9 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन गेम्स 2026: कोच टैन किम हर बोले — मानसिक रूप से मजबूत सात्विक चिराग बन सकते हैं अजेय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन गेम्स 2026: कोच टैन किम हर बोले — मानसिक रूप से मजबूत सात्विक चिराग बन सकते हैं अजेय

सारांश

मौजूदा एशियाई चैंपियन सात्विक चिराग की असली ताकत तकनीक नहीं, मानसिक संतुलन है — यही कोच टैन किम हर का दांव है। चीन मास्टर्स की जीत के बाद नागोया में खिताब बचाने उतरी इस जोड़ी पर पूरे देश की नज़रें हैं।

मुख्य बातें

भारतीय डबल्स कोच टैन किम हर ने कहा कि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हैं।
कोच ने जोड़ी के साथ मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण को खास प्राथमिकता दी है।
चीन मास्टर्स खिताब जीत से सात्विक चिराग का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ा है।
कोच ने खिलाड़ियों को एक बार में एक गेम पर ध्यान देने और अति आत्मविश्वास से बचने की सलाह दी।
टैन ने माना कि भारत को समग्र डबल्स विभाग को अभी और बेहतर बनाने की ज़रूरत है।

भारतीय बैडमिंटन डबल्स कोच टैन किम हर ने कहा है कि मौजूदा एशियाई चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के पास आइची नागोया एशियन गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता के दबाव से पार पाने के लिए ज़रूरी आत्मविश्वास, तैयारी और मानसिक दृढ़ता पूरी तरह मौजूद है। कोच ने ज़ोर देकर कहा कि अगर यह जोड़ी मानसिक रूप से संतुलित रहती है, तो उनका खेल विरोधियों के लिए अत्यंत खतरनाक साबित होगा।

मानसिक मज़बूती पर खास फोकस

कोच टैन किम हर ने बताया कि उन्होंने इस जोड़ी के साथ मनोवैज्ञानिक तैयारी को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, "बेशक, मैंने उनसे साइकोलॉजी और मानसिक मज़बूती से जुड़ी सभी चीज़ों पर काम करने के लिए कहा था। मुझे लगता है कि सात्विक चिराग के पास ज़रूरी सब कुछ है। अगर वे मानसिक रूप से मज़बूत रहते हैं, तो उनका खेल बहुत खतरनाक हो सकता है।"

उन्होंने आगे जोड़ा, "अब तक मैंने देखा है कि उन्होंने साइकोलॉजी की पूरी ट्रेनिंग ली है। मेरे लिए जब सब कुछ सही जगह पर होता है, तो मैं बस उन्हें प्लान बताता हूँ कि 11 प्वाइंट के बाद हमें क्या करना है। अगर विरोधी का खेल बदलता है, तो हम दिखाते हैं कि उससे कैसे निपटना है।"

एक एक कदम आगे बढ़ाने की रणनीति

कोच ने खिलाड़ियों को अति आत्मविश्वास से बचने और एक समय में एक ही मैच पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी है। टैन ने कहा, "मैं हमेशा खिलाड़ियों से कहता हूँ कि एक बार में एक ही गेम पर ध्यान दें। भले ही उनका आत्मविश्वास अच्छा है, लेकिन हम अति आत्मविश्वासी नहीं हैं; बस एक एक कदम आगे बढ़ाना है।"

गौरतलब है कि एशियन गेम्स में इस क्षेत्र की कुछ सबसे मज़बूत डबल्स जोड़ियाँ हिस्सा ले रही हैं, जिनमें चीन, इंडोनेशिया और मलेशिया की शीर्ष जोड़ियाँ शामिल हैं। ऐसे में मानसिक संतुलन किसी भी तकनीकी बढ़त जितना ही अहम हो जाता है।

चीन मास्टर्स की जीत से बढ़ा मनोबल

सात्विक चिराग हाल ही में चीन मास्टर्स खिताब जीतकर नागोया पहुँचे हैं और उस मोमेंटम को एशियाई खेलों में भी बरकरार रखना चाहते हैं। कोच टैन ने कहा, "सात्विक चिराग के चीन मास्टर्स जीतने से उन्हें और आत्मविश्वास मिलेगा और उनका मोटिवेशन बढ़ेगा। मुझे लगता है कि अब तक सब कुछ अच्छा चल रहा है। सात्विक का हाथ भी ठीक स्थिति में है।"

यह ऐसे समय में आया है जब यह जोड़ी मौजूदा एशियाई चैंपियन के रूप में अपने खिताब का बचाव करने उतर रही है — एक ऐसा दबाव जो अपने आप में अलग किस्म की मानसिक चुनौती पेश करता है।

सकारात्मक माहौल और टीम भावना

कोच टैन ने दल के भीतर सकारात्मक वातावरण बनाने को भी अपनी रणनीति का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, "सबसे ज़रूरी बात यह है कि हम जिस भी टूर्नामेंट में जाएँ, हमेशा अच्छी बातें कहें। जगह अच्छी है, होटल अच्छा है, हॉल अच्छा है, सब कुछ अच्छा है। इसलिए जब आप खुश होते हैं और आपकी सोच सकारात्मक होती है, तो सब कुछ अच्छा ही होता है।"

डबल्स विभाग में और सुधार की गुंजाइश

भारतीय टीम के साथ अपने अनुभव पर टैन ने खिलाड़ियों की स्वतंत्र और समर्पित कार्यशैली की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि समग्र डबल्स विभाग को अभी और निखारने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, "अब तक मुझे लगता है कि खिलाड़ी बहुत स्वतंत्र और समर्पित हैं। हालाँकि, हमें अभी भी डबल्स विभाग को और बेहतर बनाने की ज़रूरत है।"

आगामी दिनों में सात्विक चिराग की जोड़ी के प्रदर्शन पर भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की निगाहें टिकी रहेंगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि मानसिक तैयारी का यह विशेष फोकस कोर्ट पर कैसे परिणाम देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़े मंच पर दबाव में निर्णायक गेम हारने का पैटर्न रहा है। चीन मास्टर्स की जीत उत्साहजनक है, मगर एशियन गेम्स का दबाव अलग ही स्तर का होता है जहाँ चीन और इंडोनेशिया की जोड़ियाँ घरेलू दावेदार की तरह खेलती हैं। असली कसौटी यही होगी कि क्या यह मानसिक तैयारी क्वार्टर फ़ाइनल और सेमीफ़ाइनल के कड़े मुकाबलों में भी टिकी रहती है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सात्विक चिराग एशियन गेम्स 2026 में किस रूप में उतर रहे हैं?
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी मौजूदा एशियाई चैंपियन के रूप में आइची नागोया एशियन गेम्स में अपने खिताब का बचाव करने उतर रहे हैं। हाल ही में चीन मास्टर्स खिताब जीतकर वे अच्छी लय में नागोया पहुँचे हैं।
कोच टैन किम हर ने सात्विक चिराग की मानसिक तैयारी के बारे में क्या कहा?
कोच टैन किम हर ने कहा कि उन्होंने इस जोड़ी के साथ मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण पर खास काम किया है और उनका मानना है कि अगर सात्विक चिराग मानसिक रूप से मज़बूत रहे तो उनका खेल विरोधियों के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा।
चीन मास्टर्स की जीत का एशियन गेम्स पर क्या असर होगा?
कोच टैन के अनुसार, चीन मास्टर्स खिताब से सात्विक चिराग का आत्मविश्वास और मोटिवेशन दोनों बढ़े हैं। यह जीत खिताब बचाव से ठीक पहले जोड़ी का मनोबल ऊँचा रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
कोच टैन किम हर की रणनीति क्या है?
कोच की रणनीति खिलाड़ियों को एक बार में एक गेम पर ध्यान देने और अति आत्मविश्वास से बचने पर आधारित है। वे 11 प्वाइंट के बाद की योजना और प्रतिद्वंद्वी के खेल बदलने पर त्वरित रणनीतिक बदलाव पर भी काम करते हैं।
क्या भारतीय डबल्स विभाग में और सुधार की ज़रूरत है?
कोच टैन किम हर ने खुद माना है कि खिलाड़ी समर्पित और स्वतंत्र हैं, लेकिन समग्र डबल्स विभाग को अभी भी और बेहतर बनाने की ज़रूरत है। यह बयान भविष्य में और निवेश और प्रशिक्षण की माँग की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले