भारत ने सेशेल्स को सौंपा फास्ट पेट्रोल वेसल 'लेस्पवार', PM मोदी बोले — समुद्री सुरक्षा साझेदारी का अहम पड़ाव
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जून 2026 को विक्टोरिया स्थित सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस पर भारत निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) 'लेस्पवार' को औपचारिक रूप से सेशेल्स को सौंपा। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई ऊँचाई देने वाला कदम बताया। यह हस्तांतरण समारोह सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
हस्तांतरण समारोह में क्या-क्या सौंपा गया
FPV 'लेस्पवार' के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को 6 एम्बुलेंस, 10 यूटिलिटी वाहन और 5 लेजर रेडियल नावें भी सौंपीं। ये सभी उपकरण सेशेल्स डिफेंस फोर्स (SDF) और कोस्ट गार्ड की परिचालन क्षमता को बढ़ाने के लिए दिए गए हैं। इनका प्राथमिक उद्देश्य सेशेल्स के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी और समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।
PM मोदी ने एक्स पर क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस पर फास्ट पेट्रोल वेसल लेस्पवार, एम्बुलेंस और SDF के लिए यूटिलिटी वाहनों के हस्तांतरण समारोह में हिस्सा लिया।" उन्होंने आगे कहा, "भारत को इस बात पर गर्व है कि वह सेशेल्स का एक भरोसेमंद साथी बनकर हर कदम पर उसके साथ खड़ा है। हम दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करने और समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।"
यात्रा का महत्व और द्विपक्षीय संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए विक्टोरिया पहुँचे — यह उनकी सेशेल्स की दूसरी सरकारी यात्रा है। गौरतलब है कि इसी वर्ष राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी भारत की सरकारी यात्रा पर आए थे, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक सक्रियता की निरंतरता को दर्शाता है। 1976 में सेशेल्स की स्वतंत्रता के बाद से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध अटूट रहे हैं।
सेशेल्स राष्ट्रपति कार्यालय की प्रतिक्रिया
सेशेल्स के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि "भारत, सेशेल्स के सबसे करीबी और भरोसेमंद विकास साझेदारों में से एक है।" कार्यालय ने बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास परियोजनाओं में भारत के निरंतर सहयोग की सराहना की। साथ ही यह भी रेखांकित किया कि दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
हिंद महासागर रणनीति में भारत की भूमिका
यह हस्तांतरण भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) नीति की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। भारत पिछले कुछ वर्षों में मालदीव, मॉरीशस और श्रीलंका को भी समुद्री संपत्तियाँ सौंप चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और पुख्ता करता है। दोनों देशों के बीच यह सहयोग आने वाले वर्षों में और गहरा होने की संभावना है।