दक्षिण अफ्रीका में बॉर्डर भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार, 57 मामले निपटाए; इमिग्रेशन-कस्टम अधिकारी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण अफ्रीका ने अपनी सीमाओं और प्रमुख प्रवेश-निकास बिंदुओं पर भ्रष्टाचार व धोखाधड़ी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, जहाँ बॉर्डर गार्ड, इमिग्रेशन और कस्टम अधिकारी सीधे रडार पर हैं। बॉर्डर मैनेजमेंट अथॉरिटी (BMA) के कमिश्नर माइकल मासियापाटो ने बताया कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ बर्खास्तगी और आपराधिक मुकदमा भी चलाया जा सकता है। यह घोषणा 3 अक्टूबर 2026 को जोहान्सबर्ग के ओआर टैम्बो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित एक भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के दौरान की गई।
पिछली तिमाही का हिसाब-किताब
BMA ने पिछली तिमाही में 57 मामलों का निपटारा किया, जो अंदरूनी नियमों के उल्लंघन, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार और अन्य अनियमितताओं से संबंधित थे। इसके अतिरिक्त 33 मामलों में विभागीय जाँच अभी भी जारी है। मासियापाटो ने स्पष्ट किया कि प्रवेश-बिंदुओं पर भ्रष्टाचार केवल किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं — इसमें बॉर्डर गार्ड, इमिग्रेशन अधिकारी, कस्टम कर्मी, पोर्ट ऑपरेटर और वे सभी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं जिनके पास निर्णय लेने का कोई भी अधिकार है।
भ्रष्टाचार के प्रमुख तरीके
अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर होने वाले भ्रष्टाचार में मुख्यतः चार गतिविधियाँ शामिल हैं — यात्रियों या तीसरे पक्षों के साथ मिलकर शुल्क और करों की चोरी, अवैध वस्तुओं की तस्करी में सहयोग, नियमित सेवाओं के बदले रिश्वत की माँग, और धोखाधड़ी से यात्रा या आव्रजन दस्तावेज जारी करना। मासियापाटो ने इन गतिविधियों को देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
2,000 से अधिक फर्जी वीजा का खुलासा
गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2026 में स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग यूनिट (SIU) ने खुलासा किया था कि दक्षिण अफ्रीका के इमिग्रेशन सिस्टम को एक तरह के 'बाज़ार' में तब्दील कर दिया गया था, जहाँ भ्रष्ट नेटवर्क के माध्यम से अधिक पैसे देने वालों को परमिट और वीजा बेचे जा रहे थे। इन नेटवर्कों में सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ बाहरी लोगों की संलिप्तता भी बताई गई थी। गृह मामलों के विभाग ने उस समय बताया था कि ऐसे नेटवर्क के ज़रिए 2,000 से अधिक स्टडी वीजा फर्जी तरीके से जारी किए गए, और उन्हें रद्द करने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण अफ्रीका अवैध प्रवासन की बढ़ती चुनौतियों से जूझ रहा है।
बहु-एजेंसी अभियान की भूमिका
ओआर टैम्बो एयरपोर्ट पर हुए इस संयुक्त अभियान में SIU, गृह मामलों का विभाग और नेशनल प्रॉसिक्यूटिंग अथॉरिटी सहित कई कानून-प्रवर्तन एजेंसियाँ एक साथ उतरीं। विशेषज्ञों के अनुसार, बहु-एजेंसी दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि सरकार केवल व्यक्तिगत अधिकारियों को नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
व्यापक माइग्रेशन नीति का हिस्सा
यह अभियान दक्षिण अफ्रीकी सरकार की उस व्यापक माइग्रेशन मैनेजमेंट योजना का अभिन्न हिस्सा है, जिसे जून 2026 में अपनाया गया था। राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने उस समय कहा था कि सरकार सीमा सुरक्षा को मज़बूत करेगी, इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और इमिग्रेशन सिस्टम में भ्रष्टाचार खत्म करने की कोशिश जारी रहेगी। आने वाले महीनों में और भी ऑपरेशन देश के अन्य प्रमुख बॉर्डर पोस्ट पर चलाए जाने की संभावना है।