सेशेल्स के चीफ ऑफ स्टाफ नई दिल्ली में दो सप्ताह के रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में शामिल
सारांश
मुख्य बातें
भारत-सेशेल्स रक्षा साझेदारी को नई ऊँचाई देते हुए, सेशेल्स डिफेंस फोर्सेस के चीफ ऑफ स्टाफ कर्नल माइकल होलांडा और उप कैबिनेट सचिव एंजेला पायेट नई दिल्ली में आयोजित दो सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम सुरक्षा और रणनीति पर केंद्रित है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता का हिस्सा माना जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य और दायरा
भारतीय उच्चायोग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम रक्षा और रणनीतिक विषयों पर गहन संवाद के लिए आयोजित किया गया है। कर्नल होलांडा की यह यात्रा केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है — यह दोनों देशों के बीच नीतिगत और परिचालन समन्वय को भी दर्शाती है। एंजेला पायेट की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि यह जुड़ाव केवल सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी है।
हालिया रक्षा आपूर्ति और सहयोग
इस यात्रा से ठीक पहले, पिछले महीने भारत ने सेशेल्स को महत्वपूर्ण रक्षा सामग्री सौंपी थी। रक्षा सलाहकार कैप्टन श्रवण सरीन ने मेजर जनरल माइकल रोजेट, सीडीएफ, एसडीएफ को 3 मरम्मत की गई डोर्नियर मेन इलेक्ट्रॉनिक यूनिट्स (एमईयू), 18 सेट कैलिब्रेटेड विशेष विमान उपकरण, 50 सुरक्षा हेलमेट और नाविक रस्सियाँ सौंपीं। भारतीय नौसेना की सुविधाओं ने इन सभी वस्तुओं की मरम्मत और कैलिब्रेशन निःशुल्क की।
ये उपकरण सेशेल्स वायु सेना के डोर्नियर बेड़े के लिए उपयोगी हैं, जो विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) निगरानी, सीएएसईवीएसी (हताहत निकासी) और एसएआर (खोज और बचाव) अभियानों में काम आते हैं। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, ये उपकरण सेशेल्स तटरक्षक बल के कर्मियों की सुरक्षा और परिचालन तत्परता को बढ़ाएंगे।
PM मोदी की घोषणा को अमलीजामा
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त रोहित राठीश ने सेशेल्स रक्षा बल प्रमुख को 5 लेजर रेडियल बोट सौंपी थीं। यह डिलीवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा को पूरा करती है, जो उन्होंने जून में हिंद महासागर में इस द्वीप राष्ट्र की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान की थी। उच्चायुक्त राठीश ने इस डिलीवरी को सेशेल्स डिफेंस फोर्सेज की क्षमता सुदृढ़ीकरण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
भारत-सेशेल्स संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को रणनीतिक रूप से विस्तारित कर रहा है। सेशेल्स, जो हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण द्वीप राष्ट्र है, भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति में प्रमुख स्थान रखता है। उपकरण हस्तांतरण, नौसेना प्रशिक्षण और अब उच्चस्तरीय रणनीतिक जुड़ाव कार्यक्रम — ये सभी मिलकर एक सुसंगत रक्षा कूटनीति की तस्वीर बनाते हैं।
आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और अधिक द्विपक्षीय रक्षा गतिविधियों की संभावना जताई जा रही है, जो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को और सुदृढ़ करेगी।