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सेशेल्स के चीफ ऑफ स्टाफ नई दिल्ली में दो सप्ताह के रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में शामिल

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सेशेल्स के चीफ ऑफ स्टाफ नई दिल्ली में दो सप्ताह के रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में शामिल

सारांश

भारत-सेशेल्स रक्षा साझेदारी एक नए स्तर पर — सेशेल्स के चीफ ऑफ स्टाफ कर्नल माइकल होलांडा नई दिल्ली में दो सप्ताह के रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में हैं। डोर्नियर उपकरण, लेजर रेडियल बोट और अब उच्चस्तरीय कार्यक्रम — PM मोदी की सेशेल्स यात्रा की घोषणाएँ ज़मीन पर उतर रही हैं।

मुख्य बातें

कर्नल माइकल होलांडा , चीफ ऑफ स्टाफ, सेशेल्स डिफेंस फोर्सेस , और उप कैबिनेट सचिव एंजेला पायेट नई दिल्ली में दो सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
पिछले महीने भारत ने सेशेल्स को 3 डोर्नियर एमईयू , 18 सेट कैलिब्रेटेड उपकरण , 50 सुरक्षा हेलमेट और नाविक रस्सियाँ निःशुल्क मरम्मत के बाद सौंपीं।
अगस्त में उच्चायुक्त रोहित राठीश ने 5 लेजर रेडियल बोट सेशेल्स रक्षा बल को सौंपीं — यह PM मोदी की जून की राजकीय यात्रा के दौरान की गई घोषणा की पूर्ति है।
उपकरण सेशेल्स वायु सेना के डोर्नियर बेड़े द्वारा ईईजेड निगरानी , सीएएसईवीएसी और एसएआर अभियानों में उपयोग किए जाएंगे।
यह सहयोग भारत की 'सागर' नीति और हिंद महासागर में रणनीतिक उपस्थिति के विस्तार का हिस्सा है।

भारत-सेशेल्स रक्षा साझेदारी को नई ऊँचाई देते हुए, सेशेल्स डिफेंस फोर्सेस के चीफ ऑफ स्टाफ कर्नल माइकल होलांडा और उप कैबिनेट सचिव एंजेला पायेट नई दिल्ली में आयोजित दो सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम सुरक्षा और रणनीति पर केंद्रित है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता का हिस्सा माना जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्देश्य और दायरा

भारतीय उच्चायोग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम रक्षा और रणनीतिक विषयों पर गहन संवाद के लिए आयोजित किया गया है। कर्नल होलांडा की यह यात्रा केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है — यह दोनों देशों के बीच नीतिगत और परिचालन समन्वय को भी दर्शाती है। एंजेला पायेट की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि यह जुड़ाव केवल सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी है।

हालिया रक्षा आपूर्ति और सहयोग

इस यात्रा से ठीक पहले, पिछले महीने भारत ने सेशेल्स को महत्वपूर्ण रक्षा सामग्री सौंपी थी। रक्षा सलाहकार कैप्टन श्रवण सरीन ने मेजर जनरल माइकल रोजेट, सीडीएफ, एसडीएफ को 3 मरम्मत की गई डोर्नियर मेन इलेक्ट्रॉनिक यूनिट्स (एमईयू), 18 सेट कैलिब्रेटेड विशेष विमान उपकरण, 50 सुरक्षा हेलमेट और नाविक रस्सियाँ सौंपीं। भारतीय नौसेना की सुविधाओं ने इन सभी वस्तुओं की मरम्मत और कैलिब्रेशन निःशुल्क की।

ये उपकरण सेशेल्स वायु सेना के डोर्नियर बेड़े के लिए उपयोगी हैं, जो विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) निगरानी, सीएएसईवीएसी (हताहत निकासी) और एसएआर (खोज और बचाव) अभियानों में काम आते हैं। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, ये उपकरण सेशेल्स तटरक्षक बल के कर्मियों की सुरक्षा और परिचालन तत्परता को बढ़ाएंगे।

PM मोदी की घोषणा को अमलीजामा

गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित राठीश ने सेशेल्स रक्षा बल प्रमुख को 5 लेजर रेडियल बोट सौंपी थीं। यह डिलीवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा को पूरा करती है, जो उन्होंने जून में हिंद महासागर में इस द्वीप राष्ट्र की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान की थी। उच्चायुक्त राठीश ने इस डिलीवरी को सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज की क्षमता सुदृढ़ीकरण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

भारत-सेशेल्स संबंधों का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को रणनीतिक रूप से विस्तारित कर रहा है। सेशेल्स, जो हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण द्वीप राष्ट्र है, भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति में प्रमुख स्थान रखता है। उपकरण हस्तांतरण, नौसेना प्रशिक्षण और अब उच्चस्तरीय रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम — ये सभी मिलकर एक सुसंगत रक्षा कूटनीति की तस्वीर बनाते हैं।

आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और अधिक द्विपक्षीय रक्षा गतिविधियों की संभावना जताई जा रही है, जो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को और सुदृढ़ करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

नौका डिलीवरी, और अब उच्चस्तरीय रणनीतिक कार्यक्रम — भारत की हिंद महासागर कूटनीति की परिपक्वता को दर्शाती है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये कदम चीन की बढ़ती उपस्थिति के मुकाबले पर्याप्त हैं, जो इस क्षेत्र में बंदरगाह और बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश कर रहा है। भारत का 'सागर' दृष्टिकोण सही दिशा में है, परंतु छोटे द्वीप राष्ट्रों की दीर्घकालिक ज़रूरतों के लिए उपकरण-आधारित सहयोग से आगे बढ़कर आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को केंद्र में लाना होगा।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेशेल्स के चीफ ऑफ स्टाफ नई दिल्ली में किस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं?
कर्नल माइकल होलांडा, चीफ ऑफ स्टाफ, सेशेल्स डिफेंस फोर्सेस, नई दिल्ली में दो सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जो सुरक्षा और रणनीति पर केंद्रित है। उनके साथ उप कैबिनेट सचिव एंजेला पायेट भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं।
भारत ने हाल ही में सेशेल्स को कौन-कौन से रक्षा उपकरण सौंपे हैं?
भारत ने सेशेल्स को 3 मरम्मत की गई डोर्नियर मेन इलेक्ट्रॉनिक यूनिट्स (एमईयू), 18 सेट कैलिब्रेटेड विशेष विमान उपकरण, 50 सुरक्षा हेलमेट और नाविक रस्सियाँ सौंपीं। इसके अलावा अगस्त में 5 लेजर रेडियल बोट भी सेशेल्स रक्षा बल को दी गईं।
PM मोदी की सेशेल्स यात्रा और इन डिलीवरी का क्या संबंध है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून में सेशेल्स की राजकीय यात्रा के दौरान लेजर रेडियल बोट सौंपने की घोषणा की थी। अगस्त में उच्चायुक्त रोहित राठीश ने 5 लेजर रेडियल बोट सेशेल्स रक्षा बल प्रमुख को सौंपकर इस घोषणा को पूरा किया।
डोर्नियर उपकरण सेशेल्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
डोर्नियर एमईयू और कैलिब्रेटेड उपकरण सेशेल्स वायु सेना को विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) की निगरानी, हताहत निकासी (सीएएसईवीएसी) और खोज एवं बचाव (एसएआर) अभियानों में सक्षम बनाते हैं। भारतीय नौसेना सुविधाओं ने इनकी मरम्मत और कैलिब्रेशन निःशुल्क की।
भारत-सेशेल्स रक्षा साझेदारी किस नीति के तहत आती है?
यह सहयोग भारत की 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति और 'नेबरहुड फर्स्ट' दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसके तहत भारत हिंद महासागर के द्वीप राष्ट्रों के साथ समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमता निर्माण में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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