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भाकियू की चेतावनी: 18 अगस्त तक समाधान नहीं तो 24 अगस्त को यमुना प्राधिकरण पर महापंचायत

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भाकियू की चेतावनी: 18 अगस्त तक समाधान नहीं तो 24 अगस्त को यमुना प्राधिकरण पर महापंचायत

सारांश

भाकियू ने यमुना प्राधिकरण को 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। 64.7% अतिरिक्त मुआवज़े से लेकर कर्ज माफी तक की मांगें पूरी न हुईं तो 24 अगस्त को विशाल महापंचायत होगी और आंदोलन गांव-गांव तक फैलेगा।

मुख्य बातें

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने 14 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा में बाइक तिरंगा यात्रा निकाली और यीडा को ज्ञापन सौंपा।
यात्रा यमुना एक्सप्रेस-वे जीरो प्वाइंट से परी चौक होते हुए यीडा कार्यालय तक पहुँची।
किसानों ने 18 अगस्त 2026 तक समाधान का अल्टीमेटम दिया; न माना तो 24 अगस्त को महापंचायत।
प्रमुख मांगों में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर, 10% आवासीय भूखंड नीति, कर्ज माफी और MSP गारंटी शामिल हैं।
संगठन ने चेतावनी दी कि समाधान न होने पर आंदोलन गांव-गांव तक विस्तारित किया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को 18 अगस्त 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है — यदि किसानों की लंबित मांगें पूरी नहीं हुईं तो 24 अगस्त 2026 को यीडा कार्यालय पर विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। यह चेतावनी 14 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर निकाली गई बाइक तिरंगा यात्रा के बाद दी गई।

तिरंगा यात्रा और ज्ञापन

भाकियू के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना के नेतृत्व में सैकड़ों किसान बाइकों पर राष्ट्रीय ध्वज लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो प्वाइंट से निकले और परी चौक होते हुए यीडा कार्यालय पहुँचे। यात्रा के दौरान किसानों ने वंदे मातरम् के नारे लगाए। यीडा कार्यालय पहुँचने पर किसान नेताओं ने प्राधिकरण के ओएसडी अभिषेक शाही को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।

किसानों की प्रमुख मांगें

ज्ञापन में गौतमबुद्ध नगर के किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख है 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का भुगतान। इसके अलावा आबादी, लीजबैक और शिफ्टिंग से जुड़े वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण, तथा 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड नीति लागू करने की माँग भी शामिल है।

किसानों ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, क्षेत्र के युवाओं को रोज़गार, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और किसानों के कर्ज माफी की माँग भी ज्ञापन में दर्ज कराई है। किसान नेताओं का कहना है कि जमीन अधिग्रहण और तेज़ी से हो रहे औद्योगिक एवं शहरी विकास का सीधा असर स्थानीय किसान परिवारों पर पड़ा है।

अल्टीमेटम और आंदोलन की रणनीति

ज्ञापन सौंपने के बाद पवन खटाना ने स्पष्ट किया कि यदि 18 अगस्त 2026 तक सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान हो जाता है तो संगठन प्राधिकरण अधिकारियों का आभार व्यक्त करेगा। लेकिन यदि समाधान नहीं हुआ तो 24 अगस्त 2026 को यीडा कार्यालय पर विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाकर और तेज़ किया जाएगा।

किसानों का संदेश

भाकियू के जिला मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने कहा कि तिरंगा यात्रा के ज़रिए सरकार को यह संदेश दिया गया है कि किसान अपनी मांगें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के साथ-साथ प्रभावित किसानों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। यह आंदोलन गौतमबुद्ध नगर के उन किसानों की दशकों पुरानी पीड़ा की अभिव्यक्ति है जिनकी ज़मीनें औद्योगिक विकास के नाम पर अधिग्रहीत की गईं, लेकिन वादे अधूरे रहे।

आगे क्या होगा

यदि 18 अगस्त की समय-सीमा तक प्राधिकरण कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो 24 अगस्त की महापंचायत एक बड़े किसान आंदोलन की शुरुआत बन सकती है। संगठन ने गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ने और महापंचायत को व्यापक बनाने की रणनीति पहले से तैयार कर ली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि भूमि अधिग्रहण के बाद पुनर्वास का तंत्र अभी भी अधूरा है। तिरंगा यात्रा का प्रतीकात्मक महत्व यह है कि किसान खुद को राष्ट्रीय विकास के विरोधी नहीं, बल्कि उसके हकदार भागीदार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। यदि प्राधिकरण इस अल्टीमेटम को गंभीरता से नहीं लेता, तो 24 अगस्त की महापंचायत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक किसान लामबंदी का बिंदु बन सकती है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाकियू ने यमुना प्राधिकरण को क्या अल्टीमेटम दिया है?
भारतीय किसान यूनियन ने यीडा को 18 अगस्त 2026 तक किसानों की लंबित मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस समय-सीमा तक समाधान नहीं हुआ तो 24 अगस्त 2026 को यीडा कार्यालय पर विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी।
किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
किसानों की मांगों में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का भुगतान, 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड नीति लागू करना, आबादी-लीजबैक-शिफ्टिंग के लंबित मामलों का निस्तारण, प्रभावित परिवारों का पुनर्वास, युवाओं को रोज़गार, MSP गारंटी और कर्ज माफी शामिल हैं।
14 अगस्त को ग्रेटर नोएडा में क्या हुआ?
14 अगस्त 2026 को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बाइक तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो प्वाइंट से परी चौक होते हुए यीडा कार्यालय पहुँची, जहाँ ओएसडी अभिषेक शाही को ज्ञापन सौंपा गया।
24 अगस्त की महापंचायत में क्या होगा?
यदि 18 अगस्त तक मांगें नहीं मानी गईं तो 24 अगस्त 2026 को यीडा कार्यालय पर विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी। इसके बाद संगठन गांव-गांव जाकर किसानों को आंदोलन से जोड़ने और आंदोलन को और व्यापक बनाने की रणनीति पर काम करेगा।
यह आंदोलन गौतमबुद्ध नगर के किसानों को क्यों प्रभावित करता है?
गौतमबुद्ध नगर में यमुना एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर के तेज़ औद्योगिक एवं शहरी विकास के कारण बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण हुआ है। इससे प्रभावित किसान परिवारों को वर्षों से उचित मुआवज़ा, पुनर्वास और रोज़गार नहीं मिला, जिसके कारण यह आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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