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PM मोदी 27 जून को सेशेल्स रवाना, राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती में होंगे मुख्य अतिथि

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PM मोदी 27 जून को सेशेल्स रवाना, राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती में होंगे मुख्य अतिथि

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी 27 जून को सेशेल्स रवाना होंगे — 2015 के बाद पहली राजकीय यात्रा। सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की 50वीं वर्षगांठ में मुख्य अतिथि बनना, नेशनल असेंबली संबोधन और भारतीय नौसेना की भागीदारी — यह दौरा हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक कूटनीति का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे।
मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की 50वीं स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
यात्रा राष्ट्रपति डॉ.
पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रही है; यह 2015 के बाद पहली सेशेल्स यात्रा है।
समारोह में भारतीय रक्षा बलों का दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे और भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे, जहाँ वे सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की 50वीं स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रही है और भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊँचाई देने का अवसर मानी जा रही है।

यात्रा का महत्व और पृष्ठभूमि

यह प्रधानमंत्री मोदी की वर्ष 2015 के बाद सेशेल्स की पहली राजकीय यात्रा है। हिंद महासागर के इस द्वीपीय राष्ट्र के साथ भारत के संबंध साझा इतिहास, संस्कृति और लोगों के आपसी जुड़ाव पर आधारित हैं। गौरतलब है कि सेशेल्स भारत की 'महासागर' (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस) नीति और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में रणनीतिक महत्व रखता है।

समारोह में भारतीय सैन्य भागीदारी

स्वर्ण जयंती समारोह में भारतीय रक्षा बलों का एक विशेष दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। यह भागीदारी दोनों देशों के बीच गहरे समुद्री सहयोग और रक्षा साझेदारी का प्रतीक है।

द्विपक्षीय बैठक और संसद संबोधन

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग के सभी क्षेत्रों की समीक्षा होगी और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होगा। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे — यह एक दुर्लभ राजनयिक सम्मान है। वे वहाँ बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।

दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध

उल्लेखनीय है कि जब प्रधानमंत्री मोदी देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने, तब राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी थीं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था — 'आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। समुद्री पड़ोसी और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर भारत हमारे गहरे और बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।'

आगे क्या

यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक उपस्थिति को रेखांकित करती है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग के नए समझौतों की संभावना इस दौरे से जुड़ी है, जिनके विवरण यात्रा के बाद सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक समुद्री साझेदार मानता है। 'महासागर' नीति के तहत यह दौरा ग्लोबल साउथ में भारत के नेतृत्व की दावेदारी को भी पुष्ट करता है। असली परीक्षा यह होगी कि इस यात्रा से समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के कितने ठोस समझौते सामने आते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी सेशेल्स क्यों जा रहे हैं?
प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की 50वीं स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने जा रहे हैं। यह यात्रा राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर हो रही है और भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी है।
मोदी की सेशेल्स यात्रा कब से कब तक है?
प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा 27 जून से 29 जून तक तीन दिनों की है। यह 2015 के बाद उनकी पहली सेशेल्स राजकीय यात्रा है।
सेशेल्स यात्रा के दौरान क्या-क्या कार्यक्रम होंगे?
यात्रा के दौरान PM मोदी राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे और वहाँ बसे भारतीय समुदाय से मिलेंगे। इसके अलावा भारतीय रक्षा बलों का दल और नौसेना के दो युद्धपोत भी स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेंगे।
भारत और सेशेल्स के संबंध क्यों महत्वपूर्ण हैं?
सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार है। भारत की 'महासागर' नीति और ग्लोबल साउथ के प्रति प्रतिबद्धता में सेशेल्स की केंद्रीय भूमिका है, और दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, व्यापार तथा सांस्कृतिक संबंध दशकों पुराने हैं।
सेशेल्स का राष्ट्रीय दिवस स्वर्ण जयंती क्या है?
सेशेल्स अपने राष्ट्रीय दिवस की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसे स्वर्ण जयंती कहा जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता का प्रतीक है।
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