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PM मोदी का सेशेल्स दौरा: प्रवासी भारतीयों को बताया 'दोनों देशों की मजबूत कड़ी', राष्ट्रपति हर्मिनी ने किया स्वागत

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PM मोदी का सेशेल्स दौरा: प्रवासी भारतीयों को बताया 'दोनों देशों की मजबूत कड़ी', राष्ट्रपति हर्मिनी ने किया स्वागत

सारांश

PM मोदी का सेशेल्स दौरा महज शिष्टाचार यात्रा नहीं — यह हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को पुख्ता करने की कोशिश है। प्रवासी भारतीयों का गर्मजोशी भरा स्वागत और राष्ट्रपति हर्मिनी से मुलाकात, दोनों मिलकर 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति की एक और कड़ी जोड़ते हैं।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 27 जून को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुँचे।
हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति डॉ.
पैट्रिक हर्मिनी ने औपचारिक स्वागत किया; कच्छ के पारंपरिक नृत्य से सांस्कृतिक अभिनंदन हुआ।
मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच 'मजबूत कड़ी' बताया।
मोदी ने सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन में 194 वर्षीय कछुए जोनाथन को खाना खिलाया।
मोदी ने सेशेल्स को हिंद महासागर का 'कीमती समुद्री साझेदार' करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 27 जून को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुँचे और वहाँ प्रवासी भारतीय समुदाय की ओर से मिले उत्साहपूर्ण स्वागत पर आभार व्यक्त किया। मोदी ने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय लंबे समय से भारत और सेशेल्स के बीच एक सेतु की भूमिका निभाता आ रहा है, जो दोनों देशों के लोगों के आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाता है।

एक्स पर पोस्ट में क्या बोले मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'शनिवार शाम सेशेल्स में भारतीय समुदाय ने बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत के प्रति उनका गहरा लगाव और सेशेल्स की तरक्की में उनका अहम योगदान वाकई तारीफ के काबिल है। भारतीय समुदाय लंबे समय से हमारे दोनों देशों के बीच एक मजबूत कड़ी की तरह काम कर रहा है, जिससे लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत हुए हैं और हमारी साझी यात्रा और बेहतर हुई है।'

हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति हर्मिनी का स्वागत

सेशेल्स पहुँचते ही हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद गुजराती पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। मोदी ने एक्स पर कलाकारों के साथ खींची गई तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'अद्भुत सांस्कृतिक जुड़ाव। सेशेल्स एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान कच्छ का पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया गया। प्रवासी भारतीय जिस तरह देश के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति को संरक्षित और उत्सव के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं, वह सराहनीय है।'

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति हर्मिनी की संयुक्त 'कार यात्रा' ने भी उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मोदी ने राष्ट्रपति के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उनका विशेष आभार भी जताया।

सेशेल्स को बताया 'कीमती समुद्री साझेदार'

मोदी ने एक्स पर लिखा, 'एयरपोर्ट पर डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के गर्मजोशी से स्वागत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। सेशेल्स एक कीमती समुद्री साझेदार और हिंद महासागर में एक करीबी दोस्त है। हमारे पुराने संबंधों को और मजबूत करने और हमारे देशों के लोगों के फायदे के लिए सहयोग बढ़ाने के मकसद से एक अच्छे दौरे की उम्मीद है।'

गौरतलब है कि भारत और सेशेल्स के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए दीर्घकालिक साझेदारी रही है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत हिंद महासागर के द्वीपीय देशों के साथ अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को और सुदृढ़ कर रहा है।

बोटैनिकल गार्डन में विशाल कछुओं को खिलाया खाना

राजकीय यात्रा की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने विक्टोरिया स्थित सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन का संयुक्त दौरा किया। यहाँ मोदी ने उत्साह के साथ विशाल कछुओं को खाना खिलाया। इनमें 194 वर्षीय जोनाथन भी शामिल था, जिसे दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर माना जाता है। दोनों नेताओं ने गार्डन में एक पौधा भी रोपा, जो दोनों देशों के हरित और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक बना।

आगे क्या

यह तीन दिवसीय दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उम्मीद है कि इस यात्रा के दौरान समुद्री सुरक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में नए समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जो भारत-सेशेल्स संबंधों को और प्रगाढ़ बनाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हिंद महासागर में चीन की बढ़ती नौसैनिक उपस्थिति के संदर्भ में यह दौरा कहीं अधिक मायने रखता है। प्रवासी समुदाय की 'सॉफ्ट पावर' को रेखांकित करना और राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ व्यक्तिगत संवाद — ये दोनों संकेत देते हैं कि भारत इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मज़बूत करना चाहता है। असली परीक्षा यह होगी कि इस यात्रा से ठोस समुद्री सुरक्षा समझौते निकलते हैं या यह केवल सद्भावना यात्रा बनकर रह जाती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी सेशेल्स क्यों गए हैं?
PM मोदी 27 जून को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुँचे हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत-सेशेल्स के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है।
सेशेल्स में PM मोदी का स्वागत कैसे हुआ?
हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने औपचारिक स्वागत किया। गुजराती पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने कच्छ का पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया और प्रवासी भारतीय समुदाय ने भी गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
मोदी ने प्रवासी भारतीय समुदाय के बारे में क्या कहा?
मोदी ने एक्स पर लिखा कि भारतीय समुदाय लंबे समय से भारत और सेशेल्स के बीच 'मजबूत कड़ी' की तरह काम कर रहा है। उन्होंने सेशेल्स की तरक्की में प्रवासी भारतीयों के योगदान को 'तारीफ के काबिल' बताया।
सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन में क्या हुआ?
PM मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने विक्टोरिया स्थित सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन का दौरा किया। मोदी ने 194 वर्षीय कछुए जोनाथन — जिसे दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर माना जाता है — को खाना खिलाया और दोनों नेताओं ने एक पौधा भी रोपा।
भारत और सेशेल्स के संबंध क्यों महत्वपूर्ण हैं?
सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का एक प्रमुख समुद्री साझेदार है। रक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी रही है, जो भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति का अहम हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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