27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएम मोदी सेशेल्स रवाना: स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि, हिंद महासागर सुरक्षा पर होगी चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएम मोदी सेशेल्स रवाना: स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि, हिंद महासागर सुरक्षा पर होगी चर्चा

सारांश

पीएम मोदी 27 जून को सेशेल्स रवाना हुए — तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर जहाँ वे राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती में मुख्य अतिथि होंगे। यह यात्रा भारत-सेशेल्स के 50 साल के राजनयिक रिश्तों और हिंद महासागर में बढ़ते सामरिक सहयोग का प्रतीक है।

मुख्य बातें

पीएम नरेंद्र मोदी 27 जून 2026 को सेशेल्स के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर रवाना हुए।
मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
वे सेशेल्स नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे।
इस वर्ष भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ भी है।
पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता और भारतीय समुदाय से मुलाकात का कार्यक्रम है।
यह दौरा राष्ट्रपति हर्मिनी की फरवरी 2026 की भारत यात्रा के बाद हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून 2026 को सेशेल्स के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर रवाना हो गए। वे सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। रवानगी से पूर्व मोदी ने विश्वास जताया कि यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग और सुरक्षा को नई गति देगी।

दौरे का उद्देश्य और कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी 27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स में रहेंगे। यह दौरा राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रहा है। कार्यक्रम के अनुसार, मोदी सेशेल्स नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे — ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। इसके अलावा, वे सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।

राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ

यह दौरा इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस वर्ष भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मोदी ने एक्स पर लिखा, "इस साल, हम अपने डिप्लोमैटिक संबंध की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं, जो आपसी भरोसे, साझा लोकतांत्रिक मूल्य, डाइवर्सिटी के लिए सम्मान और हमारे लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।" गौरतलब है कि राष्ट्रपति हर्मिनी ने फरवरी 2026 में भारत का दौरा किया था, और यह यात्रा उसी की अगली कड़ी है।

हिंद महासागर और 'विजन महासागर'

प्रधानमंत्री ने सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का "महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी" और 'विजन महासागर' का प्रमुख साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्लोबल साउथ के हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता रखते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, खासकर समुद्री डकैती और चीन की बढ़ती उपस्थिति, क्षेत्रीय चर्चा के केंद्र में है।

ऐतिहासिक संसदीय संबोधन का महत्व

मोदी का सेशेल्स नेशनल असेंबली में संबोधन कूटनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय कदम है। उन्होंने कहा, "यह ऐतिहासिक मौका हमारे दोनों देशों को जोड़ने वाले मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दिखाता है।" यह न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देता है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को भी रेखांकित करता है।

आगे की राह

इस दौरे से दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को लेकर नए समझौतों की संभावना जताई जा रही है। मोदी ने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि मेरी यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ाएगी और एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और खुशहाल हिंद महासागर क्षेत्र के हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाएगी।" भारतीय समुदाय, जो पीढ़ियों से दोनों देशों के बीच सेतु का काम कर रहा है, इस दौरे से विशेष उम्मीदें लगाए बैठा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सेशेल्स जैसे रणनीतिक द्वीपीय साझेदारों को साधना भारत की प्राथमिकता बनती जा रही है। नेशनल असेंबली में संबोधन — एक ऐतिहासिक पहल — यह संकेत देता है कि भारत संस्थागत जुड़ाव को केवल सरकार-से-सरकार स्तर से आगे ले जाना चाहता है। असली कसौटी यह होगी कि इस दौरे से समुद्री निगरानी, रक्षा सहयोग और व्यापार में कितने ठोस समझौते सामने आते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा क्यों हो रहा है?
पीएम मोदी राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने जा रहे हैं। इस वर्ष भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के भी 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिससे यह दौरा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
पीएम मोदी सेशेल्स में कितने दिन रहेंगे और क्या करेंगे?
पीएम मोदी 27 से 29 जून 2026 तक सेशेल्स में रहेंगे। इस दौरान वे राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, सेशेल्स नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे और वहाँ बसे भारतीय समुदाय से मिलेंगे।
सेशेल्स नेशनल असेंबली को संबोधित करना ऐतिहासिक क्यों है?
पीएम मोदी सेशेल्स नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। मोदी के अनुसार, यह अवसर दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को रेखांकित करता है।
इस दौरे का हिंद महासागर सुरक्षा से क्या संबंध है?
भारत सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में अपना 'महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी' और 'विजन महासागर' का प्रमुख साझेदार मानता है। इस दौरे का उद्देश्य समुद्री सहयोग को मजबूत करना और एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र के साझा विजन को आगे बढ़ाना है।
भारत और सेशेल्स के बीच हाल के संबंध कैसे रहे हैं?
राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने फरवरी 2026 में भारत का दौरा किया था, और पीएम मोदी की यह यात्रा उसी की अगली कड़ी है। दोनों देश ग्लोबल साउथ के हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 17 घंटे पहले
  3. 20 घंटे पहले
  4. 21 घंटे पहले
  5. कल
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 7 महीने पहले