दादरी में किसानों का विरोध: SDM के गैरहाजिर रहने पर ACP को सौंपा ज्ञापन, महापंचायत का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा के दादरी में 23 अक्टूबर 2026 को किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली और प्रदर्शन किया। एसडीएम दादरी अभिनेंद्र सिंह के निर्धारित समय पर मौके पर नहीं पहुँचने से किसानों में भारी रोष फैल गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अंततः किसान नेताओं ने हस्तक्षेप कर एसीपी प्रशाली गंगवार को ज्ञापन सौंपा।
मुख्य घटनाक्रम
किसानों के अनुसार, उन्होंने एसडीएम अभिनेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपने के लिए पूर्व में ही कार्यक्रम की सूचना दी थी। बावजूद इसके, एसडीएम निर्धारित समय पर प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुँचे, जिससे किसानों ने उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष मनोज मावी और किसान नेता अशोक भाटी ने आगे बढ़कर किसानों को शांत किया।
ज्ञापन में उठाई गई मांगें
किसानों ने ज्ञापन में तीन प्रमुख माँगें रखीं — विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द किया जाए, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और मतदान अधिकार बहाल किए जाएँ। इसके अतिरिक्त, गन्ना किसानों की समस्याओं — जिनमें भुगतान में देरी और गन्ना पर्ची व्यवस्था में खामियाँ शामिल हैं — को भी प्रमुखता से उठाया गया। तहसील स्तर पर लंबित किसान समस्याओं के त्वरित निपटान की माँग भी ज्ञापन में शामिल रही।
प्रशासन पर आरोप
जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने कहा कि प्रशासन को कार्यक्रम की पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद एसडीएम का अनुपस्थित रहना किसानों के प्रति 'उपेक्षापूर्ण रवैया' दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों की माँगों को गंभीरता से लेने की बजाय उन्हें टालने की कोशिश कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब गन्ना भुगतान में देरी और चुनाव प्रक्रिया संबंधी विवाद पहले से ही किसानों में बेचैनी पैदा कर रहे हैं।
महापंचायत का ऐलान
किसानों ने स्पष्ट किया कि माँगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेताओं ने महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया है, जिसकी तिथि और स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी। महापंचायत में किसानों की विभिन्न समस्याओं और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा होगी।
प्रदर्शन का अंत
किसान नेताओं के हस्तक्षेप और एसीपी प्रशाली गंगवार को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद ट्रैक्टर रैली और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और एकजुट दिखे। आने वाली महापंचायत के परिणाम यह तय करेंगे कि किसान आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।