27 जून 2026
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भारत ने सेशेल्स को सौंपा 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार', हिंद महासागर सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

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भारत ने सेशेल्स को सौंपा 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार', हिंद महासागर सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

सारांश

भारत ने सेशेल्स को 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार' सौंपकर हिंद महासागर में अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई दी। गोवा शिपयार्ड में निर्मित यह पोत समुद्री डकैती और तस्करी रोकने में अहम भूमिका निभाएगा — और भारत के 'महासागर' विजन को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक ठोस कदम है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 जून 2026 को सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ.
पैट्रिक हर्मिनी को 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार' सौंपा।
यह पोत गोवा शिपयार्ड में निर्मित है और सेशेल्स की ईईजेड निगरानी व समुद्री डकैती रोकने में सहायक होगा।
भारत ने इसके अतिरिक्त 6 एंबुलेंस , 10 यूटिलिटी वाहन और 5 लेजर रेडियल बोट्स भी सेशेल्स को सौंपे।
यह हस्तांतरण भारत के 'महासागर' विजन और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
मोदी ने सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन में 194 वर्षीय कछुए जोनाथन को खाना खिलाया और राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ पौधारोपण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 जून 2026 को सेशेल्स की राजकीय यात्रा के दौरान सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस पर आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार' सौंपा। यह पोत गोवा शिपयार्ड में निर्मित एक हाई-स्पीड गश्ती जहाज है, जो सेशेल्स की समुद्री निगरानी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में गश्त की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगा।

पोत की भूमिका और क्षमताएँ

यह हाई-स्पीड फास्ट पेट्रोल वेसल समुद्री डकैती, अवैध तस्करी और अनधिकृत गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सेशेल्स कोस्ट गार्ड के लिए एक निर्णायक संसाधन साबित होगा। हिंद महासागर में नौवहन की सुरक्षा के लिहाज से त्वरित गश्ती क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, और यह पोत उसी आवश्यकता को पूरा करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'एक खास पहल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल (एफपीवी) 'पीएस लेस्पवार' राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को सौंपा। यह एफपीवी सेशेल्स की समुद्री निगरानी और ईईजेड पेट्रोलिंग क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करेगा।'

भारत का 'महासागर' विजन और रक्षा साझेदारी

प्रवक्ता जायसवाल ने स्पष्ट किया कि यह हस्तांतरण भारत के 'महासागर' (MAHASAGAR) विजन के अंतर्गत किया गया है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत और सेशेल्स की मजबूत रक्षा साझेदारी इसी दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण का हिस्सा है। गौरतलब है कि भारत पहले भी हिंद महासागर के द्वीपीय देशों को समुद्री सुरक्षा उपकरण और सहायता प्रदान करता रहा है।

अन्य सहायता सामग्री का हस्तांतरण

फास्ट पेट्रोल वेसल के अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को छह एंबुलेंस, दस यूटिलिटी वाहन और पाँच लेजर रेडियल बोट्स भी सौंपीं। ये सुविधाएँ सेशेल्स की आंतरिक विकास आवश्यकताओं और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाने में योगदान देंगी।

बोटैनिकल गार्डन का दौरा और सांस्कृतिक संपर्क

राजकीय यात्रा की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने विक्टोरिया स्थित सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन का संयुक्त दौरा किया। इस दौरान मोदी ने विशाल कछुओं को खाना खिलाया, जिनमें 194 वर्षीय जोनाथन भी शामिल था — जिसे दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय प्राणी माना जाता है। दोनों नेताओं ने गार्डन में एक पौधा भी रोपा और वहाँ के कर्मचारियों से मुलाकात की।

आगे की राह

यह पोत-हस्तांतरण भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति को व्यावहारिक रूप देता है। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच भारत का यह कदम रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रक्षा और विकास सहयोग के और विस्तार की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मॉरीशस और अब सेशेल्स को दी जा रही रक्षा सहायता एक सुसंगत पैटर्न दर्शाती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इन साझेदारियों की दीर्घकालिक सफलता केवल उपकरण-हस्तांतरण पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, रखरखाव सहायता और संस्थागत क्षमता-निर्माण पर निर्भर करेगी — जिसका ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फास्ट पेट्रोल वेसल 'पीएस लेस्पवार' क्या है और इसे किसने बनाया?
'पीएस लेस्पवार' एक 'मेड इन इंडिया' हाई-स्पीड गश्ती पोत है, जिसे गोवा शिपयार्ड की निगरानी में तैयार किया गया है। यह सेशेल्स कोस्ट गार्ड को समुद्री निगरानी, ईईजेड पेट्रोलिंग और समुद्री डकैती रोकने में सक्षम बनाएगा।
भारत ने सेशेल्स को यह पोत क्यों सौंपा?
यह हस्तांतरण भारत के 'महासागर' विजन के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत रक्षा साझेदारी को इस कदम से और गहराई मिली है।
पोत के अलावा भारत ने सेशेल्स को और क्या दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट पेट्रोल वेसल के साथ-साथ सेशेल्स को 6 एंबुलेंस , 10 यूटिलिटी वाहन और 5 लेजर रेडियल बोट्स भी सौंपे, जो देश की विकास और सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होंगे।
भारत का 'महासागर' विजन क्या है?
'महासागर' (MAHASAGAR) भारत का हिंद महासागर क्षेत्र के लिए रणनीतिक विजन है, जिसका उद्देश्य पड़ोसी द्वीपीय और तटीय देशों के साथ सुरक्षा, व्यापार और विकास सहयोग को मजबूत करना है। इसी ढाँचे के तहत भारत मालदीव, मॉरीशस और सेशेल्स जैसे देशों को रक्षा सहायता प्रदान करता है।
मोदी की सेशेल्स यात्रा में और क्या हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ विक्टोरिया स्थित सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन का दौरा किया, जहाँ उन्होंने 194 वर्षीय कछुए जोनाथन को खाना खिलाया और दोनों नेताओं ने पौधारोपण किया।
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