दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का यूरोप दौरा: बेल्जियम, इटली, वेटिकन और जी-7 शिखर सम्मेलन
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग जून में यूरोप का बहु-देशीय दौरा करेंगे, जिसमें बेल्जियम, इटली, वेटिकन सिटी और फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन (16-17 जून) शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लैक ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। यह लगातार दूसरा अवसर है जब दक्षिण कोरिया जी-7 नेताओं की बैठक में भागीदार के रूप में शामिल हो रहा है।
दौरे का चरणबद्ध कार्यक्रम
दौरे के पहले चरण में राष्ट्रपति ली मंगलवार से बुधवार तक ब्रुसेल्स में रहेंगे। वहाँ वे बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर और किंग फिलिप से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का विशेष महत्व है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है।
उसी दिन ली यूरोपीय संघ (EU) के साथ भी शिखर बैठक करेंगे, जहाँ कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग को औपचारिक रूप देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर संभव बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि EU दक्षिण कोरिया का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है। एंटवर्प-ब्रूजेस बंदरगाह — यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह — के साथ सहयोग से दक्षिण कोरियाई कंपनियों की यूरोपीय बाजार में पहुँच और मज़बूत होने की उम्मीद है।
इटली राजकीय दौरा
दूसरे चरण में राष्ट्रपति ली गुरुवार से शनिवार तक इटली के राजकीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा इतालवी राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला के निमंत्रण पर हो रहा है। गुरुवार को आधिकारिक स्वागत समारोह के बाद दोनों नेता शिखर बैठक करेंगे और संयुक्त प्रेस बयान जारी करेंगे। शुक्रवार को ली प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, और शनिवार को इटली के विशेष राजकीय मेहमान प्रोटोकॉल के तहत फ्लोरेंस का दौरा करेंगे।
वेटिकन में पोप से मुलाकात
तीसरे चरण में राष्ट्रपति ली 14 से 15 जून तक वेटिकन सिटी में रहेंगे। 15 जून को वे सेंट पीटर्स बेसिलिका में मास में शामिल होंगे और 16 जून को पोप लियो से मुलाकात करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस भेंट में कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और वैश्विक एकजुटता का संदेश केंद्र में रहेगा।
जी-7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी
दौरे के अंतिम चरण में राष्ट्रपति ली 16-17 जून को फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह भागीदारी जी-7 समूह के निमंत्रण पर हो रही है। बैठक में वे विकसित और विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का पक्ष रखने की संभावना है।
कूटनीतिक महत्व
यह यात्रा ली सरकार की यूरोप के साथ कूटनीतिक संबंध प्रगाढ़ करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब वैश्विक व्यापार तनाव और कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा स्थिति को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दक्षिण कोरिया की सक्रिय भूमिका की अपेक्षा बढ़ रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह दौरा वैश्विक मुद्दों पर दक्षिण कोरिया की भूमिका को और विस्तार देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।