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पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा: चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बताया भारतीय व्यापारिक समुदाय के लिए ऐतिहासिक अवसर

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पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा: चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बताया भारतीय व्यापारिक समुदाय के लिए ऐतिहासिक अवसर

सारांश

पीएम मोदी का सेशेल्स दौरा महज़ कूटनीतिक रस्म नहीं — यह हिंद महासागर में भारत की बढ़ती साझेदारी का ठोस संकेत है। स्वतंत्रता और राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगाँठ पर यह यात्रा व्यापार, डिजिटल तकनीक और समुद्री सुरक्षा में नई संभावनाओं का द्वार खोलती है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून 2025 तक सेशेल्स के तीन दिवसीय दौरे पर हैं; स्टेट हाउस में 'गार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया।
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने औपचारिक स्वागत किया।
यह दौरा सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगाँठ और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है।
सेशेल्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की महासचिव लौआना पिल्लै ने इसे भारतीय व्यापारिक समुदाय के लिए 'बड़ी उपलब्धि' बताया।
डिजिटलाइजेशन, समुद्री अर्थव्यवस्था और पर्यटन में भारतीय निवेश व कौशल-साझेदारी पर विशेष जोर।
यह मोदी का सेशेल्स का दूसरा दौरा है, जो दोनों देशों की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून से 29 जून 2025 तक सेशेल्स के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं, जहाँ विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा ऐसे विशेष अवसर पर हो रहा है जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगाँठ और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष एक साथ मना रहा है।

चैंबर ऑफ कॉमर्स की प्रतिक्रिया

सेशेल्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की महासचिव लौआना पिल्लै ने इस दौरे को सेशेल्स में भारतीय समुदाय और व्यापारिक जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा बहुत जरूरी है क्योंकि यह सेशेल्स की आजादी की 50वीं सालगिरह और भारत के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के 50 साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है।"

पिल्लै ने यह भी रेखांकित किया कि सेशेल्स की अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय का योगदान होलसेल और रिटेल व्यापार के साथ-साथ निर्माण उद्योग में भी उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कहा, "यह भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत संबंधों को दिखाता है और मेरा मानना है कि इससे भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग के और भी बड़े मौके बनेंगे।"

डिजिटलाइजेशन और कौशल साझेदारी पर जोर

लौआना पिल्लै ने भारत-सेशेल्स साझेदारी के भविष्य को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए कहा कि पेमेंट प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन शिक्षा और मेडिकल प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच कौशल-विनिमय की व्यापक संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा, "भारत में डिजिटलाइजेशन की बहुत ज्यादा क्षमता है और हम भारत और सेशेल्स के बीच स्किल्स का लेन-देन करना चाहेंगे ताकि बिजनेस भी डिजिटलाइजेशन के जरिए अपनी सेवाओं को अपग्रेड और बेहतर कर सकें।"

गौरतलब है कि भारत का UPI आधारित डिजिटल भुगतान ढाँचा पहले से ही कई हिंद महासागर क्षेत्र के देशों में अपनाया जा चुका है, और सेशेल्स इस दिशा में एक स्वाभाविक भागीदार के रूप में उभर सकता है।

समुद्री सुरक्षा और निवेश के अवसर

पिल्लै ने समुद्री अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भारतीय निवेश के लिए सबसे आकर्षक क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा, "सुरक्षा हर देश के लिए बहुत जरूरी है, और भारत के पास जो विशेषज्ञता है, वह सेशेल्स में हमारे लिए बहुत कीमती है।" यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' तथा 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत द्वीपीय राष्ट्रों के साथ संबंध प्रगाढ़ कर रहा है।

भारतीय प्रवासी समुदाय को मिला प्रोत्साहन

लौआना पिल्लै ने बताया कि विक्टोरिया शहर को प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए विशेष रूप से सजाया गया है, जो सेशेल्स में भारतीय समुदाय के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "इस दौरे से भारतीय व्यावसायिक समुदाय को हिम्मत और मजबूती मिली है, क्योंकि इससे पता चलता है कि उन्हें न सिर्फ सेशेल्स में बल्कि भारत में भी पहचान मिली है।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वैश्विक संघर्षों के बावजूद सेशेल्स एक स्थिर और मजबूत अर्थव्यवस्था बनाए हुए है।

दौरे का महत्व और आगे की राह

यह प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स का दूसरा दौरा है, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। पिल्लै के अनुसार, "प्रधानमंत्री का यहां दूसरा दौरा दिखाता है कि भारत और सेशेल्स एक साथ काम करने के लिए कितने गंभीर स्तर पर प्रतिबद्ध हैं।" आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, डिजिटल तकनीक, समुद्री सुरक्षा और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के नए समझौतों की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे अक्सर मुख्यधारा की कवरेज में नज़रअंदाज़ किया जाता है। चैंबर ऑफ कॉमर्स का उत्साह स्वाभाविक है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या इस दौरे के बाद ठोस निवेश समझौते और डिजिटल साझेदारी के करार सामने आते हैं। सेशेल्स जैसे छोटे द्वीपीय राष्ट्रों में चीन की बढ़ती दिलचस्पी के मद्देनज़र यह यात्रा भारत के लिए भू-राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बिना मापने योग्य प्रतिबद्धताओं के, यह दौरा शुभकामनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी सेशेल्स दौरे पर कब गए और कितने दिन रहे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून से 29 जून 2025 तक तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर सेशेल्स में हैं। इस दौरान उन्हें विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में 'गार्ड ऑफ ऑनर' से सम्मानित किया गया और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया।
सेशेल्स चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मोदी के दौरे को क्यों महत्वपूर्ण बताया?
सेशेल्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की महासचिव लौआना पिल्लै ने कहा कि यह दौरा सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगाँठ और भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। उनके अनुसार यह सेशेल्स में भारतीय व्यापारिक समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि और सम्मान का प्रतीक है।
भारत और सेशेल्स के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ हैं?
लौआना पिल्लै के अनुसार डिजिटलाइजेशन, पेमेंट प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन शिक्षा, मेडिकल प्रशिक्षण, समुद्री अर्थव्यवस्था और पर्यटन में दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग की संभावनाएँ हैं। भारतीय निवेश और कौशल-विनिमय को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
सेशेल्स में भारतीय समुदाय का क्या योगदान है?
सेशेल्स में एक बड़ा प्रवासी भारतीय समुदाय है जिसने होलसेल और रिटेल व्यापार के साथ-साथ निर्माण उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लौआना पिल्लै के अनुसार इस समुदाय ने सेशेल्स की अर्थव्यवस्था के विकास में अहम योगदान दिया है।
क्या पीएम मोदी पहले भी सेशेल्स जा चुके हैं?
हाँ, यह प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स का दूसरा दौरा है। लौआना पिल्लै ने कहा कि यह दोहरी यात्रा दोनों देशों के बीच गहरी और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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