संभल में श्रावण कांवड़ यात्रा 2025: 3.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए 85 मजिस्ट्रेट तैनात
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में श्रावण कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालु-सुविधा की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। 24 जुलाई को दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष 3 से 3.5 लाख कांवड़ यात्रियों के जिले से गुजरने का अनुमान है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा और कांवड़ यात्रियों का आगमन पहले ही शुरू हो चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कहा, "सावन का पवित्र महीना शुरू होने वाला है और इससे पहले गुरु पूर्णिमा का पर्व भी मनाया जाएगा। जो श्रद्धालु गंगा से पवित्र जल लेने के लिए निकल रहे हैं, उन्होंने अपनी यात्रा प्रारंभ कर दी है।" प्रशासन ने संभावित श्रद्धालु संख्या को देखते हुए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकें कर तैयारियों की समीक्षा की है।
यात्रा मार्गों की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, शिविरों की साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर प्रदेश में सावन के दौरान कांवड़ यात्रा प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक सतर्कता बढ़ी हुई है।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था
डीएम खंडेलवाल के अनुसार, कांवड़ यात्रा मार्ग की निगरानी के लिए 85 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जो लगातार क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की आवाजाही और आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
यातायात प्रबंधन पर भी विशेष फोकस किया गया है ताकि मार्ग पर जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि संभल एक संवेदनशील जिला रहा है, जिसके मद्देनज़र प्रशासनिक तैयारी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट की जाँच कर रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षित सुविधाएँ मिल सकें। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, शासन के निर्देशों के तहत धार्मिक स्थलों के 50 मीटर के दायरे में मांस की दुकानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सावधानी बरती जा रही है।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
इस वर्ष 3 से 3.5 लाख कांवड़ यात्रियों के संभल जिले से गुजरने के अनुमान को देखते हुए स्थानीय यातायात और व्यापार पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है। प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा के दौरान स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो और श्रद्धालुओं को अधिकतम सुविधा मिले।
क्या होगा आगे
पहले सोमवार 3 अगस्त को सावन का विशेष महत्व होने के कारण उस दिन श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। प्रशासन को उम्मीद है कि समुचित व्यवस्थाओं के चलते इस बार कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगी।