जुहू बीच पर 'सी शोर शाइन 2026': अमृता फडणवीस ने गणपति विसर्जन के बाद बड़ी सफाई मुहिम का नेतृत्व किया
सारांश
मुख्य बातें
दिव्यज फाउंडेशन की संस्थापक अमृता फडणवीस ने 26 सितंबर 2026 को मुंबई के जुहू बीच पर वार्षिक 'सी शोर शाइन 2026' बीच क्लीन-अप अभियान का नेतृत्व किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता ने इस पहल को गणपति विसर्जन के बाद मुंबई की सबसे बड़ी समुद्र तट सफाई मुहिम बताया, जिसमें बच्चों और स्वयंसेवकों की बड़ी संख्या शामिल हुई।
अभियान का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
दिव्यज फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से जुहू बीच की सफाई के लिए यह वार्षिक आयोजन करता आ रहा है। अभियान का लक्ष्य न केवल समुद्र तट को साफ रखना है, बल्कि युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना भी है। गणपति विसर्जन के बाद समुद्र तटों पर जमा होने वाले कचरे की समस्या हर साल बड़ी चुनौती बनती है — इस पहल की प्रासंगिकता इसी संदर्भ में और बढ़ जाती है।
अमृता फडणवीस का संदेश
अमृता फडणवीस ने कहा, 'आज बहुत खुशी हो रही है कि मुंबई में गणपति विसर्जन के बाद सबसे बड़ी बीच सफाई मुहिम जुहू बीच पर हो रही है। इसमें बच्चे और वॉलंटियर्स बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। इससे लोगों में जागरूकता आएगी कि हमें अपनी जिंदगी कैसे जीनी चाहिए ताकि पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और साथ ही हमारी संस्कृति भी आगे बढ़े।'
युवाओं की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को ऐसे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए। उनकी बेटी दिविजा फडणवीस ने भी इस अवसर पर कहा, 'मुझे लगता है कि युवाओं और नई पीढ़ी का बीच की सफाई जैसे सामाजिक कामों में शामिल होना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे हमें अपने देश के प्रति जिम्मेदारी का एहसास होता है।'
राजनीतिक और प्रशासनिक समर्थन
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता राम कदम ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अमृता फडणवीस पिछले छह साल से इस अभियान के लिए स्वयं मैदान में उतरती हैं। उन्होंने कहा, 'विसर्जन तो हो गया है, लेकिन हमें खुद भी अपने शहर को साफ-सुथरा रखना चाहिए।' इस अभियान में कई गैर-सरकारी संगठनों और आध्यात्मिक संस्थाओं ने भी भागीदारी की।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की आयुक्त अश्विनी भिड़े भी इस सफाई अभियान में शामिल हुईं, जो प्रशासनिक स्तर पर इस पहल को मिले समर्थन का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई के समुद्र तटों पर गणपति विसर्जन के बाद सफाई को लेकर हर साल सवाल उठते हैं।
पर्यावरण संरक्षण की व्यापक ज़रूरत
गौरतलब है कि मुंबई के तटीय क्षेत्रों में प्लास्टिक और त्योहारी कचरे की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। दिव्यज फाउंडेशन जैसी नागरिक पहलें इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे एकल आयोजनों को नीतिगत और दीर्घकालिक समाधान से जोड़ा जाना चाहिए ताकि समुद्र तटों की स्वच्छता सुनिश्चित हो सके।
आगे की राह
दिव्यज फाउंडेशन का यह वार्षिक अभियान आने वाले वर्षों में और अधिक संस्थाओं और स्वयंसेवकों को जोड़ने का लक्ष्य रखता है। बीएमसी की भागीदारी यह उम्मीद जगाती है कि भविष्य में नगर निगम स्तर पर भी तटीय सफाई को प्राथमिकता मिल सकती है।