29 जून 2026
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सेशेल्स राष्ट्रीय दिवस पर पीएम मोदी बोले — भारत को भरोसेमंद मित्र और साझेदार होने पर गर्व

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सेशेल्स राष्ट्रीय दिवस पर पीएम मोदी बोले — भारत को भरोसेमंद मित्र और साझेदार होने पर गर्व

सारांश

पीएम मोदी सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान और भारतीय सेना की परेड में भागीदारी — यह यात्रा हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मज़बूत करती है।

मुख्य बातें

पीएम नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
समारोह सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगाँठ और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित हुआ।
मोदी को पर्यावरण नेतृत्व के लिए सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' प्रदान किया गया।
परेड में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और नेवी मार्चिंग बैंड ने भाग लिया; आईएनएस तरकश और इक्षक पोर्ट विक्टोरिया पर डॉक किए गए।
समारोह में विदेश मंत्री एस.
जयशंकर , एनएसए अजीत डोभाल और मॉरिशस के पीएम नवीनचंद्र रामगुलाम भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जून 2025 को विक्टोरिया, सेशेल्स में आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत को सेशेल्स के विकास के सफर में एक भरोसेमंद मित्र और साझेदार के रूप में खड़े रहने पर गर्व है। यह समारोह सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) के साथ-साथ भारत-सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भी मनाया गया। मोदी इस समारोह में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।

ऐतिहासिक समारोह और पीएम का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर शनिवार को सेशेल्स पहुँचे और रविवार को राष्ट्रीय दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "देश की आज़ादी की गोल्डन जुबली के मौके पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लेकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। यह मौका पिछले पचास सालों में सेशेल्स के लोगों के शानदार सफर के लिए एक बेहतरीन ज़रिया था।"

उन्होंने आगे कहा, "हमारी साझेदारी साझा मूल्यों और लोगों के बीच करीबी संबंधों के साथ और मज़बूत होती जा रही है। मुझे यकीन है कि आने वाले समय में हमारी दोस्ती और भी बढ़ेगी।" यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को लेकर नई दिल्ली की सक्रियता बढ़ी है।

सर्वोच्च सम्मान और परेड में भारतीय सेना

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' प्रदान किया गया। समारोह में सेशेल्स के सैनिक राष्ट्रीय ध्वज लेकर विमान से पैराशूट के ज़रिये उतरे और नागरिकों ने स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती का जोश के साथ उत्सव मनाया।

राष्ट्रीय परेड में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और इंडियन नेवी मार्चिंग बैंड की टुकड़ियों ने भाग लिया, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी को रेखांकित करता है। परंपरा के अनुसार, भारतीय नौसेना के जहाज़ तरकश और इक्षक पोर्ट विक्टोरिया पर डॉक किए गए।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और उपस्थित गणमान्य

इस समारोह में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी उपस्थित रहे। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी इस यात्रा के कूटनीतिक महत्त्व को दर्शाती है। गौरतलब है कि यह यात्रा भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र प्रगति) नीति के तहत हिंद महासागर के छोटे द्वीपीय देशों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

भारत-सेशेल्स संबंधों की पृष्ठभूमि

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और सेशेल्स के बीच साझेदारी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों पर आधारित है। हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी के रूप में सेशेल्स, भारत के 'महासागर' विज़न और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में विशेष स्थान रखता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच मज़बूत और स्थायी मित्रता की पुष्टि करती है तथा सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से भारत-सेशेल्स के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और विकास सहयोग के क्षेत्र में नई गति मिलने की उम्मीद है। यह यात्रा हिंद महासागर के द्वीपीय देशों के साथ भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता की दिशा में एक और महत्त्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल परेड और प्रतीकों तक सीमित रहती है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी सेशेल्स राष्ट्रीय दिवस पर क्यों गए?
पीएम मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वे इस समारोह में भाग लेने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।
'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान क्या है?
यह सेशेल्स का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए प्रदान किया जाता है। पीएम मोदी को यह सम्मान 29 जून 2025 को विक्टोरिया में राष्ट्रीय दिवस समारोह के दौरान दिया गया।
भारत-सेशेल्स रक्षा साझेदारी कैसी है?
भारत और सेशेल्स के बीच दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी है, जिसके तहत भारतीय नौसेना के जहाज़ नियमित रूप से पोर्ट विक्टोरिया पर डॉक करते हैं। राष्ट्रीय दिवस परेड में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और नेवी मार्चिंग बैंड ने भाग लिया, और आईएनएस तरकश एवं इक्षक समारोह के दौरान वहाँ तैनात रहे।
भारत की 'सागर' नीति में सेशेल्स की क्या भूमिका है?
सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) विज़न का एक अहम स्तंभ है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सेशेल्स भारत के ग्लोबल साउथ के प्रति प्रतिबद्धता और समुद्री सुरक्षा सहयोग में विशेष स्थान रखता है।
इस समारोह में भारत की ओर से कौन-कौन उपस्थित थे?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम समारोह में उपस्थित रहे। भारतीय सेना की टुकड़ियाँ भी राष्ट्रीय परेड का हिस्सा बनीं।
राष्ट्र प्रेस
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