16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गढ़वा में 'आपन सरस्वतिया' अभियान: जनता-प्रशासन ने मिलकर शुरू की नदी की सफाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गढ़वा में 'आपन सरस्वतिया' अभियान: जनता-प्रशासन ने मिलकर शुरू की नदी की सफाई

सारांश

गढ़वा में एक युवक की मेहनत से जन्मा 'आपन सरस्वतिया' अभियान अब सामूहिक जनआंदोलन बन चुका है। एसडीएम संजय कुमार की अगुवाई में जनता, नगर परिषद और व्यवसायी मिलकर सरस्वतिया नदी को उसका अस्तित्व लौटाने में जुटे हैं।

मुख्य बातें

गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर 'आपन सरस्वतिया' नदी सफाई अभियान शुरू किया गया।
अभियान के दूसरे दिन दो जेसीबी और एक पोकलेन की मदद से सरस्वतिया नदी की सफाई व डी-सिल्टिंग हुई।
शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी , नगर परिषद और व्यवसायी कुंदन यादव ने संसाधन व डीजल उपलब्ध कराया।
नदी में कचरा या मलबा डालने वालों पर दंड लगाया जाएगा और सफाई का खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा।
नगर परिषद को नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

झारखंड के गढ़वा जिले में सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जनता और प्रशासन ने हाथ मिलाया है। गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर शुरू हुए 'आपन सरस्वतिया' अभियान के तहत नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार जारी है। यह अभियान एक युवक की अथक मेहनत और सामाजिक जागरूकता का परिणाम है, जिसने अब सामूहिक जनआंदोलन का रूप ले लिया है।

अभियान का दूसरा दिन: तीन मशीनों से हुई सफाई

अभियान के दूसरे दिन नदी के विभिन्न क्षेत्रों में तीन मशीनों — दो जेसीबी और एक पोकलेन — की सहायता से सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य किया गया। नगर परिषद ने दो जेसीबी उपलब्ध कराए, जबकि दो नगर प्रबंधक और स्वच्छता पर्यवेक्षक भी मौके पर सक्रिय रहे।

इस दिन का अभियान शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी, नगर परिषद तथा 'सिग्नेचर वाटर' के प्रोपराइटर कुंदन यादव सहित अन्य सामाजिक सहयोगकर्ताओं के संयुक्त प्रयास से संचालित हुआ। मशीनों के लिए डीजल का खर्च व्यवसायी कुंदन यादव ने वहन किया।

'आपन सरस्वतिया' — नाम के पीछे की भावना

जिला प्रशासन के अनुसार, इस अभियान को 'आपन सरस्वतिया' नाम देने के पीछे मूल उद्देश्य यह है कि गढ़वा शहर का प्रत्येक नागरिक इस नदी को अपनी धरोहर समझे और इसे बचाए रखना अपनी सामूहिक जिम्मेदारी माने। यह केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक-प्रशासनिक साझेदारी है।

जनसहयोग की अपील और आगे की योजना

अधिकारियों ने शहर के अन्य समाजसेवी संगठनों और सक्षम नागरिकों से अभियान में भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन अलग-अलग प्रायोजकों को आगे आना चाहिए — जो एक दिन के लिए जेसीबी उपलब्ध करा सकें, मशीन का डीजल खर्च उठा सकें, या अन्य संसाधन दे सकें, वे स्वैच्छिक रूप से जुड़ सकते हैं। बताया गया है कि कई लोग स्वतः प्रेरित होकर पहले से इस मुहिम से जुड़ रहे हैं।

कचरा डालने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि सरस्वतिया नदी में जानबूझकर कचरा, मिट्टी या बिल्डिंग मटेरियल डालने वालों पर न केवल दंड लगाया जाएगा, बल्कि उस कचरे को हटवाने का खर्च भी संबंधित व्यक्तियों से ही वसूला जाएगा। इसके साथ ही नगर परिषद को नदी के किनारे जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई नहीं हो जाती — बशर्ते जनसहयोग इसी तरह मिलता रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीन पर टिक नहीं सका। असली परीक्षा यह है कि क्या यह उत्साह दूसरे और तीसरे सप्ताह में भी बरकरार रहेगा, जब मीडिया की रोशनी और पहले दिन की भीड़ दोनों छँट जाएँगी। दंड का प्रावधान सराहनीय है, लेकिन इसका क्रियान्वयन नगर परिषद की इच्छाशक्ति पर निर्भर है — जो अक्सर ऐसे अभियानों में सबसे कमज़ोर कड़ी साबित होती है। जब तक नदी में कचरा डालने वाले स्रोतों — अनधिकृत निर्माण, नाले का अनुपचारित पानी — पर स्थायी रोक नहीं लगती, सफाई एक बार की कवायद बनकर रह सकती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'आपन सरस्वतिया' अभियान क्या है?
यह झारखंड के गढ़वा जिले में सरस्वतिया नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग के लिए शुरू किया गया सामाजिक-प्रशासनिक अभियान है। गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर जनता, नगर परिषद और स्थानीय व्यवसायियों के सहयोग से यह मुहिम चलाई जा रही है।
अभियान में किन संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है?
अभियान के दूसरे दिन दो जेसीबी और एक पोकलेन मशीन से नदी की सफाई की गई। नगर परिषद ने दो जेसीबी उपलब्ध कराए और व्यवसायी कुंदन यादव ने डीजल खर्च वहन किया।
नदी में कचरा डालने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
एसडीएम संजय कुमार के अनुसार, जानबूझकर नदी में कचरा, मिट्टी या बिल्डिंग मटेरियल डालने वालों पर दंड लगाया जाएगा और कचरा हटवाने का खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा। नगर परिषद को चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अभियान में आम नागरिक कैसे भाग ले सकते हैं?
प्रशासन ने अपील की है कि जो नागरिक एक दिन के लिए जेसीबी उपलब्ध करा सकते हैं, मशीन का डीजल खर्च उठा सकते हैं या अन्य संसाधन दे सकते हैं, वे स्वैच्छिक रूप से आगे आएँ। प्रतिदिन अलग-अलग प्रायोजकों की भागीदारी की उम्मीद जताई गई है।
यह अभियान कब तक चलेगा?
अधिकारियों के अनुसार, 'आपन सरस्वतिया' अभियान सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई होने तक निरंतर जारी रहेगा, बशर्ते जनसहयोग मिलता रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले