय गवर्नेंस सत्र में भाग लिया था। IIM-K के निदेशक देबाशीष चटर्जी ने उस सत्र का भी नेतृत्व किया था।
यह कार्यक्रम कब और कहाँ होगा?
यह दो दिवसीय गवर्नेंस मंथन सत्र शुक्रवार से IIM-कोझिकोड (IIM-K), कोझिकोड, केरल में शुरू होगा। इसमें मुख्यमंत्री, पूरी कैबिनेट और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भाग लेंगे।
क्या यह सिर्फ एक बार का आयोजन है?
नहीं, IIM-K के निदेशक देबाशीष चटर्जी के अनुसार यह कार्यक्रम IIM-K और सतीशन सरकार के बीच दीर्घकालिक संवाद और जुड़ाव की शुरुआत है। उम्मीद है कि चर्चाओं और सीखने की प्रक्रिया को आगे भी जारी रखा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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