28 जून 2026
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सेशेल्स स्वर्ण जयंती पर PM मोदी मुख्य अतिथि, भारतीय सेना का 32 सदस्यीय दल करेगा मार्च

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सेशेल्स स्वर्ण जयंती पर PM मोदी मुख्य अतिथि, भारतीय सेना का 32 सदस्यीय दल करेगा मार्च

सारांश

सेशेल्स की आज़ादी के 50 साल — और भारत इस जश्न का अभिन्न हिस्सा है। PM मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे, जबकि असम रेजिमेंट का 32 सदस्यीय दल और नौसेना बैंड परेड में मार्च करेंगे। यह हिंद महासागर में भारत की गहरी होती रणनीतिक साझेदारी का सशक्त प्रतीक है।

मुख्य बातें

29 जून 2025 को सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ (स्वर्ण जयंती) मनाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
असम रेजिमेंट के जवानों से बना 32 सदस्यीय मार्चिंग दल , कैप्टन आर्यन एच.
देओलकर के नेतृत्व में परेड में भाग लेगा।
भारतीय नौसेना का मार्चिंग दल और सैन्य बैंड भी समारोह में उपस्थित रहेंगे।
भारत इससे पहले फ्रांस (2023) , बांग्लादेश (2021) और रूस (2015, 2020) के राष्ट्रीय समारोहों में भी सैन्य भागीदारी कर चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जून 2025 को सेशेल्स के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जब यह हिंद महासागरीय द्वीप राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ मनाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय थलसेना और नौसेना के मार्चिंग दल समारोह में भाग लेंगे, जो दोनों देशों के बीच गहरे होते रक्षा और रणनीतिक संबंधों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

मार्चिंग दल की संरचना

भारतीय थलसेना का 32 सदस्यीय मार्चिंग दल इस समारोह में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। दल में असम रेजिमेंट के जवान शामिल हैं और इसका नेतृत्व कैप्टन आर्यन एच. देओलकर करेंगे। इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना का एक अलग मार्चिंग दल और सैन्य बैंड भी आयोजन का हिस्सा बनेंगे।

भारत-सेशेल्स संबंधों की पृष्ठभूमि

भारत और सेशेल्स के द्विपक्षीय संबंध दशकों पुरानी मित्रता, सहयोग और परस्पर विश्वास की नींव पर टिके हैं। समय के साथ दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, विकास सहायता, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में साझेदारी लगातार गहरी हुई है। हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स की भू-रणनीतिक स्थिति इसे भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' नीति के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बनाती है।

अंतरराष्ट्रीय समारोहों में भारतीय सेना की भूमिका

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मित्र देशों के राष्ट्रीय समारोहों में भारतीय सशस्त्र बलों की भागीदारी महज औपचारिकता नहीं होती — यह सैन्य सहयोग, आपसी सम्मान और रणनीतिक साझेदारी का ठोस संकेत होती है। वर्ष 2023 में फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस परेड, 2021 में बांग्लादेश के विजय दिवस समारोह और 2015 तथा 2020 में रूस के विजय दिवस परेड में भारतीय सैनिकों ने अपनी पेशेवर दक्षता और अनुशासन का प्रदर्शन किया था।

हिंद महासागर में बढ़ती साझेदारी का संदेश

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं और भारत अपनी क्षेत्रीय उपस्थिति को सुदृढ़ कर रहा है। गौरतलब है कि सेशेल्स की स्वर्ण जयंती में प्रधानमंत्री स्तर की भागीदारी और सशस्त्र बलों की सक्रिय उपस्थिति — दोनों मिलकर एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश देते हैं। भारतीय सेना और नौसेना की यह संयुक्त उपस्थिति मित्रता, विश्वास और साझा सुरक्षा दृष्टिकोण को नए सिरे से रेखांकित करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेशेल्स का स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह कब और क्यों खास है?
सेशेल्स 29 जून 2025 को अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है, जो इसे एक ऐतिहासिक 'स्वर्ण जयंती' बनाती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं, जो दोनों देशों के विशेष संबंधों को रेखांकित करता है।
सेशेल्स समारोह में भारतीय सेना की भागीदारी कैसी होगी?
भारतीय थलसेना का 32 सदस्यीय मार्चिंग दल , जिसमें असम रेजिमेंट के जवान शामिल हैं, कैप्टन आर्यन एच. देओलकर के नेतृत्व में परेड में मार्च करेगा। इसके साथ भारतीय नौसेना का मार्चिंग दल और सैन्य बैंड भी समारोह में भाग लेंगे।
भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा संबंध कितने गहरे हैं?
दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, विकास सहायता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में दशकों पुरानी साझेदारी है। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी और तटरक्षक सहयोग के क्षेत्र में भारत ने सेशेल्स के साथ उल्लेखनीय सहयोग किया है।
क्या भारतीय सेना पहले भी विदेशी राष्ट्रीय समारोहों में भाग ले चुकी है?
हाँ, भारतीय सशस्त्र बल फ्रांस (2023) के राष्ट्रीय दिवस परेड, बांग्लादेश (2021) के विजय दिवस और रूस (2015 व 2020) के विजय दिवस परेड में भाग ले चुके हैं। ये भागीदारियाँ भारत के रणनीतिक सहयोगियों के साथ सैन्य कूटनीति का हिस्सा हैं।
PM मोदी का सेशेल्स दौरा भारत की विदेश नीति के लिहाज़ से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दौरा भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' नीति के तहत हिंद महासागरीय देशों के साथ संबंध मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। ऐसे समय में जब हिंद महासागर में क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, सेशेल्स जैसे द्वीपीय राष्ट्रों के साथ प्रधानमंत्री स्तर की सक्रिय कूटनीति भारत की समुद्री सुरक्षा प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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