14 सितंबर 2026
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राकेश टिकैत का तीनों प्राधिकरणों पर हल्ला बोल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में किसान महापंचायत का ऐलान

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राकेश टिकैत का तीनों प्राधिकरणों पर हल्ला बोल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में किसान महापंचायत का ऐलान

सारांश

दो साल के खोखले आश्वासनों से थके किसान अब तीनों प्राधिकरणों पर एक साथ दबाव बनाने उतरे हैं। राकेश टिकैत की अगुवाई में ग्रेटर नोएडा से शुरू यह महापंचायत आंदोलन नोएडा और यमुना अथॉरिटी तक फैलने की तैयारी में है — और 2027 के चुनाव से पहले यह राजनीतिक संदेश भी है।

मुख्य बातें

राकेश टिकैत के नेतृत्व में 14 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर किसान महापंचायत हुई।
मुख्य माँगें: आबादी निस्तारण , 10 प्रतिशत प्लॉट , शिफ्टिंग और लीज बैक से जुड़े लंबित मामले।
किसानों का आरोप — करीब दो वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जमीनी समाधान नहीं।
टिकैत ने तीनों प्राधिकरणों — नोएडा , ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी — के बाहर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी।
RLD के उत्तर प्रदेश 403 सीटों पर चुनाव लड़ने के सवाल पर टिकैत ने पार्टी के फैसले को उसकी मर्जी पर छोड़ा; 2027 चुनाव में गड़बड़ी की चेतावनी भी दी।
महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती।

किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत के नेतृत्व में 14 सितंबर 2026 को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों ने तीनों प्राधिकरणों के बाहर किसान महापंचायत करने का निर्णय लिया। टिकैत सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर पहुँचे, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी लंबित माँगों को लेकर एकत्रित हुए। करीब दो वर्षों से केवल आश्वासनों पर निर्भर रहने से नाराज़ किसानों ने अब एकजुट होकर मोर्चा खोलने की ठान ली है।

मुख्य माँगें और मुद्दे

किसान महापंचायत में मुख्य रूप से आबादी निस्तारण, 10 प्रतिशत प्लॉट, शिफ्टिंग और लीज बैक से जुड़ी समस्याएँ उठाई जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि विकास प्राधिकरणों द्वारा भूमि अधिग्रहण के बाद पुनर्वास और आबादी से जुड़े अनेक मामलों का समाधान अब तक नहीं हुआ है। बार-बार बैठकों और आश्वासनों के बावजूद स्थायी हल न मिलने से किसानों का धैर्य चुक गया है।

राकेश टिकैत की चेतावनी

राकेश टिकैत ने अधिकारियों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले करीब दो वर्षों से किसानों को लगातार आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'इस बार किसानों के भ्रम को तोड़ा जाएगा और उनकी माँगों को लेकर मजबूती से आवाज़ उठाई जाएगी।' टिकैत ने यह भी साफ किया कि किसान केवल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नोएडा अथॉरिटी और यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों के सामने भी अपनी माँगें रखेंगे।

राजनीतिक संदर्भ और 2027 चुनाव

राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि पार्टी जहाँ से चाहे उतनी सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि 'चुनाव के दौरान सरकार के लोग बेईमानी करेंगे और पुलिस, ED तथा अन्य ताकतों का इस्तेमाल किया जा सकता है।' यह टिप्पणी किसान आंदोलन को चुनावी राजनीति से जोड़ती है, जो इसे एक व्यापक सामाजिक-राजनीतिक संदर्भ देती है।

प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा

किसान महापंचायत को देखते हुए प्राधिकरण और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पहले भी किसानों और प्राधिकरणों के बीच भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर तनाव रहा है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि माँगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

आगे का रास्ता

गौरतलब है कि तीनों क्षेत्रों के किसानों की समस्याएँ काफी हद तक समान हैं — भूमि अधिग्रहण के बाद उचित मुआवजा और पुनर्वास। टिकैत के अनुसार, इन समस्याओं के समाधान के लिए किसानों को एकजुट होकर आवाज़ उठानी होगी। आने वाले दिनों में नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बाहर भी महापंचायत की योजना है, जिससे यह प्रदर्शन व्यापक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी पिछले दो वर्षों की तरह एक और आश्वासन-चक्र में तब्दील हो जाएगा।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान महापंचायत में मुख्य रूप से कौन-सी माँगें उठाई जा रही हैं?
किसान महापंचायत में मुख्य रूप से आबादी निस्तारण, 10 प्रतिशत प्लॉट, शिफ्टिंग और लीज बैक से जुड़ी समस्याएँ उठाई जा रही हैं। किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बाद पुनर्वास के ये मामले लंबे समय से लंबित हैं।
राकेश टिकैत किन प्राधिकरणों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं?
राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना विकास प्राधिकरण — इन तीनों के बाहर प्रदर्शन और महापंचायत करने की योजना बना रहे हैं। 14 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर से इस आंदोलन की शुरुआत हुई।
किसानों का प्राधिकरणों पर क्या आरोप है?
किसानों का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से उन्हें केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। बार-बार बैठकों के बावजूद नतीजा शून्य रहा है।
2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर टिकैत का क्या कहना है?
राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार के लोग बेईमानी कर सकते हैं और पुलिस, ED तथा अन्य ताकतों का इस्तेमाल हो सकता है। RLD के 403 सीटों पर चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी अपने विवेक से फैसला करे।
किसान आंदोलन आगे कहाँ तक फैल सकता है?
टिकैत ने स्पष्ट किया है कि किसान केवल ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बाहर भी महापंचायत की जाएगी। माँगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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