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सेबी का एफएंडओ ट्रेडिंग में बड़ा बदलाव: 3 अगस्त से नई टाइमिंग लागू, शाम 3:40 बजे तक होगा कारोबार

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सेबी का एफएंडओ ट्रेडिंग में बड़ा बदलाव: 3 अगस्त से नई टाइमिंग लागू, शाम 3:40 बजे तक होगा कारोबार

सारांश

सेबी ने 3 अगस्त से एफएंडओ बाज़ार की कार्यप्रणाली बदल दी है — डेरिवेटिव ट्रेडिंग अब शाम 3:40 बजे तक, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से पारदर्शी बंद-भाव और प्री-ओपन विंडो भी अद्यतन। यह कदम भारतीय बाज़ार को वैश्विक ढाँचे के करीब लाने की दिशा में उठाया गया है।

मुख्य बातें

सेबी ने 3 अगस्त 2026 से एफएंडओ बाज़ार के लिए संशोधित कारोबार ढाँचा लागू किया।
इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग का समय 10 मिनट बढ़ाकर शाम 3:40 बजे तक किया गया।
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) शाम 3:20 बजे से 3:35 बजे के बीच दो चरणों में संपन्न होगा; दूसरे चरण में ऑर्डर संशोधन या रद्दीकरण की अनुमति नहीं।
सीएएस से प्राप्त मूल्य सभी कैटेगरी I एफएंडओ स्टॉक की आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस होगी।
गैर-एफएंडओ इक्विटी कैश स्टॉक के लिए बाज़ार समय अपरिवर्तित — शाम 3:30 बजे बंद।
प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री विंडो सुबह 9:00 बजे से 9:07 बजे तक; मैचिंग 9:07 बजे से 9:15 बजे तक।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 3 अगस्त 2026 से फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ) बाज़ार के लिए संशोधित कारोबार ढाँचा लागू कर दिया है, जिसके तहत इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग का समय 10 मिनट बढ़ाकर शाम 3:40 बजे तक कर दिया गया है। यह बदलाव मूल्य खोज को पारदर्शी बनाने, बाज़ार की दक्षता सुधारने और भारतीय इक्विटी बाज़ार को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने के उद्देश्य से किया गया है।

नई टाइमिंग का पूरा ढाँचा

संशोधित शेड्यूल के अनुसार, एफएंडओ स्टॉक में नियमित कारोबार शाम 3:15 बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद 3:15 बजे से 3:20 बजे तक एक ट्रांजिशन पीरियड होगा।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) दो चरणों में संपन्न होगा: पहला ऑर्डर एंट्री चरण शाम 3:20 बजे से 3:25 बजे तक और दूसरा ऑर्डर एंट्री चरण 3:25 बजे से 3:30 बजे तक। दूसरे चरण में निवेशकों को बाज़ार ऑर्डर बदलने या रद्द करने की अनुमति नहीं होगी, और ऑक्शन इस चरण के अंतिम दो मिनट के भीतर समाप्त हो जाएगा।

ऑर्डर मैचिंग शाम 3:30 बजे से 3:35 बजे के बीच होगी, जिसके बाद आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस निर्धारित की जाएगी। सीएएस के ज़रिये खोजी गई यह कीमत सभी एफएंडओ स्टॉक की आधिकारिक बंद कीमत मानी जाएगी। इसके बाद एफएंडओ सेगमेंट में कारोबार शाम 3:40 बजे तक जारी रहेगा।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन क्या है और क्यों ज़रूरी है

सेबी ने कैटेगरी I के एफएंडओ स्टॉक के लिए इक्विटी कैश सेगमेंट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की शुरुआत की है। नियामक के अनुसार, यह तंत्र ऑक्शन-आधारित प्रक्रिया के ज़रिये लिक्विडिटी को एकत्रित करके क्लोजिंग प्राइस की गुणवत्ता में सुधार करेगा।

सेबी ने कहा है कि यह ढाँचा सभी निवेशकों को समान पहुँच प्रदान करेगा, पैसिव इन्वेस्टमेंट फंड के लिए ट्रैकिंग त्रुटियाँ कम करेगा और भारत के इक्विटी बाज़ार को वैश्विक मानकों के करीब लाएगा। गौरतलब है कि दुनिया के प्रमुख बाज़ारों — जैसे लंदन स्टॉक एक्सचेंज और यूरोनेक्स्ट — में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन पहले से प्रचलित हैं।

प्री-ओपन सेशन में भी बदलाव

संशोधित ढाँचे के अंतर्गत प्री-ओपन सेशन की समय-सारणी भी अद्यतन की गई है। ऑर्डर एंट्री विंडो अब सुबह 9:00 बजे से 9:07 बजे तक खुली रहेगी, इसके बाद 9:07 बजे से 9:15 बजे तक ऑर्डर मैचिंग होगी। नियमित कारोबार सत्र पूर्ववत् सुबह 9:15 बजे से शुरू होगा।

किन स्टॉक पर लागू होगा यह बदलाव

सेबी ने स्पष्ट किया है कि गैर-एफएंडओ इक्विटी कैश स्टॉक के लिए कारोबार के घंटे अपरिवर्तित रहेंगे — बाज़ार पूर्ववत् शाम 3:30 बजे बंद होगा। यह नया ढाँचा केवल उन्हीं स्टॉक पर लागू होगा जो एफएंडओ या कैटेगरी I सूची में शामिल हैं।

आम निवेशकों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में रिटेल डेरिवेटिव ट्रेडिंग में तेज़ी से वृद्धि हुई है और बाज़ार नियामक बार-बार निवेशक सुरक्षा पर ज़ोर देता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विस्तारित समय और पारदर्शी क्लोजिंग प्राइस से संस्थागत और रिटेल दोनों निवेशकों को बेहतर एग्ज़िट अवसर मिलेंगे। हालाँकि, ट्रेडर्स को नई समय-सारणी से पूरी तरह परिचित होने की सलाह दी जा रही है, विशेषकर दूसरे ऑर्डर एंट्री चरण में ऑर्डर संशोधन पर रोक के प्रावधान को लेकर।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत का रिटेल-भारी डेरिवेटिव बाज़ार इस जटिल दो-चरणीय ऑक्शन ढाँचे को अपनाने के लिए तैयार है। दूसरे ऑर्डर एंट्री चरण में संशोधन पर रोक एक महत्वपूर्ण जोखिम-प्रबंधन प्रावधान है, लेकिन यह उन छोटे निवेशकों के लिए भ्रामक हो सकता है जो अंतिम क्षण में स्थिति बदलने के आदी हैं। पैसिव फंड के लिए ट्रैकिंग त्रुटि कम करने का लाभ स्पष्ट है, परन्तु नियामक को यह सुनिश्चित करना होगा कि व्यापक निवेशक शिक्षा अभियान इस बदलाव के साथ-साथ चले।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेबी की नई एफएंडओ टाइमिंग 3 अगस्त से क्या बदल गई है?
3 अगस्त 2026 से एफएंडओ स्टॉक में नियमित ट्रेडिंग शाम 3:15 बजे तक होगी, इसके बाद क्लोजिंग ऑक्शन सेशन 3:20 बजे से 3:35 बजे तक चलेगा और एफएंडओ सेगमेंट में कारोबार अब शाम 3:40 बजे तक जारी रहेगा — पहले की तुलना में 10 मिनट अधिक।
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) क्या होता है?
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन एक ऑक्शन-आधारित तंत्र है जिसमें बाज़ार बंद होने से पहले एक निर्धारित समय-खिड़की में ऑर्डर एकत्र किए जाते हैं और मिलान के बाद एक पारदर्शी क्लोजिंग प्राइस तय होती है। सेबी के अनुसार, यह प्रक्रिया लिक्विडिटी को एकत्रित करती है और आधिकारिक बंद-भाव को अधिक विश्वसनीय बनाती है।
क्या गैर-एफएंडओ शेयरों की ट्रेडिंग टाइमिंग भी बदली है?
नहीं। सेबी ने स्पष्ट किया है कि गैर-एफएंडओ इक्विटी कैश स्टॉक के लिए कारोबार का समय अपरिवर्तित रहेगा और बाज़ार पूर्ववत् शाम 3:30 बजे बंद होगा। यह बदलाव केवल एफएंडओ या कैटेगरी I सूची में शामिल स्टॉक पर लागू होता है।
दूसरे ऑर्डर एंट्री चरण में ऑर्डर क्यों नहीं बदला जा सकता?
सेबी के नए ढाँचे के अनुसार, शाम 3:25 बजे से 3:30 बजे के दूसरे ऑर्डर एंट्री चरण के दौरान निवेशकों को बाज़ार ऑर्डर बदलने या रद्द करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रावधान ऑक्शन की निष्पक्षता और मूल्य-खोज प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह बदलाव पैसिव इन्वेस्टमेंट फंड को कैसे प्रभावित करेगा?
सेबी के अनुसार, क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से मिलने वाली पारदर्शी और लिक्विड क्लोजिंग प्राइस इंडेक्स फंड और ETF जैसे पैसिव फंड की ट्रैकिंग त्रुटियाँ कम करेगी। यह उन्हें अपने बेंचमार्क इंडेक्स के करीब प्रदर्शन करने में मदद करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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