सेमीकॉन इंडिया 2026: PM मोदी ने सेमीकंडक्टर सीईओ से की बैठक, 17 सितंबर को यशोभूमि में उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 सितंबर 2026 (बुधवार) को सेमीकॉन इंडिया 2026 की पूर्व संध्या पर आयोजित एक उच्चस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ और सीएक्सओ से मुलाकात की। वे 17 सितंबर को सुबह लगभग 10 बजे नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में इस तीन दिवसीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
उद्योग जगत की भागीदारी और प्रतिबद्धताएँ
गोलमेज बैठक में शामिल उद्योग प्रतिनिधियों ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को निरंतर समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिभागियों ने माना कि यह उद्योग अत्यंत कम समय में प्रारंभिक अवस्था से ठोस विकास की ओर और महज़ महत्वाकांक्षा से वास्तविक परियोजना क्रियान्वयन की ओर बढ़ चला है।
बैठक में लगभग सभी भाग लेने वाली कंपनियों ने बताया कि वे या तो पहले से ही भारत में अनुसंधान एवं विकास (R&D) कर रही हैं अथवा अपनी R&D गतिविधियों का विस्तार करने की योजना बना रही हैं। कई कंपनियों ने देश में R&D जारी रखने की स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई।
प्रतिभा विकास कार्यक्रम को मिली सराहना
सभी उद्योग प्रतिभागियों ने भारत के सेमीकंडक्टर प्रतिभा विकास कार्यक्रम की सराहना की और भविष्य में इसमें सक्रिय रूप से शामिल होने की मंशा ज़ाहिर की। निर्माताओं और आपूर्ति श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी लगभग सभी कंपनियों ने भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार के रूप में स्वीकार किया — इनमें सटीक विनिर्माण, उत्पाद डिज़ाइन, गुणवत्ता प्रणाली और उन्नत विनिर्माण में सक्रिय कंपनियाँ शामिल हैं।
गौरतलब है कि चर्चाओं से सेमीकॉन 2.0 के तहत नए सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम परियोजनाओं की ओर स्पष्ट तैयारी के संकेत भी मिले। प्रतिभागियों ने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को टी20 के बजाय टेस्ट मैच की संज्ञा देते हुए दीर्घकालिक और निरंतर प्रतिबद्धता की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मेलन की थीम और स्वरूप
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, 17 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित यह तीन दिवसीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 'सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण' थीम पर आधारित है। इसमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला से जुड़ी वैश्विक और भारतीय कंपनियाँ, नीति-निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान और छात्र एकत्रित होंगे।
समानांतर सत्र और विशेष आयोजन
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत में सहयोग, निवेश, नवाचार और प्रतिभा विकास को गति देना है। समानांतर सत्रों में डिस्प्ले उद्योग में हुई प्रगति की समीक्षा, छह देशों के साथ कंट्री राउंडटेबल — जो सहयोग और संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए तैयार किए गए हैं — और महिला नेतृत्व पर एक विशेष मंच शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की होड़ तेज़ है और भारत इस दौड़ में अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है। आने वाले तीन दिन यह तय करेंगे कि सेमीकॉन 2.0 की परियोजनाएँ कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतरती हैं।