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PM मोदी को सेशेल्स स्टेट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर, राष्ट्रपति हर्मिनी ने किया औपचारिक स्वागत

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PM मोदी को सेशेल्स स्टेट हाउस में गार्ड ऑफ ऑनर, राष्ट्रपति हर्मिनी ने किया औपचारिक स्वागत

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा महज कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं — यह हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक पकड़ मजबूत करने का ठोस कदम है। FPV पोत, एंबुलेंस और नौकाओं की भेंट के साथ भारत ने संदेश दिया है कि वह इस क्षेत्र में विश्वसनीय साझेदार है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी को 28 जून 2025 को सेशेल्स के स्टेट हाउस, विक्टोरिया में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने हवाई अड्डे और स्टेट हाउस दोनों जगह औपचारिक स्वागत किया।
भारत ने सेशेल्स को गोवा शिपयार्ड निर्मित FPV पोत , 6 एंबुलेंस , 10 यूटिलिटी वाहन और 5 लेजर रेडियल नौकाएँ भेंट कीं।
PM मोदी 29 जून को सेशेल्स के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे — 1976 की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने पर।
स्वागत में गुजरात के कच्छ का पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया; मोदी ने इसे 'ग्लोबल कनेक्ट' की मिसाल बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 28 जून 2025 को सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया स्थित स्टेट हाउस में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने स्वयं उनका स्वागत किया और दोनों नेताओं ने राजकीय समारोह में भाग लिया। यह तीन दिवसीय यात्रा27 से 29 जून तक — भारत और सेशेल्स के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

यात्रा का आगाज़ और भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार दोपहर विक्टोरिया पहुँचे, जहाँ राष्ट्रपति हर्मिनी ने कई वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत समारोह में गुजरात के कच्छ क्षेत्र का पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देख मोदी ने भारतीय प्रवासियों की प्रशंसा करते हुए इसे 'ग्लोबल कनेक्ट' की मिसाल बताया। गौरतलब है कि इसी दिन दोनों नेता एक ही वाहन में सवार होकर सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन भी पहुँचे — जो कूटनीतिक निकटता का प्रतीकात्मक संकेत माना जा रहा है।

भारत की ओर से रक्षा और समुद्री उपहार

प्रधानमंत्री मोदी ने इस यात्रा के दौरान सेशेल्स को कई महत्वपूर्ण उपकरण भेंट किए — जिनमें भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) पीएस एलईएसपीडब्ल्यूएआर, 6 एंबुलेंस, 10 यूटिलिटी वाहन और 5 लेजर रेडियल नौकाएँ शामिल हैं। यह विशेष समुद्री पोत गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित है। हस्तांतरण समारोह विक्टोरिया स्थित सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस पर राष्ट्रपति हर्मिनी की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि यह फास्ट पेट्रोल वेसल सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में निगरानी क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और भारत अपने 'नेबरहुड फर्स्ट' तथा 'SAGAR' नीति के तहत द्वीपीय देशों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने में जुटा है।

स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि

प्रधानमंत्री मोदी सोमवार, 29 जून को सेशेल्स के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। यह आयोजन 1976 में ब्रिटेन से मिली स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। किसी भारतीय प्रधानमंत्री का सेशेल्स के इतने बड़े राष्ट्रीय अवसर पर मुख्य अतिथि बनना दोनों देशों की साझेदारी की गहराई को दर्शाता है।

द्विपक्षीय संबंधों का महत्व

भारत और सेशेल्स के बीच संबंध दशकों पुराने हैं, जिनमें रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य और विकास सहायता प्रमुख स्तंभ हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत हिंद महासागर के द्वीपीय देशों — मालदीव, श्रीलंका, मॉरीशस और सेशेल्स — के साथ अपनी रणनीतिक उपस्थिति को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण से सेशेल्स की स्वायत्त समुद्री गश्त क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

आगे की राह

यात्रा के अंतिम दिन दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता और संभावित समझौतों पर हस्ताक्षर अपेक्षित हैं। इस यात्रा के परिणाम भारत की हिंद महासागर कूटनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

न केवल प्रतीकात्मक कूटनीति। FPV पोत और समुद्री उपकरणों की भेंट बताती है कि भारत हिंद महासागर में चीन की बढ़ती उपस्थिति के जवाब में ठोस क्षमता-निर्माण का रास्ता चुन रहा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इन साझेदारियों की दीर्घकालिक स्थिरता तभी सुनिश्चित होगी जब भारत केवल रक्षा सहायता से आगे बढ़कर आर्थिक और तकनीकी सहयोग में भी ठोस निवेश करे।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की सेशेल्स यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यह 27 से 29 जून 2025 तक की तीन दिवसीय यात्रा भारत और सेशेल्स के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए है। इसमें रक्षा उपकरणों का हस्तांतरण और सेशेल्स के स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति शामिल है।
भारत ने सेशेल्स को कौन-से उपकरण भेंट किए?
भारत ने सेशेल्स को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड निर्मित एक फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) , 6 एंबुलेंस , 10 यूटिलिटी वाहन और 5 लेजर रेडियल नौकाएँ भेंट कीं। इन उपकरणों से सेशेल्स की समुद्री निगरानी और EEZ गश्त क्षमता में वृद्धि होगी।
सेशेल्स का स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस क्यों महत्वपूर्ण है?
सेशेल्स ने 1976 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी और 2025 में इस घटना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। PM मोदी इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जो दोनों देशों के संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
भारत की 'SAGAR' नीति और सेशेल्स यात्रा का क्या संबंध है?
'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) भारत की हिंद महासागर नीति है, जिसके तहत भारत द्वीपीय और तटीय देशों के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग को प्राथमिकता देता है। सेशेल्स को FPV पोत और अन्य उपकरणों की भेंट इसी नीति का व्यावहारिक क्रियान्वयन है।
PM मोदी के सेशेल्स स्वागत में क्या खास था?
हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने स्वयं स्वागत किया और गुजरात के कच्छ का पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद दोनों नेता एक ही वाहन में सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन पहुँचे — जो कूटनीतिक नजदीकी का संकेत था।
राष्ट्र प्रेस
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