बर्थडे स्पेशल: हॉलीवुड के सितारे शॉन एस्टिन की अदाकारी और दोस्ती का अनूठा प्रतीक!
सारांश
Key Takeaways
- शॉन एस्टिन का जन्म २५ फरवरी १९७१ को हुआ।
- उन्हें ‘द लॉर्ड्स ऑफ रिंग’ में सैमवाइज गैम्जी का किरदार निभाने से प्रसिद्धि मिली।
- उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रियता दिखाई।
- उनकी आत्मकथा ‘देअर एंड बैक अगेन’ में उनकी यात्रा का वर्णन है।
- वे स्ट्रेंजर थिंग्स जैसी सीरीज में भी दिखाई दिए हैं।
नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। हॉलीवुड के कुछ ऐसे कलाकार होते हैं जिनकी पहचान उनके द्वारा निभाए गए किरदार से बनती है। पर्दे पर निभाई गई भूमिकाएं उनकी विरासत को परिभाषित करती हैं। २५ फरवरी १९७१ को जन्मे शॉन एस्टिन भी ऐसे ही अदाकार हैं। एक्ट्रेस मां के पुत्र ने बचपन से ही अभिनय की दुनिया में कदम रखा और समय के साथ खुद को एक बहुपरकारी कलाकार के रूप में स्थापित किया।
शॉन एस्टिन का करियर १९८० के दशक में आरंभ हुआ, जब उन्होंने फिल्म द गुनिज में काम किया। यह फिल्म युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय रही और एस्टिन को पहचान दिलाई। हालांकि, उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रसिद्धि ‘द लॉर्ड्स ऑफ रिंग’ त्रयी में सैमवाइज गैम्जी के किरदार से मिली। यह किरदार केवल एक सहायक पात्र नहीं था, बल्कि दोस्ती, वफादारी और साहस का प्रतीक बन गया। एस्टिन के अभिनय ने इस भूमिका को गहरी भावनात्मक रंगत दी है, जिसकी आज भी सराहना की जाती है।
कैसे एक कलाकार खुद को एक किरदार में ढालता है यह इस अदाकार का एक बेहतरीन उदाहरण है। ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ के रोल के लिए शॉन ने ३५ से ४० पाउंड तक वजन बढ़ाया था। अपनी आत्मकथा “देअर एंड बैक अगेन, एन एक्टर्स टेल” के माध्यम से भी उन्होंने ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ की कहानी साझा की है।
चूंकि उनकी मां बायपोलर थीं, इसलिए वे लोगों को मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने और उनका उपचार करने में मदद करने के लिए सक्रिय रहते हैं।
फिल्मों के अलावा, एस्टिन ने टेलीविज़न और वॉइस एक्टिंग में भी काम किया है। उन्होंने कई एनिमेटेड सीरीज और डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स में अपनी आवाज़ दी है। हाल के वर्षों में, वे लोकप्रिय सीरीज स्ट्रेंजर थिंग्स में भी दिखाई दिए, जिससे नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच उनकी पहचान बनी।
उनका अभिनय करियर केवल व्यावसायिक सफलता तक सीमित नहीं रहा। वे सामाजिक कार्यों और प्रेरणादायक भाषणों में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभवों और फिल्म उद्योग के सफर को साझा करते हुए युवाओं को प्रेरित किया है।