28 जून 2026
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भारत-सेशेल्स कूटनीतिक संबंधों के 50 साल: PM मोदी की यात्रा को राष्ट्रपति हर्मिनी ने बताया ऐतिहासिक

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भारत-सेशेल्स कूटनीतिक संबंधों के 50 साल: PM मोदी की यात्रा को राष्ट्रपति हर्मिनी ने बताया ऐतिहासिक

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा महज एक राजनयिक दौरा नहीं — यह 50 साल की दोस्ती का उत्सव और हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक उपस्थिति का पुनर्पुष्टि है। गश्ती जहाज 'लेस्प्वार' का उपहार और रक्षा सहायता यह बताती है कि भारत छोटे द्वीपीय राष्ट्रों के साथ संबंध कितनी गंभीरता से लेता है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 27 जून 2026 को तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा पर विक्टोरिया पहुँचे; यह उनकी दूसरी राजकीय यात्रा है।
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने राजकीय रात्रिभोज में कहा — 'भारत हमेशा से सेशेल्स का भरोसेमंद दोस्त रहा है।' 2026 में भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष और सेशेल्स की गणतंत्र की 50वीं वर्षगांठ एक साथ मनाई जा रही है।
भारत ने सेशेल्स को 'लेस्प्वार' (अर्थ: उम्मीद) नामक फास्ट पेट्रोल वेसल, 10 वाहन , 5 लेजर रेडियल नावें और 6 एंबुलेंस उपहार में दिए।
रात्रिभोज में विदेश मंत्री एस.
जयशंकर , स्पीकर अजारेल अर्नेस्टा और मंत्री बैरी फॉरे सहित दोनों देशों के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
दोनों देशों ने अगले 50 वर्षों की साझेदारी की दिशा में प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने शनिवार, 27 जून 2026 को कहा कि भारत हमेशा से सेशेल्स का भरोसेमंद और विश्वसनीय मित्र रहा है। यह वक्तव्य उन्होंने विक्टोरिया में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में आयोजित एक विशेष राजकीय रात्रिभोज के दौरान दिया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती — यानी 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई है।

रात्रिभोज में क्या बोले राष्ट्रपति हर्मिनी

सेशेल्स के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति हर्मिनी ने दोनों देशों के दीर्घकालिक और सुदृढ़ संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "भारत सेशेल्स का हमेशा से एक भरोसेमंद दोस्त रहा है। हमारे लोग और यहाँ रहने वाला बड़ा भारतीय समुदाय भी इस भावना को उतनी ही गर्मजोशी से महसूस करता है।" विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने रात्रिभोज के दौरान भारत-सेशेल्स साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस रात्रिभोज में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, सेशेल्स की नेशनल असेंबली के स्पीकर अजारेल अर्नेस्टा, विदेश एवं प्रवासी मामलों के मंत्री बैरी फॉरे और दोनों देशों के कैबिनेट सदस्य उपस्थित रहे।

50 साल की दोस्ती और दोहरी जयंती का महत्त्व

राष्ट्रपति कार्यालय ने बताया कि 2026 दोनों देशों के लिए असाधारण रूप से महत्त्वपूर्ण वर्ष है — इस वर्ष भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो 1976 में स्थापित हुए थे। साथ ही, यह सेशेल्स के गणतंत्र बनने की 50वीं वर्षगांठ भी है। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा, "राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी भारत-सेशेल्स संबंधों की मजबूती को दर्शाती है। दोनों देश अब अगले 50 वर्षों की साझेदारी की ओर देख रहे हैं।" यह दोनों देशों की साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों, समुद्री सहयोग और जन-संपर्क की मजबूत नींव पर टिकी है।

स्वागत समारोह और रक्षा सहयोग

शनिवार को विक्टोरिया हवाई अड्डे पर पहुँचने पर राष्ट्रपति हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया और उन्हें औपचारिक सम्मान दिया गया। स्वागत समारोह में सेशेल्स के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ भारतीय समुदाय के सदस्य भी उपस्थित रहे और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गौरतलब है कि यह प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स की दूसरी राजकीय यात्रा है।

दोपहर एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स सरकार को 'लेस्प्वार' नामक फास्ट पेट्रोल वेसल (तेज गश्ती जहाज) उपहार में सौंपा। क्रियोल भाषा में 'लेस्प्वार' का अर्थ 'उम्मीद' होता है। इसके अतिरिक्त भारत की ओर से 10 उपयोगी वाहन, 5 लेजर रेडियल नावें और 6 एंबुलेंस भी सेशेल्स को प्रदान की गईं।

भारत का सेशेल्स के विकास में योगदान

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये सहायता सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 1976 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से भारत ने सेशेल्स के बुनियादी ढाँचे, रक्षा, स्वास्थ्य और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में निरंतर सहयोग किया है। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत द्वीपीय राष्ट्रों के साथ संबंध प्राथमिकता बन गए हैं।

आगे की राह

दोनों देशों के नेताओं ने संकेत दिया है कि इस यात्रा के दौरान हुई बातचीत अगले पाँच दशकों की साझेदारी की रूपरेखा तय करेगी। समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। यह यात्रा भारत की हिंद महासागर रणनीति में सेशेल्स की केंद्रीय भूमिका को और पुख्ता करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ चीन की उपस्थिति लगातार विस्तार पा रही है। 'लेस्प्वार' जैसे गश्ती जहाज का उपहार और रक्षा सामग्री की आपूर्ति यह संकेत देती है कि भारत छोटे द्वीपीय देशों को केवल कूटनीतिक मित्र नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा के साझेदार के रूप में देख रहा है। गौरतलब है कि भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत यह तीसरी बड़ी हिंद महासागरीय यात्रा है, जो दर्शाती है कि नई दिल्ली छोटे राष्ट्रों के साथ संबंधों में निरंतरता और गहराई, दोनों को प्राथमिकता दे रही है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की सेशेल्स यात्रा 2026 का उद्देश्य क्या है?
यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई है। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और दोनों देशों के बीच रक्षा व समुद्री सहयोग को और मजबूत किया।
भारत ने सेशेल्स को 'लेस्प्वार' क्यों दिया?
'लेस्प्वार' एक फास्ट पेट्रोल वेसल (तेज गश्ती जहाज) है जो भारत ने सेशेल्स को उपहार स्वरूप दिया। क्रियोल भाषा में इसका अर्थ 'उम्मीद' है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह जहाज सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमता को सुदृढ़ करेगा।
भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंध कब शुरू हुए?
भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंध 1976 में स्थापित हुए थे। 2026 में इन संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो इस यात्रा को विशेष रूप से ऐतिहासिक बनाता है।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने PM मोदी की यात्रा के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने राजकीय रात्रिभोज में कहा कि भारत हमेशा से सेशेल्स का भरोसेमंद दोस्त रहा है और यहाँ का भारतीय समुदाय भी इस भावना को उतनी ही गर्मजोशी से महसूस करता है। उन्होंने मोदी की मौजूदगी को दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का प्रतीक बताया।
PM मोदी ने सेशेल्स को रक्षा सहायता के रूप में क्या दिया?
भारत ने सेशेल्स को 'लेस्प्वार' फास्ट पेट्रोल वेसल के अलावा 10 उपयोगी वाहन, 5 लेजर रेडियल नावें और 6 एंबुलेंस भी प्रदान कीं। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह सहायता सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगी।
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