सिक्किम में आत्महत्या दर 15.8% घटी: NCRB आंकड़े, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
सिक्किम में 2022 से 2024 के बीच आत्महत्या की दर में 15.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है — नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, प्रति लाख आबादी पर यह दर 2022 में 43.1 से घटकर 2024 में 36.3 पर आ गई है। सिक्किम के स्वास्थ्य मंत्री जी.टी. ढुंगेल ने इस सकारात्मक बदलाव का श्रेय राज्य में चलाए जा रहे बहु-स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
स्वास्थ्य मंत्री ढुंगेल ने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्कूलों, एनजीओ, स्थानीय निकायों, पुलिस कर्मियों और समुदाय की मिली-जुली कोशिशों का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम, टेली-मानस, सिक्किम इंस्पायर्स और डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत शुरू की गई पहलों को इसका श्रेय दिया।
सरकार की प्रमुख पहलें
मंत्री के अनुसार, मुख्य उपायों में भेदभाव-विरोधी जागरूकता अभियान, जोखिम वाले व्यक्तियों की सामुदायिक स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य कर्मियों, काउंसलरों, शिक्षकों और फ्रंटलाइन कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण, तथा संकट के समय मदद और रेफरल सेवाओं का विस्तार शामिल रहा। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और उनकी गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई जा रही हैं।
विशेषज्ञ और विभाग का दृष्टिकोण
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आत्महत्या की दरों में यह कमी यह साबित करती है कि शुरुआती दौर में ही समुचित मदद, इलाज और देखभाल मिले तो आत्महत्या को रोका जा सकता है। विभाग ने यह भी स्वीकार किया कि लगातार प्रयास जारी रखना आवश्यक है, और यह सकारात्मक रुझान साक्ष्य-आधारित उपायों की सफलता को दर्शाता है।
आम जनता पर असर और अपील
मंत्री ढुंगेल ने नागरिकों से भावनात्मक परेशानी का सामना कर रहे लोगों की जल्द पहचान करने, मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत करने और समय पर पेशेवर मदद लेने की अपील की। उन्होंने 24×7 टेली-मानस हेल्पलाइन का उपयोग करने का भी आग्रह किया। पूरे सिक्किम में STNM अस्पताल और जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं।
क्या होगा आगे
स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया है कि शुरुआती पहचान और समय पर रेफरल को और मज़बूत करने के प्रयास जारी रहेंगे। गौरतलब है कि सिक्किम की प्रति लाख आत्महत्या दर अभी भी राष्ट्रीय औसत से अधिक है, इसलिए यह गिरावट उत्साहजनक होते हुए भी निरंतर सतर्कता की माँग करती है।