दक्षिण कोरिया: डेयजॉन में कार पुर्जे के कारखाने में लगी भयंकर आग, 50 लोग घायल
सारांश
Key Takeaways
- दक्षिण कोरिया के डेयजॉन में कार पुर्जे के कारखाने में भीषण आग लगी।
- कम से कम 50 लोग घायल, 35 की हालत गंभीर।
- प्रधानमंत्री ने राहत कार्य के लिए सभी संसाधनों को सक्रिय किया।
- आग की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय फायर एजेंसी ने मदद जुटाई।
- ऐसी घटनाएँ सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को दर्शाती हैं।
डेयजॉन, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कोरिया के डेयजॉन शहर में एक कार पुर्जे बनाने वाले कारखाने में भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में कम से कम 50 लोग घायल हो गए, जिनमें से 35 की हालत गंभीर बताई गई है। यह जानकारी शुक्रवार को स्थानीय अधिकारियों द्वारा साझा की गई।
आग स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को दोपहर लगभग 1:17 बजे लगी। आग की तीव्रता देखते हुए नेशनल फायर एजेंसी ने देशभर से सहायता जुटाने का आदेश दिया। यह आदेश तब जारी किया जाता है जब स्थानीय प्रशासन के लिए आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।
दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन-सोक ने गृह मंत्रालय और फायर एजेंसी को तत्काल सभी आवश्यक संसाधन और कर्मियों को राहत और बचाव कार्य में लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने लोगों को सुरक्षित निकालने और आग बुझाने की प्रक्रिया को तेजी से करने का भी अनुरोध किया।
प्रधानमंत्री ने डेयजॉन महानगर सरकार और पुलिस को निर्देश दिया कि वे ट्रैफिक नियंत्रण और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने जैसे कदम उठाकर किसी भी अन्य नुकसान को रोकें।
इससे पहले, 14 मार्च को सियोल के जंग-गु इलाके में एक सात मंजिला इमारत में आग लगी थी, जिसमें 10 लोग घायल हुए थे। यह आग शाम करीब 6:10 बजे इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित एक गेस्टहाउस में शुरू हुई थी। इस घटना में 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 8 लोगों को हल्की चोटें आई थीं। घायलों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
फायर विभाग ने उस समय लेवल-1 आपातकालीन प्रतिक्रिया जारी की थी और राहत कार्य चलाया था।
इससे पहले, 10 फरवरी को दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र ग्योंगसान में एक तेल टैंक में विस्फोट के बाद आग लग गई थी। यह घटना सोल से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित एक बाहरी टैंक भंडारण केंद्र में हुई थी।
आग तेल भंडारण टैंक के ऊपरी हिस्से में हुए विस्फोट के बाद लगी थी। बाद में आग कुछ हद तक शांत हो गई थी, लेकिन मौके पर धुआं उठता देखा गया। प्रारंभिक राहत कार्य के अंत तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी।