एशियन गेम्स 2026: कोच टैन किम हर बोले — मानसिक रूप से मजबूत सात्विक चिराग बन सकते हैं अजेय
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन डबल्स कोच टैन किम हर ने कहा है कि मौजूदा एशियाई चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के पास आइची नागोया एशियन गेम्स की बैडमिंटन प्रतियोगिता के दबाव से पार पाने के लिए ज़रूरी आत्मविश्वास, तैयारी और मानसिक दृढ़ता पूरी तरह मौजूद है। कोच ने ज़ोर देकर कहा कि अगर यह जोड़ी मानसिक रूप से संतुलित रहती है, तो उनका खेल विरोधियों के लिए अत्यंत खतरनाक साबित होगा।
मानसिक मज़बूती पर खास फोकस
कोच टैन किम हर ने बताया कि उन्होंने इस जोड़ी के साथ मनोवैज्ञानिक तैयारी को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, "बेशक, मैंने उनसे साइकोलॉजी और मानसिक मज़बूती से जुड़ी सभी चीज़ों पर काम करने के लिए कहा था। मुझे लगता है कि सात्विक चिराग के पास ज़रूरी सब कुछ है। अगर वे मानसिक रूप से मज़बूत रहते हैं, तो उनका खेल बहुत खतरनाक हो सकता है।"
उन्होंने आगे जोड़ा, "अब तक मैंने देखा है कि उन्होंने साइकोलॉजी की पूरी ट्रेनिंग ली है। मेरे लिए जब सब कुछ सही जगह पर होता है, तो मैं बस उन्हें प्लान बताता हूँ कि 11 प्वाइंट के बाद हमें क्या करना है। अगर विरोधी का खेल बदलता है, तो हम दिखाते हैं कि उससे कैसे निपटना है।"
एक एक कदम आगे बढ़ाने की रणनीति
कोच ने खिलाड़ियों को अति आत्मविश्वास से बचने और एक समय में एक ही मैच पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी है। टैन ने कहा, "मैं हमेशा खिलाड़ियों से कहता हूँ कि एक बार में एक ही गेम पर ध्यान दें। भले ही उनका आत्मविश्वास अच्छा है, लेकिन हम अति आत्मविश्वासी नहीं हैं; बस एक एक कदम आगे बढ़ाना है।"
गौरतलब है कि एशियन गेम्स में इस क्षेत्र की कुछ सबसे मज़बूत डबल्स जोड़ियाँ हिस्सा ले रही हैं, जिनमें चीन, इंडोनेशिया और मलेशिया की शीर्ष जोड़ियाँ शामिल हैं। ऐसे में मानसिक संतुलन किसी भी तकनीकी बढ़त जितना ही अहम हो जाता है।
चीन मास्टर्स की जीत से बढ़ा मनोबल
सात्विक चिराग हाल ही में चीन मास्टर्स खिताब जीतकर नागोया पहुँचे हैं और उस मोमेंटम को एशियाई खेलों में भी बरकरार रखना चाहते हैं। कोच टैन ने कहा, "सात्विक चिराग के चीन मास्टर्स जीतने से उन्हें और आत्मविश्वास मिलेगा और उनका मोटिवेशन बढ़ेगा। मुझे लगता है कि अब तक सब कुछ अच्छा चल रहा है। सात्विक का हाथ भी ठीक स्थिति में है।"
यह ऐसे समय में आया है जब यह जोड़ी मौजूदा एशियाई चैंपियन के रूप में अपने खिताब का बचाव करने उतर रही है — एक ऐसा दबाव जो अपने आप में अलग किस्म की मानसिक चुनौती पेश करता है।
सकारात्मक माहौल और टीम भावना
कोच टैन ने दल के भीतर सकारात्मक वातावरण बनाने को भी अपनी रणनीति का हिस्सा बताया। उनके अनुसार, "सबसे ज़रूरी बात यह है कि हम जिस भी टूर्नामेंट में जाएँ, हमेशा अच्छी बातें कहें। जगह अच्छी है, होटल अच्छा है, हॉल अच्छा है, सब कुछ अच्छा है। इसलिए जब आप खुश होते हैं और आपकी सोच सकारात्मक होती है, तो सब कुछ अच्छा ही होता है।"
डबल्स विभाग में और सुधार की गुंजाइश
भारतीय टीम के साथ अपने अनुभव पर टैन ने खिलाड़ियों की स्वतंत्र और समर्पित कार्यशैली की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि समग्र डबल्स विभाग को अभी और निखारने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, "अब तक मुझे लगता है कि खिलाड़ी बहुत स्वतंत्र और समर्पित हैं। हालाँकि, हमें अभी भी डबल्स विभाग को और बेहतर बनाने की ज़रूरत है।"
आगामी दिनों में सात्विक चिराग की जोड़ी के प्रदर्शन पर भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की निगाहें टिकी रहेंगी और यह देखना दिलचस्प होगा कि मानसिक तैयारी का यह विशेष फोकस कोर्ट पर कैसे परिणाम देता है।