23 अक्टूबर 2026
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दादरी में किसानों का विरोध: SDM के गैरहाजिर रहने पर ACP को सौंपा ज्ञापन, महापंचायत का ऐलान

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दादरी में किसानों का विरोध: SDM के गैरहाजिर रहने पर ACP को सौंपा ज्ञापन, महापंचायत का ऐलान

सारांश

दादरी में BKU टिकैत की ट्रैक्टर रैली उस वक्त बिगड़ते-बिगड़ते बची जब SDM समय पर नहीं पहुँचे। किसानों ने ACP को ज्ञापन सौंप SIR रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और गन्ना भुगतान सुधार की माँग रखी। अब महापंचायत की तैयारी है।

मुख्य बातें

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 23 अक्टूबर 2026 को दादरी, ग्रेटर नोएडा में ट्रैक्टर रैली व प्रदर्शन किया।
एसडीएम अभिनेंद्र सिंह के निर्धारित समय पर नहीं पहुँचने से किसानों में भारी रोष; नारेबाजी हुई।
जिला अध्यक्ष मनोज मावी व नेता अशोक भाटी ने स्थिति संभाली; एसीपी प्रशाली गंगवार को ज्ञापन सौंपा गया।
माँगें: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) रद्द हो, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए, मतदान अधिकार बहाल हो।
गन्ना भुगतान में देरी और पर्ची व्यवस्था में सुधार की माँग भी ज्ञापन में शामिल।
किसानों ने महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया; तिथि और स्थान की घोषणा शीघ्र होगी।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा के दादरी में 23 अक्टूबर 2026 को किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली और प्रदर्शन किया। एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह के निर्धारित समय पर मौके पर नहीं पहुँचने से किसानों में भारी रोष फैल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अंततः किसान नेताओं ने हस्तक्षेप कर एसीपी प्रशाली गंगवार को ज्ञापन सौंपा।

मुख्य घटनाक्रम

किसानों के अनुसार, उन्होंने एसडीएम अभिनेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपने के लिए पूर्व में ही कार्यक्रम की सूचना दी थी। बावजूद इसके, एसडीएम निर्धारित समय पर प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुँचे, जिससे किसानों ने उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष मनोज मावी और किसान नेता अशोक भाटी ने आगे बढ़कर किसानों को शांत किया।

ज्ञापन में उठाई गई मांगें

किसानों ने ज्ञापन में तीन प्रमुख माँगें रखीं — विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द किया जाए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और मतदान अधिकार बहाल किए जाएँ। इसके अतिरिक्त, गन्ना किसानों की समस्याओं — जिनमें भुगतान में देरी और गन्ना पर्ची व्यवस्था में खामियाँ शामिल हैं — को भी प्रमुखता से उठाया गया। तहसील स्तर पर लंबित किसान समस्याओं के त्वरित निपटान की माँग भी ज्ञापन में शामिल रही।

प्रशासन पर आरोप

जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने कहा कि प्रशासन को कार्यक्रम की पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद एसडीएम का अनुपस्थित रहना किसानों के प्रति 'उपेक्षापूर्ण रवैया' दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की माँगों को गंभीरता से लेने की बजाय उन्हें टालने की कोशिश कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब गन्ना भुगतान में देरी और चुनाव प्रक्रिया संबंधी विवाद पहले से ही किसानों में बेचैनी पैदा कर रहे हैं।

महापंचायत का ऐलान

किसानों ने स्पष्ट किया कि माँगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं ने महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया है, जिसकी तिथि और स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी। महापंचायत में किसानों की विभिन्न समस्याओं और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा होगी।

प्रदर्शन का अंत

किसान नेताओं के हस्तक्षेप और एसीपी प्रशाली गंगवार को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद ट्रैक्टर रैली और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और एकजुट दिखे। आने वाली महापंचायत के परिणाम यह तय करेंगे कि किसान आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि किसान संगठनों और स्थानीय प्रशासन के बीच गहरी खाई का संकेत है। यह पहली बार नहीं है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में BKU टिकैत के नेतृत्व में किसानों को प्रशासनिक उपेक्षा का सामना करना पड़ा हो। चुनाव प्रक्रिया संबंधी माँगें — SIR रद्द करना और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना — यह दर्शाती हैं कि किसान आंदोलन अब सिर्फ फसल-मूल्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक अधिकारों तक फैल रहा है। महापंचायत का ऐलान इस आंदोलन को और व्यापक जनाधार देने की रणनीति है, जिसका असर आने वाले हफ्तों में दिखेगा।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दादरी में किसानों ने 23 अक्टूबर को प्रदर्शन क्यों किया?
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने चुनाव प्रक्रिया, गन्ना भुगतान और तहसील स्तरीय समस्याओं को लेकर ट्रैक्टर रैली व प्रदर्शन किया। एसडीएम दादरी के पूर्व-सूचित कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने से किसानों का गुस्सा और भड़क गया।
किसानों ने ज्ञापन में क्या माँगें रखी हैं?
किसानों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदान अधिकार बहाल करने की माँग रखी। इसके अलावा गन्ने का भुगतान समय पर कराने, गन्ना पर्ची व्यवस्था में सुधार और तहसील स्तर पर लंबित समस्याओं के समाधान की भी माँग की गई।
ज्ञापन किसे सौंपा गया और एसडीएम क्यों नहीं पहुँचे?
किसानों ने ज्ञापन एसीपी प्रशाली गंगवार को सौंपा, क्योंकि एसडीएम अभिनेंद्र सिंह निर्धारित समय पर मौके पर नहीं पहुँचे। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन को कार्यक्रम की पूर्व सूचना दी गई थी, फिर भी अनुपस्थिति 'उपेक्षापूर्ण रवैये' को दर्शाती है।
महापंचायत कब और कहाँ होगी?
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं ने महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया है, लेकिन तिथि और स्थान की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। नेताओं के अनुसार जल्द ही इसकी सूचना दी जाएगी, जिसमें किसान समस्याओं और आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा होगी।
BKU टिकैत का यह प्रदर्शन किन व्यापक मुद्दों से जुड़ा है?
यह प्रदर्शन केवल स्थानीय प्रशासनिक शिकायतों तक सीमित नहीं है — इसमें चुनावी अधिकारों और SIR जैसे राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे भी शामिल हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों की भुगतान संबंधी पुरानी समस्याएँ भी इस आंदोलन को ऊर्जा दे रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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