दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग रोम दौरा समाप्त कर G7 के लिए फ्रांस रवाना
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मंगलवार, 16 जून 2026 को इटली की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी कर फ्रांस के एवियां-लेस-बैंस के लिए प्रस्थान किया, जहाँ वे जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित साझेदार देश के नेता के रूप में भाग लेंगे। उनका विमान रोम के लियोनार्डो द विंची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जिनेवा के लिए रवाना हुआ, जिसके बाद वे सड़क मार्ग से एवियां पहुँचेंगे।
यूरोप दौरे का संक्षिप्त विवरण
राष्ट्रपति ली पद संभालने के एक वर्ष बाद अपनी पहली यूरोप यात्रा पर पिछले मंगलवार से निकले हैं। इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य दक्षिण कोरिया के यूरोपीय देशों के साथ कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करना है। बेल्जियम के बाद इटली इस दौरे का दूसरा पड़ाव था, और एवियां अंतिम।
इटली में मुख्य बैठकें और समझौते
रोम में राष्ट्रपति ली ने इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मेट्टेलो और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत करने पर सहमति जताई। सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।
पोप लियो चौदहवें से मुलाकात और कोरियाई शांति
राष्ट्रपति ली ने वेटिकन में पोप लियो चौदहवें से भी भेंट की। इस बैठक में कोरियाई प्रायद्वीप में शांति प्रक्रिया पर चर्चा हुई और वेटिकन ने इस प्रयास के प्रति अपना दृढ़ समर्थन दोहराया। अधिकारियों के अनुसार, उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच संवाद की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ, और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत रहे कि कठिन राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद बातचीत जारी रहनी चाहिए।
सोमवार को राष्ट्रपति ली ने पोप को वर्ल्ड यूथ डे 2027 के लिए दक्षिण कोरिया आने का औपचारिक निमंत्रण दिया, जो 2027 में दक्षिण कोरिया में आयोजित होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वी सुंग लैक के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सहयोग पर सहमति जताई।
जी7 में दक्षिण कोरिया की भूमिका
एवियां में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में दक्षिण कोरिया को लगातार दूसरे वर्ष आमंत्रित साझेदार देश के रूप में शामिल किया गया है। यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक मंचों पर सियोल की कूटनीतिक प्रासंगिकता बढ़ रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव और वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा दोनों अपने चरम पर हैं।
आगे क्या
एवियां में जी7 सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ली विभिन्न विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की संभावना है, जिनमें व्यापार, सुरक्षा और तकनीक पर चर्चा केंद्र में रहेगी। यह यूरोप दौरा दक्षिण कोरिया की 'वैश्विक केंद्रीय राष्ट्र' की विदेश नीति दिशा को और पुख्ता करता है।